केंद्र सरकार की आलोचना करने वाले कई सोशल मीडिया एक्स हैंडल्स पर बुधवार रात से भारत में रोक लगा दी गई है। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इन आदेशों की वजह क्या है।

साभार : द वायर/एक्स
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कई अकाउंट्स को बुधवार रात (18 मार्च) से भारत में रोक दिया गया है। ये अकाउंट केंद्र सरकार की आलोचनात्मक टिप्पणियां करते रहे हैं। इनमें पैरोडी अकाउंट @Nehr_who, @DrNimoYadav, @indian_armada और @DuckKiBaat शामिल हैं। इसके अलावा पत्रकार और एक्टिविस्ट संदीप सिंह (@ActivistSandeep), मनीष आरजे (@mrjethwani_) और डॉ. रंजन (@Doc_RGM) के अकाउंट भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं।
इन सभी अकाउंट्स पर अब एक संदेश दिखाई दे रहा है: “कानूनी मांग के जवाब में इस अकाउंट को भारत में रोक दिया गया है।”
हालांकि यह साफ नहीं है कि इन कार्रवाइयों के पीछे क्या वजह है, लेकिन ये सभी अकाउंट अपने पोस्ट और व्यंग्यात्मक कंटेंट के जरिए अल्पसंख्यकों के साथ केंद्र सरकार के व्यवहार, ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले, भारत में एलपीजी संकट और अन्य मुद्दों पर आलोचनात्मक रुख रखते रहे हैं।
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में प्रधानमंत्री या सरकार की आलोचना करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई में तेजी देखी गई है—खासकर प्रधानमंत्री के इज़रायल दौरे, ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले पर उनकी चुप्पी, ईरानी नेतृत्व की हत्या और भारत के पास अमेरिकी हमले में ईरानी नौसैनिक जहाज के डूबने जैसे घटनाक्रमों के बाद।
गुरुवार, 19 मार्च को इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने भारत में पोस्ट और अकाउंट्स को रोके जाने की लगातार मिल रही खबरों पर चिंता जताई।
आईएफएफ ने कहा, “फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम पर भारत में पोस्ट और अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने की लगातार आ रही खबरों को लेकर हम चिंतित हैं। इन मामलों में सरकार की आलोचना और व्यंग्य से जुड़े कंटेंट भी शामिल हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई यूजर्स को ‘भारत में रोका गया’ जैसे सामान्य नोटिस या आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत ईमेल मिल रहे हैं, जिनमें कार्रवाई के स्पष्ट कारण बहुत कम या बिल्कुल नहीं बताए जाते। वहीं, स्वतंत्र रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि हटाया गया कंटेंट अक्सर राजनीतिक, व्यंग्यात्मक या आलोचनात्मक होता है, न कि स्पष्ट रूप से अवैध।”
इस हालिया कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर कई पत्रकारों, नेताओं और यूज़र्स ने आलोचना की है। पब्लिक पॉलिसी शोधकर्ता और आईएफएफ के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रतीक वाघरे ने कहा कि एक्स पर अकाउंट्स पर पाबंदियों में वृद्धि हुई है। उन्होंने लिखा, “ऐसा लगता है कि हम प्रतिबंध/सस्पेंशन की एक नई छोटी लहर देख रहे हैं। यह ट्वीट्स के बजाय अकाउंट स्तर पर कार्रवाई है। 11 मार्च 2026 से अब तक ऐसे मामलों को दर्ज कर रहा हूं—अब तक 42 उदाहरण सामने आए हैं।”
वहीं, कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने इस कदम को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने लिखा, “कंटेंट को बिना वजह ब्लॉक और हटाने के बाद अब सोशल मीडिया अकाउंट्स को भारत में रोका जा रहा है। @Nehr_who @DrNimoYadav @ActivistSandeep @mrjethwani_ @indian_armada @Doc_RGM @DuckKiBaat सहित कई अकाउंट्स को रोका गया है। यह अस्वीकार्य है।”
2.6 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स वाले एक गुमनाम व्यंग्य अकाउंट पंस्टरएक्स ने इसे “एंटी-एस्टैब्लिशमेंट अकाउंट्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर सफाई अभियान” बताया। वहीं, राजनीतिक कंटेंट क्रिएटर अर्पित शर्मा ने लिखा, “सरकार की आलोचना करने वाली कई इंस्टाग्राम रील्स भारत में रोकी जा रही हैं, एक्स पर कई पोस्ट भी रोकी जा रही हैं—क्या यही लोकतंत्र है?”
