पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले की रहने वाली और गुरुग्राम के चक्कारपुर इलाके में घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली ज्योत्स्ना बीबी को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

गुरुग्राम पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने दावा किया था कि उसने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के लिए बीफ पकाया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले की रहने वाली और गुरुग्राम के चक्कारपुर इलाके में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली ज्योत्स्ना बीबी को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, 30 मई को चक्कारपुर पुलिस चौकी को बीफ से जुड़े एक वीडियो को लेकर विवाद की सूचना मिली थी।
चक्कारपुर गांव के निवासी शिकायतकर्ता दिनेश यादव ने पुलिस को एक वीडियो दिखाया, जिसमें एक महिला कथित तौर पर कह रही थी, “मैंने सिर्फ आपके (बंगाल की मुख्यमंत्री) लिए बीफ पकाया है। आपने मुझे इस बार ‘कुर्बानी’ नहीं करने दी।”
शिकायत के बाद पुलिस ने सेक्टर-29 थाने में एफआईआर दर्ज की और 30 मई को ज्योत्स्ना बीबी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मंगलवार को बीबी के वकील ने जमानत याचिका दायर की, लेकिन उस पर तत्काल राहत नहीं मिली। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सुमन की अदालत ने याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख तय की है।
शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता सुंदर ने बताया कि मंगलवार को आरोपी की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और मामले की अगली सुनवाई 8 जून को होगी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पुलिस ने अदालत में जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यदि आरोपी को रिहा किया जाता है, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। मामले की जांच जारी है।”
कोलकाता की प्रसिद्ध नाखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने इस घटना की निंदा की। कासमी ने पीटीआई से कहा, “मैं कभी भी ऐसी हरकतों का समर्थन नहीं करता जो अपमानजनक हों और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। हम ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून को अपना काम करना चाहिए।
मैसूर के टीपू सुल्तान और हैदर अली के वंशजों का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘मैसूर फैमिली फातिहा फंड वक्फ एस्टेट’ के सचिव मोहम्मद शाहिद आलम ने भी महिला की इस हरकत की आलोचना करते हुए इसे गलत और ध्यान आकर्षित करने की कोशिश बताया।
आलम ने कहा, “यह गलत है। कोई किसी अनजान व्यक्ति को भी बीफ नहीं खिलाता, तो फिर कोई किसी भाजपा नेता को ऐसा कैसे खिला सकता है, जो अब मुख्यमंत्री हैं? ऐसी हरकतें अक्सर चर्चा में आने और सुर्खियां बटोरने के लिए की जाती हैं। यदि वह नाराज हैं, तो अपनी नाराजगी व्यक्त करने के दूसरे तरीके भी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब हमने स्वयं बीफ खाना छोड़ दिया है, तब इस तरह की हरकत करना उचित नहीं है। इस मामले से देश का कानून निपटेगा।”
इससे पहले, मई में पश्चिम बंगाल सरकार ने अधिकारियों को ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के बिना जानवरों के वध पर रोक सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। सरकार ने चेतावनी दी थी कि इन निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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गुरुग्राम पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जिसने एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उसने दावा किया था कि उसने पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री के लिए बीफ पकाया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने बताया कि पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले की रहने वाली और गुरुग्राम के चक्कारपुर इलाके में घरेलू सहायिका के रूप में काम करने वाली ज्योत्स्ना बीबी को धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनका मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक, 30 मई को चक्कारपुर पुलिस चौकी को बीफ से जुड़े एक वीडियो को लेकर विवाद की सूचना मिली थी।
चक्कारपुर गांव के निवासी शिकायतकर्ता दिनेश यादव ने पुलिस को एक वीडियो दिखाया, जिसमें एक महिला कथित तौर पर कह रही थी, “मैंने सिर्फ आपके (बंगाल की मुख्यमंत्री) लिए बीफ पकाया है। आपने मुझे इस बार ‘कुर्बानी’ नहीं करने दी।”
शिकायत के बाद पुलिस ने सेक्टर-29 थाने में एफआईआर दर्ज की और 30 मई को ज्योत्स्ना बीबी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, उन्हें अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
मंगलवार को बीबी के वकील ने जमानत याचिका दायर की, लेकिन उस पर तत्काल राहत नहीं मिली। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास सुमन की अदालत ने याचिका पर अगली सुनवाई के लिए 8 जून की तारीख तय की है।
शिकायतकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता सुंदर ने बताया कि मंगलवार को आरोपी की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं और मामले की अगली सुनवाई 8 जून को होगी।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है और उसे फोरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा है। पुलिस ने अदालत में जमानत याचिका का विरोध करते हुए तर्क दिया कि यदि आरोपी को रिहा किया जाता है, तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। मामले की जांच जारी है।”
कोलकाता की प्रसिद्ध नाखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीक कासमी ने इस घटना की निंदा की। कासमी ने पीटीआई से कहा, “मैं कभी भी ऐसी हरकतों का समर्थन नहीं करता जो अपमानजनक हों और किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाएं। हम ऐसी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते।”
उन्होंने कहा कि इस मामले में कानून को अपना काम करना चाहिए।
मैसूर के टीपू सुल्तान और हैदर अली के वंशजों का प्रतिनिधित्व करने वाले ‘मैसूर फैमिली फातिहा फंड वक्फ एस्टेट’ के सचिव मोहम्मद शाहिद आलम ने भी महिला की इस हरकत की आलोचना करते हुए इसे गलत और ध्यान आकर्षित करने की कोशिश बताया।
आलम ने कहा, “यह गलत है। कोई किसी अनजान व्यक्ति को भी बीफ नहीं खिलाता, तो फिर कोई किसी भाजपा नेता को ऐसा कैसे खिला सकता है, जो अब मुख्यमंत्री हैं? ऐसी हरकतें अक्सर चर्चा में आने और सुर्खियां बटोरने के लिए की जाती हैं। यदि वह नाराज हैं, तो अपनी नाराजगी व्यक्त करने के दूसरे तरीके भी हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “जब हमने स्वयं बीफ खाना छोड़ दिया है, तब इस तरह की हरकत करना उचित नहीं है। इस मामले से देश का कानून निपटेगा।”
इससे पहले, मई में पश्चिम बंगाल सरकार ने अधिकारियों को ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के बिना जानवरों के वध पर रोक सुनिश्चित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए थे। सरकार ने चेतावनी दी थी कि इन निर्देशों का पालन न करने पर कार्रवाई की जाएगी।
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