हिंदू धर्मगुरु लाल बाबा पर मुसलमानों के खिलाफ कथित नफरती बयान को लेकर दर्ज हुआ मुकदमा

Written by sabrang india | Published on: February 25, 2026
उत्तराखंड में लाल बाबा नाम के एक हिंदू धर्मगुरु के खिलाफ कथित नफरती बयान देने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। उन पर मुस्लिम समुदाय के खिलाफ हिंसा की धमकी देने का आरोप है।


साभार : जी सलाम

उत्तराखंड के अल्मोड़ा में लाल बाबा उर्फ मोहन भट्ट नाम के एक हिंदू धर्मगुरु के खिलाफ मुसलमानों के विरुद्ध कथित तौर पर भड़काऊ बयान देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने मुस्लिम समुदाय को “जिहादी” बताते हुए उन्हें राज्य छोड़ने की चेतावनी दी थी। अपने बयान में उन्होंने कहा कि जिन लोगों की मानसिकता “जिहादी” है, वे उत्तराखंड छोड़ दें, अन्यथा यदि रैली निकाली गई तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

इस बयान के सामने आने के बाद देशभर में लाल बाबा के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठी। मामले को गंभीर मानते हुए अल्मोड़ा कोतवाली में उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।

अल्मोड़ा के एसएसपी ने मीडिया को बताया कि रविवार (22 फरवरी) को क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक सभा के दौरान लाल बाबा द्वारा कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया। उन्होंने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही इसे गंभीरता से लिया गया और उसी दिन, 22 फरवरी को, संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। मामले की विधिवत जांच जारी है।

जी सलाम की रिपोर्ट के अनुसार, एसएसपी ने स्पष्ट किया कि नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह साझा न करें। साथ ही यह भी बताया कि सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि 22 फरवरी को अल्मोड़ा में माँ नंदा हिंदू सम्मेलन समिति की ओर से “भव्य हिंदू सम्मेलन” शीर्षक से एक सभा आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी उपस्थित थे। हालांकि, आरोप है कि उन्होंने लाल बाबा के विवादित बयान पर कोई आपत्ति नहीं जताई।

बताया गया कि जब लाल बाबा मंच से मुसलमानों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और घृणास्पद भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे तथा हिंसक टिप्पणी कर रहे थे, उस दौरान वहां मौजूद कुछ लोग तालियां बजा रहे थे। घटना के सामने आने के बाद इस मामले को लेकर व्यापक चर्चा और प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

राजस्थान का संदर्भ

बता दें कि हाल ही में राजस्थान में एक बीजेपी नेता पर आरोप लगा था कि उन्होंने कंबल वितरण के दौरान एक मुस्लिम महिला का नाम पूछकर उसे कंबल देने से मना कर दिया। राजस्थान के टोंक-सवाई माधोपुर से भाजपा नेता और पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनापुरिया एक वीडियो को लेकर आलोचना का सामना कर रहे हैं, जिसमें वे कंबल वितरण के दौरान मुस्लिम महिलाओं को लौटाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वे 2014 से 2024 तक सांसद रहे हैं।

वीडियो में वे महिलाओं से यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि जो लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली देते हैं, उन्हें कंबल लेने का कोई अधिकार नहीं है। वीडियो में सिंह महिलाओं के एक समूह को कंबल बांटते हुए नजर आते हैं। वे उनमें से एक महिला से उसका नाम पूछते हैं। जब वह मुस्लिम नाम बताती है, तो सिंह अपने साथियों से उसे कंबल न देने के लिए कहते हैं। इसके बाद वे कहते हैं, “मेरी बात सुनो, जो लोग (प्रधानमंत्री) मोदी को गाली देते हैं, उन्हें (कंबल) लेने का कोई अधिकार नहीं है। अगर आपको बुरा लगे तो मैं कुछ नहीं कर सकता।” फिर वे उनसे वहां से हटने के लिए कहते हुए दिखाई देते हैं।

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, मौके पर मौजूद लोग कहते हुए सुने जा सकते हैं कि महिलाएं घंटों से इंतजार कर रही थीं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटने के लिए कहा गया। इस पर सिंह ने कहा कि वे वहां से जाने से पहले बहस नहीं करना चाहते थे। सिंह का दावा है कि वे व्यक्तिगत क्षमता में कंबल बांट रहे थे और इसमें किसी सरकारी फंड का उपयोग नहीं किया गया।

टोंक-सवाई माधोपुर से मौजूदा कांग्रेस सांसद हरीश चंद्र मीणा ने वीडियो साझा करते हुए सिंह के व्यवहार को निंदनीय बताया और कहा कि इस प्रकार की सोच देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा सकती है।

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