उल्लेखनीय है कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच हाल में सरकार या प्रधानमंत्री की आलोचना करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है।
द वायर ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए का इस्तेमाल करते हुए ऐसे कई सोशल मीडिया पोस्ट्स को ब्लॉक कर रही है, जिनमें एक समान बात यह है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों, शैली या रवैये की तीखी आलोचना या व्यंग्य करते हैं।
कुछ दिन पहले @Doc_RGM द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो—जिसमें मोदी की डिग्री सार्वजनिक न करने पर व्यंग्य किया गया था—को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया था। अब उस अकाउंट को ही रोक दिया गया है।
28 फरवरी 2026 को द वायर के एक व्यंग्यात्मक एनिमेटेड कार्टून—जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को उनके इजरायल दौरे के दौरान एक ‘मेडल’ दिए जाने को हास्यपूर्ण तरीके से दिखाया गया था—को भी एक्स पर रोका गया था। इससे कुछ दिन पहले, 9 फरवरी को द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट भी एक व्यंग्यात्मक कार्टून के कारण भारत में दो घंटे से अधिक समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया था।
बता दें कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने एक्स को करीब 1,400 पोस्ट या अकाउंट हटाने के आदेश दिए थे। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि आईटी मंत्रालय के अलावा गृह, विदेश, रक्षा और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों को भी आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट ब्लॉक करने के आदेश देने का अधिकार दिया जाए।
फिलहाल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अंतिम निर्देश जारी करने का अधिकार केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास है, जो विभिन्न अनुरोधों की समीक्षा के बाद निर्णय लेता है।
Related

साभार : द वायर/एक्स
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर कई अकाउंट्स को बुधवार रात (18 मार्च) से भारत में रोक दिया गया है। ये अकाउंट केंद्र सरकार की आलोचनात्मक टिप्पणियां करते रहे हैं। इनमें पैरोडी अकाउंट @Nehr_who, @DrNimoYadav, @indian_armada और @DuckKiBaat शामिल हैं। इसके अलावा पत्रकार और एक्टिविस्ट संदीप सिंह (@ActivistSandeep), मनीष आरजे (@mrjethwani_) और डॉ. रंजन (@Doc_RGM) के अकाउंट भी इस कार्रवाई की जद में आए हैं।
इन सभी अकाउंट्स पर अब एक संदेश दिखाई दे रहा है: “कानूनी मांग के जवाब में इस अकाउंट को भारत में रोक दिया गया है।”
हालांकि यह साफ नहीं है कि इन कार्रवाइयों के पीछे क्या वजह है, लेकिन ये सभी अकाउंट अपने पोस्ट और व्यंग्यात्मक कंटेंट के जरिए अल्पसंख्यकों के साथ केंद्र सरकार के व्यवहार, ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले, भारत में एलपीजी संकट और अन्य मुद्दों पर आलोचनात्मक रुख रखते रहे हैं।
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, हाल के दिनों में प्रधानमंत्री या सरकार की आलोचना करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई में तेजी देखी गई है—खासकर प्रधानमंत्री के इज़रायल दौरे, ईरान पर अमेरिका-इज़रायल हमले पर उनकी चुप्पी, ईरानी नेतृत्व की हत्या और भारत के पास अमेरिकी हमले में ईरानी नौसैनिक जहाज के डूबने जैसे घटनाक्रमों के बाद।
गुरुवार, 19 मार्च को इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने भारत में पोस्ट और अकाउंट्स को रोके जाने की लगातार मिल रही खबरों पर चिंता जताई।
