वाराणसी : 200 साल पुरानी अजगैब शहीद की मजार, मस्जिद और हनुमान मंदिर को किया गया ध्वस्त

Written by sabrang india | Published on: June 4, 2026
वाराणसी में काशी रेलवे स्टेशन परिसर स्थित अजगैब शहीद की पुरानी मजार और उससे संबंधित मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान के तहत हटा दिया। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई काशी मॉडल स्टेशन परियोजना के अंतर्गत की गई है।


साभार : न्यूज18

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित काशी रेलवे स्टेशन परिसर में मौजूद अजगैब शहीद की मजार और उससे सटी मस्जिद को प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया। यह मस्जिद राजघाट क्षेत्र स्थित काशी रेलवे स्टेशन परिसर में थी।

वाराणसी के भदऊ चुंगी स्थित किला कोहना इलाके में भी अजगैब शहीद की मजार, मस्जिद और कब्रिस्तान मौजूद हैं। मुस्लिम पक्ष का दावा है कि संबंधित मस्जिद का इतिहास कई सौ वर्ष पुराना है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मस्जिद लगभग 200 वर्ष पुरानी बताई जाती है।

न्यूज18 की रिपोर्ट के अनुसार, मजार, मस्जिद और उससे सटा क्षेत्र रेलवे की जमीन पर स्थित था। वर्ष 2024 में काशी मॉडल स्टेशन परियोजना के दौरान इस कथित अतिक्रमण का पता चला, जिसके बाद रेलवे ने भूमि खाली करने का नोटिस जारी किया था। यह मामला करीब दो वर्षों से अदालत में विचाराधीन था और हाल ही में मजार एवं मस्जिद पक्ष को अदालत से राहत नहीं मिली।

इसके बाद रेलवे प्रशासन ने कथित अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रेलवे की भूमि पर बने ढांचे को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान वाराणसी पुलिस के कई थानों की फोर्स के साथ रेलवे सुरक्षा बल भी तैनात रहा।

वाराणसी के आदमपुर थाना क्षेत्र स्थित राजघाट के पास रेलवे की भूमि पर बनी मस्जिद को रेलवे प्रशासन ने ध्वस्तीकरण अभियान के तहत हटा दिया। प्रशासन का कहना है कि यह निर्माण रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण कर किया गया था।

काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार की योजना के तहत रेलवे ने संबंधित भूमि को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की थी। अधिकारियों के अनुसार, इस संबंध में मस्जिद प्रबंधन (मुतवल्ली) को लगभग डेढ़ माह पहले नोटिस जारी किया गया था। निर्धारित अवधि के भीतर भूमि खाली नहीं किए जाने पर रेलवे प्रशासन ने बुधवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

अभियान के दौरान मस्जिद के अलावा रेलवे भूमि पर मौजूद अन्य कथित अतिक्रमणों को भी हटाया गया और पूरे क्षेत्र को समतल कर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई स्टेशन विस्तार परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान आधा दर्जन से अधिक बुलडोजर लगाए गए थे, जो लगातार निर्माणों को हटाने और मलबा साफ करने में जुटे रहे। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भूमि की पैमाइश के दौरान रेलवे क्षेत्र में किए गए कथित अतिक्रमण की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने संबंधित पक्षों को समय-समय पर नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए थे।

अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई पूरी होने के बाद अब काशी रेलवे स्टेशन के विस्तार और विकास से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में सुविधा होगी।

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, रेलवे की जमीन पर बना एक हनुमान मंदिर भी इस अभियान के दौरान हटा दिया गया।

रेलवे ने पहले मस्जिद के केयरटेकर को भूमि खाली करने का नोटिस जारी किया था। रेलवे का दावा था कि यह ढांचा काशी रेलवे स्टेशन परिसर के भीतर उसकी जमीन पर स्थित था। कथित अतिक्रमण की जानकारी तब सामने आई, जब काशी मॉडल स्टेशन परियोजना पर काम शुरू हुआ।

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