प्रदर्शन का नेतृत्व वार्ड सभासद राजू ने किया। उनका आरोप है कि खालापार थाना क्षेत्र स्थित दक्षिणी कृष्णापुरी कॉलोनी के दो सगे भाइयों, अर्पित जैन और अंकित जैन, ने अपना मकान एक मुस्लिम व्यक्ति को बेच दिया है।

दैनिक भास्कर
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। हिंदू बहुल दक्षिणी कृष्णापुरी मोहल्ले में एक मुस्लिम व्यक्ति को मकान बेचे जाने के विरोध में बुधवार दोपहर करीब दो बजे कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व वार्ड सभासद राजू ने किया। उनका आरोप है कि खालापार थाना क्षेत्र स्थित दक्षिणी कृष्णापुरी कॉलोनी के दो सगे भाइयों, अर्पित जैन और अंकित जैन, ने अपना मकान एक मुस्लिम व्यक्ति को बेच दिया है। उनका कहना है कि पूरी कॉलोनी हिंदू बहुल है और इस बिक्री से क्षेत्र का सामाजिक संतुलन तथा स्थानीय माहौल प्रभावित होने की आशंका है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी मोहल्ले में विरोध दर्ज कराया गया था। हिंदू संघर्ष समिति ने इस विषय पर बैठक भी आयोजित की थी, लेकिन इसके बावजूद मकान की बिक्री कर दी गई। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बैनामे की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित मकान मालिकों के यहां कथित रूप से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना रहता है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में आपत्ति जताई थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
प्रदर्शन के बाद लोगों ने नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा विवादित मकान के बैनामे की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
मुस्लिम परिवार को मकान खरीदना पड़ा महंगा
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष नवंबर में उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ में एक मुस्लिम परिवार ने दूसरे समुदाय के लोगों के बीच स्थित एक मकान खरीदा और वहां दूध का कारोबार शुरू किया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि इस कारोबार के कारण पूरे मोहल्ले में जाम लगने लगा। इसके बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यदि मुस्लिम परिवार वहां रहेगा, तो वे अपने घरों में ताला लगाकर इलाका छोड़ देंगे।
द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक हिंदू बहुल कॉलोनी में मुस्लिम व्यक्ति द्वारा मकान खरीदने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कई हिंदू संगठन सड़क पर उतर आए और थाने के बाहर धरना देकर कहा कि हिंदू परिवारों का पलायन नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों और कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सदर थाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कॉलोनी में मुस्लिम परिवार को बसने नहीं दिया जाएगा। यह मामला मेरठ के थापर नगर इलाके का था।
हिंदू संगठनों ने इसे "लैंड जिहाद" करार देते हुए रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने थाने में हनुमान चालीसा का पाठ कर पुलिस पर दबाव बनाने की भी कोशिश की। हिंदू सुरक्षा संगठन के नेता सचिन सिरोही ने कहा था कि थापर नगर की गली नंबर छह में एक मुस्लिम व्यक्ति ने लालच देकर एक हिंदू का मकान खरीद लिया। उन्होंने मांग की थी कि यह मकान वापस लिया जाए और ऐसा कानून बनाया जाए कि कोई भी मुस्लिम हिंदू का मकान न खरीद सके।
भरतिया कॉलोनी में भी हुआ था विवाद
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की हिंदू बहुल भरतिया कॉलोनी में भी एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा मकान खरीदने को लेकर विवाद हुआ था।
7 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने हिंदू बहुल कॉलोनी में मुस्लिम व्यक्ति के मकान खरीदने के विरोध में प्रदर्शन किया था। स्थानीय लोगों ने मकान के भीतर घुसकर हंगामा किया और दावा किया कि वे किसी मुस्लिम परिवार को हिंदू बहुल मोहल्ले में नहीं रहने देंगे।
स्थानीय लोगों की सूचना पर शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मकान के भीतर घुसकर हंगामा किया और पोस्टर फाड़ दिए। इस दौरान हुई तोड़फोड़ और हंगामे के वीडियो भी सामने आए थे।
