UP : रास्ते के विवाद में एक मुस्लिम युवक की पीट-पीटकर हत्या

Written by sabrang india | Published on: June 3, 2026
सुनील नामक एक व्यक्ति और तीन अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सर्किल ऑफिसर नीतीश कुमार तिवारी ने बताया कि चारों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।


साभार : हिंदी खबर (फाइल फोटो)

उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के सम्मानपुर इलाके में रविवार को सड़क पर रास्ता देने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस घटना में 22 वर्षीय युवक साहिल की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जबकि उसके दो दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, इस घटना में दो समुदायों के लोग शामिल थे, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सुनील नामक एक व्यक्ति और तीन अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। सर्किल ऑफिसर नीतीश कुमार तिवारी ने बताया कि चारों संदिग्धों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार रात करीब 8 बजे साहिल अहमद और उसके दोस्त यासीन, जमशेद तथा गुलाम अशरफ दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर पास के बाजार से लौट रहे थे। लखनिया गांव में पंचायत भवन के पास एक मोड़ पर सुनील और उसके साथी, जो कथित तौर पर नशे में थे, रास्ता रोककर बैठे हुए थे।

साहिल के परिवार ने एफआईआर में बताया, "जब साहिल ने उनसे एक तरफ हटने के लिए कहा, तो दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। आरोपियों ने साहिल और उसके साथियों पर लकड़ी के फट्टों और लाठियों से हमला कर दिया।"

हमले में चारों युवक घायल हो गए, जिन्हें तुरंत जलालपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां से साहिल और जमशेद को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान साहिल की मौत हो गई। जमशेद और यासीन का इलाज जारी है, जबकि गुलाम को मामूली चोटें आई हैं। ट्रक चालक साहिल को सोमवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक के पिता शकीब अहमद ने बताया कि उनकी तीन संतानें थीं। उनके बड़े बेटे की वर्ष 2021 में बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी। अब मंझले बेटे साहिल की भी मौत हो गई है। साहिल ही गांव में रहकर परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी संभालता था। उनका सबसे छोटा बेटा सईद रोजगार के सिलसिले में कुवैत में रहता है।

बेटे की मौत का गम मां आबिरा खातून बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। वह रो-रोकर बेसुध हो जा रही हैं। साहिल की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और पूरे घर में मातम पसरा हुआ है।

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