नोटबंदी के बाद पति की मौत, पीएम मोदी और उर्जित पटेल के खिलाफ तहरीर

Published on: November 26, 2016
कासगंज। नोटबंदी के चलते इलाज के अभाव में एक रिक्शा चालक की मौत हो गई। मृतक की पत्नी ने पति की मौत के लिए मोदी सरकार, आरबीआई गवर्नर और स्थानीय बैंक प्रबंधक को जिम्मेदार ठहराया। उसका का आरोप है कि उसका पति बीमार था। पुराने नोट होने के कारण उसका इलाज नहीं हो सका। जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक के पत्नी ने पीएम मोदी, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल और स्थानीय एसबीआई बैंक प्रबंधक के खिलाफ थाने में तहरीर भी दी है।




बैंक में नहीं बदले गए नोट
जानकारी के मुताबिक, गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र के गांव सुजवालपुर नई बस्ती में मुज्जमिल किराये के मकान में अपनी पत्नी खुशनुमा और अपने चार बच्चों के साथ रहता था। मुज्जमिल रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करता था। बीते दिनों मुज्जमिल की तबीयत बिगड़ गई। नोटबंदी के कारण पत्नी खुशनुमा अपने पति का उचित इलाज नहीं करा सकी। दो दिनों तक वो बैंक के चक्कर काटती रही, लेकिन पुराने नोट नहीं बदले गए।

वक्त पर नहीं मिला इलाज
जब बैंक में रुपए नहीं बदले गए तो मोहल्ले के लोगों ने चंदा कर रुपए इकट्ठा किए और मुज्जमिल को हाथरस के एक अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन यहां उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। जिसके बाद डॉक्टरों ने उसे अलीगढ़ रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले उसकी मौत हो गई। मुज्जमिल की मौत के बाद खुशनुमा और उसके बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है।


complaint
तहरीर की प्रति

गंजडुंडवारा थाना में दी तहरीर
खुशनुमा ने पीएम नरेंद्र मोदी, आरबीआई गर्वनर उर्जित पटेल और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के शाखा प्रबंधक को पति की मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए गंजडुंडवारा थाना में तहरीर दी है। खुशनुमा का कहना है कि अगर पुराने नोट बंद न होते तो उसके पति को वक्त पर उचित इलाज मिलता और शायद वो बच जाता।

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Courtesy: Patrika.com

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