मृतक नौशाद अहमद पुरुषोत्तमपुर गांव के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात थे। दोपहर में स्कूल से घर लौटते समय उन पर हमला किया गया।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में मंगलवार को एक 43 साल के मुस्लिम सरकारी प्राइमरी स्कूल टीचर की उनके स्कूल के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप एक किसान पर है, जिसने पुलिस के सामने सरेंडर करने के बाद दावा किया कि उसने टीचर को इसलिए मारा क्योंकि उसे लगता था कि टीचर “लव जिहाद” को बढ़ावा दे रहे थे।
मकतूब की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक नौशाद अहमद पुरुषोत्तमपुर गांव के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात थे। दोपहर में स्कूल से घर लौटते समय उन पर हमला किया गया।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर अहमद का इंतजार कर रहा था और उनके पहुंचते ही उसने गोली चला दी, फिर मोटरसाइकिल से भाग गया।
अहमद को कई गोलियां लगीं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आरोपी की पहचान पूरनपुर गढ़ी गांव के 32 वर्षीय किसान गौरव चौधरी के तौर पर हुई है। उसने बाद में नजीबाबाद पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया और वह देसी पिस्तौल भी सौंप दी जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर गोली मारने में किया गया था।
‘अमर उजाला’ के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने टीचर को तीन गोलियां मारी थीं। उसने नौशाद पर “लव जिहाद” में शामिल होने का आरोप भी लगाया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरेंडर के दौरान चौधरी ने दावा किया कि अहमद सक्रिय रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा दे रहे थे।
हालांकि, पुलिस दोनों के बीच हुए उस निजी विवाद की भी जांच कर रही है जो कथित तौर पर गोलीबारी से कुछ दिन पहले हुआ था।
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, चौधरी के परिवार के एक स्थानीय दलित परिवार से करीबी रिश्ते थे।
जब उसे पता चला कि उस परिवार की एक लड़की का एक स्थानीय मुस्लिम युवक के साथ कथित तौर पर रिश्ता है और उसे उसके साथ देखा गया है, तो चौधरी ने दोनों परिवारों के सदस्यों को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद, लड़की और लड़के को उनके परिवारों ने कथित तौर पर पीटा और चेतावनी दी।
पुलिस ने बताया कि बाद में युवक अहमद के पास गया और उन्हें इस मामले के बारे में बताया।
गोलीबारी से चार दिन पहले, अहमद ने कथित तौर पर एक स्थानीय बाजार में चौधरी से बात की और सबके सामने उसे थप्पड़ मारा।
पुलिस अहमद की हत्या से जुड़े हालात की जांच कर रही है, जिसमें कथित निजी विवाद और आरोपी द्वारा बताई गई वजह भी शामिल है।
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मकतूब की रिपोर्ट के अनुसार, मृतक नौशाद अहमद पुरुषोत्तमपुर गांव के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात थे। दोपहर में स्कूल से घर लौटते समय उन पर हमला किया गया।
पुलिस के मुताबिक, हमलावर अहमद का इंतजार कर रहा था और उनके पहुंचते ही उसने गोली चला दी, फिर मोटरसाइकिल से भाग गया।
अहमद को कई गोलियां लगीं और उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
आरोपी की पहचान पूरनपुर गढ़ी गांव के 32 वर्षीय किसान गौरव चौधरी के तौर पर हुई है। उसने बाद में नजीबाबाद पुलिस स्टेशन में सरेंडर कर दिया और वह देसी पिस्तौल भी सौंप दी जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर गोली मारने में किया गया था।
‘अमर उजाला’ के मुताबिक, आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने टीचर को तीन गोलियां मारी थीं। उसने नौशाद पर “लव जिहाद” में शामिल होने का आरोप भी लगाया।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि सरेंडर के दौरान चौधरी ने दावा किया कि अहमद सक्रिय रूप से “लव जिहाद” को बढ़ावा दे रहे थे।
हालांकि, पुलिस दोनों के बीच हुए उस निजी विवाद की भी जांच कर रही है जो कथित तौर पर गोलीबारी से कुछ दिन पहले हुआ था।
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जब उसे पता चला कि उस परिवार की एक लड़की का एक स्थानीय मुस्लिम युवक के साथ कथित तौर पर रिश्ता है और उसे उसके साथ देखा गया है, तो चौधरी ने दोनों परिवारों के सदस्यों को इसकी जानकारी दी।
इसके बाद, लड़की और लड़के को उनके परिवारों ने कथित तौर पर पीटा और चेतावनी दी।
पुलिस ने बताया कि बाद में युवक अहमद के पास गया और उन्हें इस मामले के बारे में बताया।
गोलीबारी से चार दिन पहले, अहमद ने कथित तौर पर एक स्थानीय बाजार में चौधरी से बात की और सबके सामने उसे थप्पड़ मारा।
पुलिस अहमद की हत्या से जुड़े हालात की जांच कर रही है, जिसमें कथित निजी विवाद और आरोपी द्वारा बताई गई वजह भी शामिल है।
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