उत्तर प्रदेश: SAJC की रिपोर्ट में पुलिस के ‘हाफ-एनकाउंटर’ में 70 मुसलमानों के घायल होने की बात सामने आई

Written by sabrang india | Published on: October 6, 2026
इस संगठन द्वारा प्रकाशित ‘इलेक्शन वॉच: उत्तर प्रदेश, 2027’ के पहले संस्करण में 1 अगस्त से 30 सितंबर, 2026 के बीच सामने आई घटनाओं की जांच की गई। SAJC ने कहा कि वह उन घटनाओं को रिकॉर्ड करता है जिनकी रिपोर्ट मिली हो और जिनकी पुष्टि की जा सके।


फोटो साभार : टीटीवी न्यूज

साउथ एशिया जस्टिस कैंपेन (SAJC) की एक रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले, अगस्त और सितंबर के दौरान मुसलमानों के खिलाफ कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का ब्योरा दिया गया है।

टीटीवी न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, इस संगठन द्वारा प्रकाशित ‘इलेक्शन वॉच: उत्तर प्रदेश, 2027’ के पहले संस्करण में 1 अगस्त से 30 सितंबर, 2026 के बीच सामने आई घटनाओं की जांच की गई। SAJC ने कहा कि वह उन घटनाओं को रिकॉर्ड करता है जिनकी रिपोर्ट मिली हो और जिनकी पुष्टि की जा सके।

रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के 75 में से 27 जिलों में पुलिस की 54 ऐसी घटनाओं में कम से कम 70 मुसलमानों को गोली मारी गई और वे घायल हुए, जिन्हें संगठन ने “हाफ-एनकाउंटर” (आधे एनकाउंटर) कहा है। SAJC इस शब्द को उन घटनाओं के तौर पर परिभाषित करता है जिनमें संदिग्धों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार करने से पहले गोली मारी जाती है, आमतौर पर पैर में। रिपोर्ट में कहा गया है कि घायल हुए लोगों में से 52 पर गोहत्या, मवेशियों की तस्करी या मवेशियों की चोरी का आरोप था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इस दो महीने की अवधि के दौरान कम से कम 152 मुसलमानों को गिरफ्तार या हिरासत में लिया गया। इसमें मांस से जुड़े मामलों में कथित हिरासत और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऑनलाइन आलोचना से जुड़ी गिरफ्तारियों के मामलों का जिक्र किया गया है।

SAJC ने इस अवधि के दौरान धर्म से प्रेरित नफरत वाले अपराधों (हेट क्राइम) में चार लोगों की मौत का भी ब्योरा दिया और कहा कि कम से कम 16 अन्य मुसलमानों पर हमले हुए। एक मामले में 12 साल का लड़का शामिल था, जिस पर कथित तौर पर “जय श्री राम” का नारा लगाने से इनकार करने के बाद हमला किया गया था। संगठन ने कहा कि जिन 14 हमला-मामलों की उसने समीक्षा की, उनमें हमलावरों की गिरफ्तारी की कोई खबर नहीं मिली।

रिपोर्ट में अगस्त और सितंबर के दौरान अधिकारियों और हिंदू राष्ट्रवादी हस्तियों द्वारा मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने वाले भाषण (हेट स्पीच) के कम से कम 21 मामलों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 10 बयान शामिल हैं। ये आंकड़े और वर्गीकरण SAJC की निगरानी और दस्तावेजीकरण पर आधारित हैं।

तोड़-फोड़ की कार्रवाई के बारे में SAJC ने कहा कि रिपोर्टिंग की अवधि के दौरान नौ घटनाओं में मुसलमानों के कम से कम 34 घरों, व्यवसायों और धार्मिक ढांचों को गिरा दिया गया। इसने सहारनपुर में एक सदी पुरानी मस्जिद को गिराए जाने का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि जिन लोगों ने इस तोड़-फोड़ की आलोचना की या इसकी रिपोर्ट की, उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट में विपक्षी नेताओं पर लगाई गई पाबंदियों का भी जिक्र किया गया है, जिसमें 10 जिलों में उन्हें नजरबंद किए जाने की घटनाएं शामिल हैं। SAJC के मुताबिक, ऐसी कार्रवाई तब की गई जब विपक्षी नेता पुलिस कस्टडी में कथित तौर पर मारे गए लोगों के परिवारों से मिलने, तोड़-फोड़ वाली जगहों पर जाने या मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में शामिल होने की कोशिश कर रहे थे।

SAJC ने इस रिपोर्ट को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले घटनाओं को दर्ज करने और शुरुआती चेतावनी देने की कोशिश बताया है। संगठन का कहना है कि यह मानवाधिकारों, लोकतंत्र और विविधता पर केंद्रित एक निष्पक्ष आंदोलन है।

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