'कोई बड़ी बात नहीं': राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने NEET-UG परीक्षा रद्द होने पर कहा

Written by sabrang india | Published on: May 16, 2026
दिलावर ने पत्रकारों से कहा, “जांच एजेंसियों को जरूर कुछ गड़बड़ियां मिली होंगी, इसलिए इसे रद्द करना कोई बड़ी बात नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां भी कोई गड़बड़ी मिलेगी, सरकार उसे ठीक करने का काम करेगी।”



राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने को कोई बड़ी चिंता की बात न बताकर विवाद खड़ा कर दिया है।

मंत्री ने कहा कि सरकार को जहां भी कोई गड़बड़ी मिलेगी, वह उसे “ठीक” कर देगी। दूसरी ओर, पूरे देश में परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राएं वर्षों की मेहनत बेकार जाने से निराश हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि पेपर लीक होने के कारण परीक्षा के 180 में से 135 सवाल लीक हो गए थे।

दिलावर ने पत्रकारों से कहा, “जांच एजेंसियों को जरूर कुछ गड़बड़ियां मिली होंगी, इसलिए इसे रद्द करना कोई बड़ी बात नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “जहां भी कोई गड़बड़ी मिलेगी, सरकार उसे ठीक करने का काम करेगी।”

इस बीच, राजस्थान के मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने सरकार के इस कदम का बचाव करते हुए कहा, “सरकार की संवेदनशीलता देखिए। जब यह बात सामने आई कि परीक्षा का पेपर लीक हो गया है, तो सरकार ने तुरंत परीक्षा रद्द कर दी और CBI जांच के आदेश दे दिए। जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह केरल का हो या सीकर का, अब कानून के शिकंजे से बच नहीं पाएगा।”

मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) ने यह साबित कर दिया है कि NEET के 180 में से 135 सवालों वाला एक हाथ से लिखा हुआ ‘गेस पेपर’ 29 अप्रैल से ही सर्कुलेट हो रहा था — यानी परीक्षा से चार दिन पहले। यह पेपर नासिक, हरियाणा, राजस्थान और केरल तक फैले एक नेटवर्क के जरिए पहुंचाया गया था और कुछ जगहों पर इसे 30 लाख रुपये तक में बेचा जा रहा था।

SOG के IG अजय पाल लांबा ने पुष्टि की कि 150 से ज्यादा छात्रों और उनके अभिभावकों से पूछताछ के बाद यह साफ हो गया कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही यह पेपर राजस्थान में सर्कुलेट हो चुका था। जांच में पता चला कि यह पेपर हरियाणा के एक व्यक्ति के पास से आया था, जिसे यह महाराष्ट्र के नासिक से मिला था।

नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने इस मामले पर कोई बचाव नहीं किया। बताया जा रहा है कि वे बिना कोई बयान दिए ही पत्रकारों के सामने से चले गए।

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot ने राज्य की BJP सरकार पर दो हफ्तों तक इस मामले को दबाए रखने और “युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने” का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक से जुड़ी जानकारी मिलने के बावजूद समय पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

इसके बाद CBI ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। अब तक राजस्थान और महाराष्ट्र से 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। नई परीक्षा की तारीखों का ऐलान अभी तक नहीं किया गया है।

NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, NEET परीक्षा पेपर लीक की जांच में CBI ने बड़ी सफलता का दावा करते हुए कहा है कि उसने इस साजिश के “सरगना” को गिरफ्तार कर लिया है। इस लीक से लगभग 23 लाख छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है।

जांच एजेंसी ने शुक्रवार को बताया कि उसने पुणे के केमिस्ट्री प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी को हिरासत में लिया है और उन्हें इस लीक का मुख्य स्रोत बताया है। अधिकारियों के अनुसार, कुलकर्णी — जो इस मामले में एजेंसी द्वारा की गई आठवीं गिरफ्तारी है — को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में शामिल होने के कारण मेडिकल प्रवेश परीक्षा के पेपर तक पहुंच प्राप्त थी, और उन्होंने इसी का फायदा उठाकर छात्रों को प्रश्न लीक कर दिए।

महाराष्ट्र के लातूर के रहने वाले कुलकर्णी पुणे स्थित अपने घर पर ‘राज कोचिंग क्लासेस’ के नाम से निजी तौर पर भी पढ़ाते थे। अप्रैल के आखिरी सप्ताह में — NEET परीक्षा से ठीक पहले — उन्होंने एक क्लास आयोजित की थी। इस दौरान उन्होंने छात्रों को प्रश्न, उनके विकल्प और सही उत्तर बोलकर लिखवाए, जिन्हें छात्रों ने अपनी कॉपियों में नोट कर लिया।

एक अधिकारी ने बताया कि जब छात्रों की कॉपियों में लिखे प्रश्नों का मिलान 3 मई को हुई परीक्षा के वास्तविक प्रश्न पत्र से किया गया, तो कई प्रश्न हूबहू एक जैसे पाए गए। इससे CBI को यह साबित करने में मदद मिली कि पेपर लीक का मुख्य स्रोत कोई ऐसा व्यक्ति था, जो सीधे तौर पर परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ा हुआ था।

कुलकर्णी से जुड़ी एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे को गुरुवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था और अब एजेंसी इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर ध्यान दे रही है।

अधिकारियों के अनुसार, वाघमारे, जो एक ब्यूटी पार्लर चलाती थी, छात्रों को मेडिकल परीक्षा के लीक हुए पेपर और कॉलेज में दाखिला दिलाने का वादा करके फंसाती थी। वह हर छात्र से लाखों रुपये लेती थी और उन्हें कुलकर्णी के पास भेज देती थी।

छापेमारी और गिरफ्तारियां

CBI अब राज्यों में फैले पेपर लीक नेटवर्क के भौगोलिक विस्तार का भी पता लगाने की कोशिश कर रही है।

पिछले कुछ घंटों में CBI ने देशभर में कई जगहों पर छापेमारी की है। कई अहम दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी अब फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जा रही है।

CBI ने बताया कि उसने मंगलवार को शिक्षा मंत्रालय के तहत उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत के आधार पर इस लीक के संबंध में मामला दर्ज किया और तुरंत जांच शुरू करने के लिए विशेष टीमें गठित कीं।

जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर से आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों में से पांच को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया और सात दिनों की हिरासत में भेज दिया गया।

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