“उन्होंने राकेश से पूछा कि वह वहां क्यों है और उसे थप्पड़ मार दिया। जब राकेश ने मेरे भाई को बताया कि परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की है...”

साभार : इंडियन एक्सप्रेस
उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक शादी समारोह के दौरान पानी के बर्तन से पानी पीने को लेकर हुए विवाद में दो दलित भाइयों पर कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों भाइयों में से एक ने शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
उमेश टम्टा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रविवार रात उनके भाई शुभम और रिश्तेदार राकेश आर्य व अजय आर्य, देवल मल्ला गांव में एक शादी में DJ सिस्टम चलाने के लिए गए थे। इसी दौरान राकेश आर्य पानी के बर्तन से पानी पीने गए, तभी कथित तौर पर दूल्हे के परिवार वालों ने उन्हें निशाना बनाया।
टम्टा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “उन्होंने राकेश से पूछा कि वह वहां क्यों है और उसे थप्पड़ मार दिया। जब राकेश ने मेरे भाई को बताया कि परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की है, तो शुभम उनसे बात करने के लिए घर गया। वहां मौजूद एक युवक को उसने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उस युवक ने अपने चाचा और दोस्तों को बुला लिया और शुभम पर हमला शुरू कर दिया। इस दौरान जातिसूचक गालियां भी दी गईं।”
कथित तौर पर शुभम के चेहरे और शरीर पर लात-घूंसों से हमला किया गया और वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। जब टम्टा को घटना की जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंचे, जहां कथित तौर पर उनके सिर पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया।
टम्टा ने आरोप लगाया, “मैंने उनसे पूछा कि वे मेरे भाई को क्यों पीट रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभम ने उनके भाई को मारा था और फिर मेरे सिर पर रॉड से हमला कर दिया। जब मेरे सिर से खून बह रहा था, तभी एक अन्य व्यक्ति ने मेरा गला घोंटने की कोशिश की। मैं उनसे रुकने की गुहार लगा रहा था और मुझे लगा जैसे मैं अपनी आखिरी सांसें ले रहा हूं। तभी किसी ने बीच-बचाव कर उन्हें रोका। इस दौरान हमें जातिसूचक गालियां भी दी गईं।”
परिवार का दावा है कि टम्टा के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनके भाई की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। दोनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिकायत में हत्या के प्रयास और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और टम्टा के परिवार वालों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दूसरे पक्ष की ओर से भी एक जवाबी शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस घटना में उनकी मां घायल हुई हैं। काठगोदाम पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि BNSS की धारा 172 के तहत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कहा, “हम इस घटना की जांच कर रहे हैं और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना किस वजह से हुई और क्या यह हिंसा जाति-आधारित थी।”
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साभार : इंडियन एक्सप्रेस
उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक शादी समारोह के दौरान पानी के बर्तन से पानी पीने को लेकर हुए विवाद में दो दलित भाइयों पर कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों भाइयों में से एक ने शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
उमेश टम्टा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, रविवार रात उनके भाई शुभम और रिश्तेदार राकेश आर्य व अजय आर्य, देवल मल्ला गांव में एक शादी में DJ सिस्टम चलाने के लिए गए थे। इसी दौरान राकेश आर्य पानी के बर्तन से पानी पीने गए, तभी कथित तौर पर दूल्हे के परिवार वालों ने उन्हें निशाना बनाया।
टम्टा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “उन्होंने राकेश से पूछा कि वह वहां क्यों है और उसे थप्पड़ मार दिया। जब राकेश ने मेरे भाई को बताया कि परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की है, तो शुभम उनसे बात करने के लिए घर गया। वहां मौजूद एक युवक को उसने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उस युवक ने अपने चाचा और दोस्तों को बुला लिया और शुभम पर हमला शुरू कर दिया। इस दौरान जातिसूचक गालियां भी दी गईं।”
कथित तौर पर शुभम के चेहरे और शरीर पर लात-घूंसों से हमला किया गया और वह फिलहाल अस्पताल में भर्ती है। जब टम्टा को घटना की जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंचे, जहां कथित तौर पर उनके सिर पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया।
टम्टा ने आरोप लगाया, “मैंने उनसे पूछा कि वे मेरे भाई को क्यों पीट रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभम ने उनके भाई को मारा था और फिर मेरे सिर पर रॉड से हमला कर दिया। जब मेरे सिर से खून बह रहा था, तभी एक अन्य व्यक्ति ने मेरा गला घोंटने की कोशिश की। मैं उनसे रुकने की गुहार लगा रहा था और मुझे लगा जैसे मैं अपनी आखिरी सांसें ले रहा हूं। तभी किसी ने बीच-बचाव कर उन्हें रोका। इस दौरान हमें जातिसूचक गालियां भी दी गईं।”
परिवार का दावा है कि टम्टा के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनके भाई की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। दोनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिकायत में हत्या के प्रयास और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों और टम्टा के परिवार वालों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दूसरे पक्ष की ओर से भी एक जवाबी शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस घटना में उनकी मां घायल हुई हैं। काठगोदाम पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि BNSS की धारा 172 के तहत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कहा, “हम इस घटना की जांच कर रहे हैं और दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घटना किस वजह से हुई और क्या यह हिंसा जाति-आधारित थी।”
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