आईएफएफ ने कहा, “फेसबुक, एक्स और इंस्टाग्राम पर भारत में पोस्ट और अकाउंट्स को ब्लॉक किए जाने की लगातार आ रही खबरों को लेकर हम चिंतित हैं। इन मामलों में सरकार की आलोचना और व्यंग्य से जुड़े कंटेंट भी शामिल हैं। हालिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई यूजर्स को ‘भारत में रोका गया’ जैसे सामान्य नोटिस या आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत ईमेल मिल रहे हैं, जिनमें कार्रवाई के स्पष्ट कारण बहुत कम या बिल्कुल नहीं बताए जाते। वहीं, स्वतंत्र रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि हटाया गया कंटेंट अक्सर राजनीतिक, व्यंग्यात्मक या आलोचनात्मक होता है, न कि स्पष्ट रूप से अवैध।”
इस हालिया कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर कई पत्रकारों, नेताओं और यूज़र्स ने आलोचना की है। पब्लिक पॉलिसी शोधकर्ता और आईएफएफ के पूर्व कार्यकारी निदेशक प्रतीक वाघरे ने कहा कि एक्स पर अकाउंट्स पर पाबंदियों में वृद्धि हुई है। उन्होंने लिखा, “ऐसा लगता है कि हम प्रतिबंध/सस्पेंशन की एक नई छोटी लहर देख रहे हैं। यह ट्वीट्स के बजाय अकाउंट स्तर पर कार्रवाई है। 11 मार्च 2026 से अब तक ऐसे मामलों को दर्ज कर रहा हूं—अब तक 42 उदाहरण सामने आए हैं।”
वहीं, कांग्रेस की सोशल मीडिया विभाग की प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत ने इस कदम को ‘अस्वीकार्य’ बताया। उन्होंने लिखा, “कंटेंट को बिना वजह ब्लॉक और हटाने के बाद अब सोशल मीडिया अकाउंट्स को भारत में रोका जा रहा है। @Nehr_who @DrNimoYadav @ActivistSandeep @mrjethwani_ @indian_armada @Doc_RGM @DuckKiBaat सहित कई अकाउंट्स को रोका गया है। यह अस्वीकार्य है।”
2.6 मिलियन से अधिक फॉलोअर्स वाले एक गुमनाम व्यंग्य अकाउंट पंस्टरएक्स ने इसे “एंटी-एस्टैब्लिशमेंट अकाउंट्स के खिलाफ बड़े पैमाने पर सफाई अभियान” बताया। वहीं, राजनीतिक कंटेंट क्रिएटर अर्पित शर्मा ने लिखा, “सरकार की आलोचना करने वाली कई इंस्टाग्राम रील्स भारत में रोकी जा रही हैं, एक्स पर कई पोस्ट भी रोकी जा रही हैं—क्या यही लोकतंत्र है?”
उल्लेखनीय है कि विभिन्न अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और भारत की प्रतिक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच हाल में सरकार या प्रधानमंत्री की आलोचना करने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आई है।
द वायर ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए का इस्तेमाल करते हुए ऐसे कई सोशल मीडिया पोस्ट्स को ब्लॉक कर रही है, जिनमें एक समान बात यह है कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी नीतियों, शैली या रवैये की तीखी आलोचना या व्यंग्य करते हैं।
कुछ दिन पहले @Doc_RGM द्वारा पोस्ट किए गए एक वीडियो—जिसमें मोदी की डिग्री सार्वजनिक न करने पर व्यंग्य किया गया था—को ब्लॉक करने का आदेश दिया गया था। अब उस अकाउंट को ही रोक दिया गया है।
28 फरवरी 2026 को द वायर के एक व्यंग्यात्मक एनिमेटेड कार्टून—जिसमें प्रधानमंत्री मोदी को उनके इजरायल दौरे के दौरान एक ‘मेडल’ दिए जाने को हास्यपूर्ण तरीके से दिखाया गया था—को भी एक्स पर रोका गया था। इससे कुछ दिन पहले, 9 फरवरी को द वायर का इंस्टाग्राम अकाउंट भी एक व्यंग्यात्मक कार्टून के कारण भारत में दो घंटे से अधिक समय के लिए ब्लॉक कर दिया गया था।
बता दें कि मार्च 2024 से जून 2025 के बीच केंद्र और राज्य सरकारों ने एक्स को करीब 1,400 पोस्ट या अकाउंट हटाने के आदेश दिए थे। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार इस बात पर भी विचार कर रही है कि आईटी मंत्रालय के अलावा गृह, विदेश, रक्षा और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालयों को भी आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को कंटेंट ब्लॉक करने के आदेश देने का अधिकार दिया जाए।
फिलहाल, इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को अंतिम निर्देश जारी करने का अधिकार केवल इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पास है, जो विभिन्न अनुरोधों की समीक्षा के बाद निर्णय लेता है।
Related
शादी के लिए माता-पिता की सहमति? गुजरात की एक अजीबो-गरीब राजनीतिक पहल
ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026 को तुरंत वापस लिया जाए!