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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। हिंदू बहुल दक्षिणी कृष्णापुरी मोहल्ले में एक मुस्लिम व्यक्ति को मकान बेचे जाने के विरोध में बुधवार दोपहर करीब दो बजे कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शन का नेतृत्व वार्ड सभासद राजू ने किया। उनका आरोप है कि खालापार थाना क्षेत्र स्थित दक्षिणी कृष्णापुरी कॉलोनी के दो सगे भाइयों, अर्पित जैन और अंकित जैन, ने अपना मकान एक मुस्लिम व्यक्ति को बेच दिया है। उनका कहना है कि पूरी कॉलोनी हिंदू बहुल है और इस बिक्री से क्षेत्र का सामाजिक संतुलन तथा स्थानीय माहौल प्रभावित होने की आशंका है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी मोहल्ले में विरोध दर्ज कराया गया था। हिंदू संघर्ष समिति ने इस विषय पर बैठक भी आयोजित की थी, लेकिन इसके बावजूद मकान की बिक्री कर दी गई। अब स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बैनामे की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि संबंधित मकान मालिकों के यहां कथित रूप से आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का आना-जाना रहता है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले भी इस संबंध में आपत्ति जताई थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
प्रदर्शन के बाद लोगों ने नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर को जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने तथा विवादित मकान के बैनामे की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
मुस्लिम परिवार को मकान खरीदना पड़ा महंगा
ज्ञात हो कि पिछले वर्ष नवंबर में उत्तर प्रदेश के मेरठ में भी इसी तरह का मामला सामने आया था। आज तक की रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ में एक मुस्लिम परिवार ने दूसरे समुदाय के लोगों के बीच स्थित एक मकान खरीदा और वहां दूध का कारोबार शुरू किया। स्थानीय लोगों का आरोप था कि इस कारोबार के कारण पूरे मोहल्ले में जाम लगने लगा। इसके बाद लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यदि मुस्लिम परिवार वहां रहेगा, तो वे अपने घरों में ताला लगाकर इलाका छोड़ देंगे।
द क्विंट की रिपोर्ट के अनुसार, मेरठ के सदर थाना क्षेत्र स्थित एक हिंदू बहुल कॉलोनी में मुस्लिम व्यक्ति द्वारा मकान खरीदने को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। कई हिंदू संगठन सड़क पर उतर आए और थाने के बाहर धरना देकर कहा कि हिंदू परिवारों का पलायन नहीं होने दिया जाएगा।
स्थानीय लोगों और कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सदर थाना परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि कॉलोनी में मुस्लिम परिवार को बसने नहीं दिया जाएगा। यह मामला मेरठ के थापर नगर इलाके का था।
हिंदू संगठनों ने इसे "लैंड जिहाद" करार देते हुए रजिस्ट्री रद्द करने की मांग की थी। प्रदर्शनकारियों ने थाने में हनुमान चालीसा का पाठ कर पुलिस पर दबाव बनाने की भी कोशिश की। हिंदू सुरक्षा संगठन के नेता सचिन सिरोही ने कहा था कि थापर नगर की गली नंबर छह में एक मुस्लिम व्यक्ति ने लालच देकर एक हिंदू का मकान खरीद लिया। उन्होंने मांग की थी कि यह मकान वापस लिया जाए और ऐसा कानून बनाया जाए कि कोई भी मुस्लिम हिंदू का मकान न खरीद सके।
भरतिया कॉलोनी में भी हुआ था विवाद
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2024 में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले की हिंदू बहुल भरतिया कॉलोनी में भी एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा मकान खरीदने को लेकर विवाद हुआ था।
7 सितंबर 2024 को हिंदू संगठनों और स्थानीय लोगों ने हिंदू बहुल कॉलोनी में मुस्लिम व्यक्ति के मकान खरीदने के विरोध में प्रदर्शन किया था। स्थानीय लोगों ने मकान के भीतर घुसकर हंगामा किया और दावा किया कि वे किसी मुस्लिम परिवार को हिंदू बहुल मोहल्ले में नहीं रहने देंगे।
स्थानीय लोगों की सूचना पर शिवसेना, विश्व हिंदू परिषद और भाजपा के कार्यकर्ता भी वहां पहुंच गए। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मकान के भीतर घुसकर हंगामा किया और पोस्टर फाड़ दिए। इस दौरान हुई तोड़फोड़ और हंगामे के वीडियो भी सामने आए थे।
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