आरोप है कि युवक ने किशोरी को गार्डन के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर धमकाकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद डरी-सहमी किशोरी घर पहुंची और परिजनों को पूरी बात बताई।

मध्य प्रदेश में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। ग्वालियर शहर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी के साथ पड़ोस में रहने वाले युवक ने दुष्कर्म किया। आरोपी ने उसे उधार लिए रुपये लौटाने के बहाने सुनसान स्थान पर बुलाया और अपराध को अंजाम दिया।
द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, पुरानी छावनी थाना क्षेत्र अंतर्गत बघेल मोहल्ला निवासी हिमांशु पुत्र सोबरन राठौर ने किशोरी से करीब 1500 रुपये उधार लिए थे। जब किशोरी ने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी ने पैसे लौटाने की बात कहकर उसे गुलाब गार्डन के पास बुलाया।
आरोप है कि युवक ने किशोरी को गार्डन के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर धमकाकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद डरी-सहमी किशोरी घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं (सहित POCSO एक्ट) में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि पड़ोस का युवक पहले भी उससे 1500 रुपये उधार ले चुका था। वह कई दिनों से पैसे वापस मांग रही थी। घटना के दिन आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह पूरी रकम लौटा देगा और इसी बहाने उसे गुलाब गार्डन के पास बुलाया। वहां पहुंचने के बाद आरोपी उसे गार्डन के पीछे सुनसान स्थान पर ले गया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने वहां जबरदस्ती दुष्कर्म किया। विरोध करने और शोर मचाने की कोशिश पर जान से मारने की धमकी दी। भयभीत होकर वह किसी तरह वहां से निकली, घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।
घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने रोते हुए परिजनों को सब कुछ बताया। परिवार के सदस्य उसे तुरंत थाने ले गए और शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पहले भी पैसों के बहाने उसे बहलाने की कोशिश कर चुका था। पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया, मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
द मूकनायक से बातचीत में मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य संगीता शर्मा ने प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात अत्यंत चिंताजनक हो रहे हैं और लगभग रोज बच्चों एवं महिलाओं के साथ यौन शोषण व दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं।
संगीता शर्मा ने कहा कि अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे लगता है कि अपराधियों के मन से कानून का भय खत्म हो गया है। यदि समय रहते कठोर और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विश्वास और कमजोर हो जाएगा।
क्या है POCSO एक्ट?
POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) एक विशेष कानून है, जिसे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत नाबालिग के साथ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, अश्लील हरकतें या अश्लील सामग्री दिखाना गंभीर अपराध माना जाता है। यह कानून लड़के और लड़की दोनों को समान संरक्षण देता है।
इसकी मुख्य विशेषताएं: कठोर सजा, त्वरित सुनवाई, विशेष अदालतों का गठन और पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य। दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और अपराधियों में कानून का डर पैदा करना है।
NCRB के आंकड़े
मध्य प्रदेश लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, खासकर दुष्कर्म के मामलों में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। वर्ष 2023 में भी कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं दिखा। National Crime Records Bureau (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, दुष्कर्म के मामलों में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर रहा, जहां एक वर्ष में 2,979 मामले दर्ज हुए। इस सूची में राजस्थान 5,078 घटनाओं के साथ पहले और उत्तर प्रदेश 3,516 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
ये आंकड़े स्पष्ट दिखाते हैं कि मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी गंभीर चुनौती बनी हुई है। सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव सीमित ही नजर आता है।
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मध्य प्रदेश में नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म का एक और मामला सामने आया है। ग्वालियर शहर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में 14 वर्षीय किशोरी के साथ पड़ोस में रहने वाले युवक ने दुष्कर्म किया। आरोपी ने उसे उधार लिए रुपये लौटाने के बहाने सुनसान स्थान पर बुलाया और अपराध को अंजाम दिया।
द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, पुरानी छावनी थाना क्षेत्र अंतर्गत बघेल मोहल्ला निवासी हिमांशु पुत्र सोबरन राठौर ने किशोरी से करीब 1500 रुपये उधार लिए थे। जब किशोरी ने रुपये वापस मांगे, तो आरोपी ने पैसे लौटाने की बात कहकर उसे गुलाब गार्डन के पास बुलाया।
आरोप है कि युवक ने किशोरी को गार्डन के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर धमकाकर दुष्कर्म किया। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई। घटना के बाद डरी-सहमी किशोरी घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।
परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने संबंधित धाराओं (सहित POCSO एक्ट) में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया है। फिलहाल आरोपी फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पीड़िता ने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पुलिस को बताया कि पड़ोस का युवक पहले भी उससे 1500 रुपये उधार ले चुका था। वह कई दिनों से पैसे वापस मांग रही थी। घटना के दिन आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह पूरी रकम लौटा देगा और इसी बहाने उसे गुलाब गार्डन के पास बुलाया। वहां पहुंचने के बाद आरोपी उसे गार्डन के पीछे सुनसान स्थान पर ले गया।
पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने वहां जबरदस्ती दुष्कर्म किया। विरोध करने और शोर मचाने की कोशिश पर जान से मारने की धमकी दी। भयभीत होकर वह किसी तरह वहां से निकली, घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई।
घर पहुंचने के बाद पीड़िता ने रोते हुए परिजनों को सब कुछ बताया। परिवार के सदस्य उसे तुरंत थाने ले गए और शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का कहना है कि आरोपी पहले भी पैसों के बहाने उसे बहलाने की कोशिश कर चुका था। पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया, मेडिकल परीक्षण कराया और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
द मूकनायक से बातचीत में मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की पूर्व सदस्य संगीता शर्मा ने प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में हालात अत्यंत चिंताजनक हो रहे हैं और लगभग रोज बच्चों एवं महिलाओं के साथ यौन शोषण व दुष्कर्म की घटनाएं सामने आ रही हैं।
संगीता शर्मा ने कहा कि अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे लगता है कि अपराधियों के मन से कानून का भय खत्म हो गया है। यदि समय रहते कठोर और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर विश्वास और कमजोर हो जाएगा।
क्या है POCSO एक्ट?
POCSO (Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012) एक विशेष कानून है, जिसे 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत नाबालिग के साथ छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न, दुष्कर्म, अश्लील हरकतें या अश्लील सामग्री दिखाना गंभीर अपराध माना जाता है। यह कानून लड़के और लड़की दोनों को समान संरक्षण देता है।
इसकी मुख्य विशेषताएं: कठोर सजा, त्वरित सुनवाई, विशेष अदालतों का गठन और पीड़ित बच्चे की पहचान गोपनीय रखना अनिवार्य। दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और अपराधियों में कानून का डर पैदा करना है।
NCRB के आंकड़े
मध्य प्रदेश लंबे समय से महिलाओं के खिलाफ अपराधों, खासकर दुष्कर्म के मामलों में राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा है। वर्ष 2023 में भी कोई उल्लेखनीय सुधार नहीं दिखा। National Crime Records Bureau (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, दुष्कर्म के मामलों में प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर रहा, जहां एक वर्ष में 2,979 मामले दर्ज हुए। इस सूची में राजस्थान 5,078 घटनाओं के साथ पहले और उत्तर प्रदेश 3,516 मामलों के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
ये आंकड़े स्पष्ट दिखाते हैं कि मध्य प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा अब भी गंभीर चुनौती बनी हुई है। सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई योजनाएं और हेल्पलाइन नंबर शुरू किए हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका प्रभाव सीमित ही नजर आता है।
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