UP: वाराणसी में विवादित पोस्टर चस्पा कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश, पुलिस ने जांच शुरू की

Written by sabrang india | Published on: October 3, 2026
इस पोस्टर पर लिखा था, ‘जनता उठो, हिफाजत करो मस्जिद की...।’ इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पोस्टर हटवा दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टर लगाने वालों की पहचान की जा रही है।


फोटो साभार : अमर उजाला

वाराणसी के लाट सरैया में शुक्रवार की नमाज के दौरान मस्जिद की दीवार पर विवादित पोस्टर चिपका कर माहौल खराब करने की कोशिश की गई। पोस्टर पर लिखा था, “जनता उठो, हिफाजत करो लाट भैरव मस्जिद की...” उधर लाट भैरव मंदिर में दर्शन व पूजा के लिए पहुंचे एक श्रद्धालु की नजर पोस्टर पर पड़ी तो उसने इसकी वीडियो बनाकर मंदिर प्रबंध समिति के पदाधिकारियों को जानकारी दी।

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद समिति की ओर से आदमपुर पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। इस मामले में एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह ने बताया कि सूचना मिलने पर आदमपुर थाने की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर विवादित पोस्टर को हटावा दिया है। इसके साथ ही सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पोस्टर चस्पा करने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

शुक्रवार सुबह रोज की तरह श्रद्धालु लाट भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। इसी दौरान एक श्रद्धालु भैरवी कूप की ओर पूजा करने गया। मंदिर के पीछे पहुंचने पर उसकी नजर वहां लगे एक पोस्टर पर पड़ी। श्रद्धालु ने पोस्टर का वीडियो बनाकर इसकी जानकारी मंदिर प्रबंधन को दी।

मामले की जानकारी सामने आते ही श्री कपाल भैरव अथवा लाट भैरव प्रबंधक समिति ने आदमपुर पुलिस को इसकी सूचना दी। समिति के अध्यक्ष और पार्षद रोहित जायसवाल ने घटना को गंभीर बताते हुए आरोप लगाया कि पोस्टर के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई है।

पोस्टर चिपकाने वालों की तलाश में पुलिस

आदमपुर थाना क्षेत्र में स्थित लाट भैरव मंदिर और मस्जिद के आसपास का इलाका संवेदनशील माना जाता है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए यहां पुलिस के साथ पीएसी की भी तैनाती रहती है। ऐसे में जुमे के दिन मंदिर के पीछे विवादित पोस्टर मिलने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्टर किसने लगाया और इसके पीछे क्या मकसद था। इसके लिए मंदिर और मस्जिद परिसर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि पोस्टर चिपकाने वालों की पहचान की जा सके।

आदमपुर इंस्पेक्टर विमल मिश्रा ने बताया कि शुक्रवार दोपहर तक इस मामले में थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए किसी की ओर से तहरीर नहीं दी गई थी।

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