UP: 'चोरी' के आरोप में दलित लड़की को पेड़ से बांधकर पीटा गया; वाराणसी में नाबालिग दलित छात्रा का अपहरण कर रेप

Written by sabrang india | Published on: June 3, 2026
उत्तर प्रदेश के देवरिया में दलित लड़की को चोरी के शक में पेड़ से बांधकर पीटा गया, वहीं वाराणसी में एक नाबालिग दलित छात्रा का अपहरण कर उससे बार-बार रेप किया गया।



उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक व्यक्ति को कथित तौर पर एक दलित लड़की को पेड़ से बांधकर पीटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। यह घटना देवरिया के एक गांव में हुई, जहां उस व्यक्ति ने कथित तौर पर लड़की को अपनी दुकान से चोरी करते हुए पकड़ा था। पुलिस ने मीडिया को यह जानकारी दी।

डेक्कन हेराल्ड की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई तब की गई जब इस घटना का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना तरकुलवा थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में हुई थी।

पुलिस के अनुसार, आरोपी हरिकेश गुप्ता, जो गांव में एक किराने की दुकान चलाता है, ने कथित तौर पर 14 वर्षीय एक लड़की को अपनी दुकान से चोरी करने के संदेह में पकड़ लिया था।

लड़की के परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने पहले लड़की को उसके बालों से पकड़कर पूरे गांव में घसीटा और बाद में उसे अपने घर के बाहर लगे एक नीम के पेड़ से बांधकर उसके साथ मारपीट की।

इस घटना का वीडियो वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया था, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया।

पुलिस ने बताया कि उन्हें 31 मई को इमरजेंसी हेल्पलाइन 112 के जरिए इस घटना की जानकारी मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और लड़की को वहां से सुरक्षित छुड़ाया।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित लड़की अनुसूचित जाति (SC) समुदाय से ताल्लुक रखती है।

आरोपी गुप्ता के खिलाफ 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) और 'अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

सर्किल ऑफिसर सुनील कुमार रेड्डी ने बताया कि पुलिस ने इस मामले का संज्ञान तब लिया, जब उन्हें यह जानकारी मिली कि एक दुकानदार चोरी के शक में एक लड़की से जबरदस्ती पूछताछ कर रहा है। अधिकारी ने कहा, "आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।"

दलित छात्रा का अपहरण कर रेप

वहीं, राज्य के वाराणसी के चौबेपुर इलाके में 14 साल की एक दलित स्कूली छात्रा का अपहरण कर लिया गया और 20 दिनों तक तीन लोगों ने उसके साथ बार-बार सामूहिक दुष्कर्म किया। आरोप है कि जैसे-जैसे आरोपियों पर पुलिस का दबाव बढ़ा, वे लड़की को अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखते रहे। पुलिस और पीड़ित परिवार ने इसकी जानकारी दी है।

दैनिक भास्कर (अंग्रेजी) की रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के रिश्तेदारों को एक बंद घर में कुछ हलचल होने का शक हुआ, जिसका संबंध आरोपियों में से एक से था। उन्होंने तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। बरामदगी के वक्त लड़की गहरे सदमे में थी। पुलिस अधिकारियों ने मौके से दो संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस पर मामला दबाने का आरोप

परिवार का गंभीर आरोप है कि बच्ची को स्थानीय पुलिस चौकी पर लाने के बाद पुलिस ने मामले को दबाने की कोशिश की। उनका दावा है कि अधिकारियों ने लड़की पर दबाव डालकर उसकी मां के खिलाफ एक वीडियो बयान रिकॉर्ड करवाया और फिर उन्हें चौकी से भगा दिया। बाद में पुलिस ने लड़की का मेडिकल परीक्षण तो करवाया, लेकिन परिवार का कहना है कि पुलिस केस को अपने हिसाब से गढ़ने (कमजोर करने) की कोशिश कर रही है।

परिवार ने पुलिस चौकी के स्टाफ पर डराने-धमकाने और मामले को रफा-दफा करने का आरोप लगाया है।

वर्तमान स्थिति

पुलिस का कहना है कि पीड़ित लड़की का मेडिकल परीक्षण करा लिया गया है और उससे आगे की पूछताछ की जाएगी। घटना के बाद से बच्ची अभी भी बेहद डरी और सहमी हुई है।

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