यह विवाद बाद में हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। अगले दिन हाईवे जाम, आगजनी, बुलडोजर कार्रवाई और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने जैसी घटनाएं सामने आईं।

साभार : टाइम्स ऑफ इंडिया
देहरादून के सहसपुर इलाके में शनिवार शाम सार्वजनिक ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई को लेकर हुए विवाद में बीजेपी युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी की हत्या कर दी गई। यह विवाद बाद में हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। अगले दिन हाईवे जाम, आगजनी, बुलडोजर कार्रवाई और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने जैसी घटनाएं सामने आईं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि देहरादून जिले में बीजेपी युवा मोर्चा की ओबीसी विंग के सोशल मीडिया सह-प्रभारी 48 वर्षीय विनोद कुमार कश्यप की सिर पर हथौड़े से किए गए हमले में मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब विनोद के छोटे भाई अशोक कुमार, जो एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े बताए जाते हैं, सार्वजनिक बोरवेल के पानी से अपने खेत की सिंचाई करने गए। मुख्य आरोपी इम्तियाज का खेत उनके खेत से सटा हुआ था और उसके परिवार ने पानी के बहाव पर आपत्ति जताई।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बहस पहले खेतों में हुई और बाद में अशोक के घर तक पहुंच गई।
डोबाल ने कहा, "इम्तियाज और उसके परिवार के सदस्यों, जिनके खेत अशोक के खेत से सटे हुए हैं, ने इस पर आपत्ति जताई। जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इम्तियाज और उसके परिवार के सदस्यों ने अशोक और उनके रिश्तेदार राजेश के साथ मारपीट की। इसके बाद अशोक और उनके रिश्तेदार घर लौट गए। बाद में इम्तियाज 11 नामजद आरोपियों और लगभग 40 अज्ञात लोगों के साथ अशोक के घर पहुंचा।"
पुलिस के अनुसार, जब अशोक और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो समूह ने उन पर हमला कर दिया।
डोबाल ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 109 (हत्या का प्रयास), 191(2) (दंगा) और 3(5) (साझा आपराधिक मंशा के तहत अपराध) सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है।
हत्या के बाद रविवार को इलाके में तनाव फैल गया। दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने देहरादून को पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।
विनोद कश्यप के परिजनों ने शुरू में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार लोगों को शांत करने की कोशिश करते रहे।
दोपहर तक स्थिति और बिगड़ गई, जब एक भीड़ इम्तियाज के घर पहुंची और उसमें आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बाद में प्रशासन ने एक अन्य आरोपी अमन अली के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया।
पुलिस ने जवाबी हिंसा और आगजनी के मामले में लगभग 30 लोगों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें 25 अज्ञात आरोपी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हत्या के मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।"
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साभार : टाइम्स ऑफ इंडिया
देहरादून के सहसपुर इलाके में शनिवार शाम सार्वजनिक ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई को लेकर हुए विवाद में बीजेपी युवा मोर्चा के एक पदाधिकारी की हत्या कर दी गई। यह विवाद बाद में हिंसक झड़प में बदल गया, जिसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। अगले दिन हाईवे जाम, आगजनी, बुलडोजर कार्रवाई और इंटरनेट सेवाएं बंद किए जाने जैसी घटनाएं सामने आईं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि देहरादून जिले में बीजेपी युवा मोर्चा की ओबीसी विंग के सोशल मीडिया सह-प्रभारी 48 वर्षीय विनोद कुमार कश्यप की सिर पर हथौड़े से किए गए हमले में मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, विवाद तब शुरू हुआ जब विनोद के छोटे भाई अशोक कुमार, जो एक दक्षिणपंथी संगठन से जुड़े बताए जाते हैं, सार्वजनिक बोरवेल के पानी से अपने खेत की सिंचाई करने गए। मुख्य आरोपी इम्तियाज का खेत उनके खेत से सटा हुआ था और उसके परिवार ने पानी के बहाव पर आपत्ति जताई।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि बहस पहले खेतों में हुई और बाद में अशोक के घर तक पहुंच गई।
डोबाल ने कहा, "इम्तियाज और उसके परिवार के सदस्यों, जिनके खेत अशोक के खेत से सटे हुए हैं, ने इस पर आपत्ति जताई। जल्द ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जो हाथापाई में बदल गई। आरोप है कि इम्तियाज और उसके परिवार के सदस्यों ने अशोक और उनके रिश्तेदार राजेश के साथ मारपीट की। इसके बाद अशोक और उनके रिश्तेदार घर लौट गए। बाद में इम्तियाज 11 नामजद आरोपियों और लगभग 40 अज्ञात लोगों के साथ अशोक के घर पहुंचा।"
पुलिस के अनुसार, जब अशोक और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो समूह ने उन पर हमला कर दिया।
डोबाल ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103 (हत्या), 109 (हत्या का प्रयास), 191(2) (दंगा) और 3(5) (साझा आपराधिक मंशा के तहत अपराध) सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है।
हत्या के बाद रविवार को इलाके में तनाव फैल गया। दक्षिणपंथी संगठनों के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने देहरादून को पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया।
विनोद कश्यप के परिजनों ने शुरू में आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन मिलने तक शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार लोगों को शांत करने की कोशिश करते रहे।
दोपहर तक स्थिति और बिगड़ गई, जब एक भीड़ इम्तियाज के घर पहुंची और उसमें आग लगा दी।
पुलिस ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। बाद में प्रशासन ने एक अन्य आरोपी अमन अली के मकान पर बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उसे ध्वस्त कर दिया।
पुलिस ने जवाबी हिंसा और आगजनी के मामले में लगभग 30 लोगों के खिलाफ अलग से मुकदमा दर्ज किया है, जिनमें 25 अज्ञात आरोपी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हत्या के मामले में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा, "उत्तराखंड में कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हत्या के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पुलिस सभी कानूनी पहलुओं की समीक्षा कर रही है, ताकि दोषियों के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।"
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