यूपी: पुलिस स्टेशन में दलित युवक फंदे से लटका मिला; परिवार ने प्रताड़ना का आरोप लगाया, पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज

Written by sabrang india | Published on: October 1, 2026
जिस लड़की के परिवार ने युवक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था, उस परिवार पर भी हत्या और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।


साभार : पत्रिका

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में पट्टी पुलिस स्टेशन के एक कमरे में दलित युवक के फंदे से लटके पाए जाने के बाद, पुलिसकर्मियों और एक नाबालिग लड़की के परिवार वालों पर हत्या और SC/ST (अत्याचार निवारण) एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।

युवक पर लड़की के पिता ने अपहरण का केस दर्ज कराया था, क्योंकि दोनों कथित तौर पर घर से भाग गए थे।

प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर ने ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पट्टी के SHO आनंद पाल सिंह और जांच अधिकारी ओंकार सिंह को सस्पेंड कर दिया।

पट्टी के सर्कल ऑफिसर प्रदीप सिंह के अनुसार, लड़की के पिता ने आरोप लगाया था कि युवक ने शादी करने के इरादे से उनकी 17 साल की बेटी का अपहरण कर लिया था। दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं। लड़की को गाजियाबाद से बरामद किया गया था और पुलिस व मजिस्ट्रेट के सामने उसके बयान दर्ज किए गए थे।

सिंह ने ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ को बताया, “उसने कहा कि वह अपनी मर्जी से युवक के साथ गई थी और उसके साथ रहना चाहती थी। चूंकि वह नाबालिग है, इसलिए कानून उसे बालिग होने तक यह फैसला लेने की इजाजत नहीं देता है।”

CO ने बताया कि युवक को गिरफ्तार नहीं किया गया था और वह सोमवार को खुद पुलिस स्टेशन आया था। उसे लॉक-अप में नहीं रखा गया था, बल्कि एक कमरे में बैठाया गया था जहां जांच अधिकारी उससे अपहरण के मामले में पूछताछ कर रहे थे। सिंह ने बताया कि अधिकारी किसी काम से कमरे से बाहर गए और लौटने पर उन्होंने युवक को बाथरूम के वेंटिलेटर से जुड़ी लोहे की रॉड से लटका हुआ पाया।

पुलिस के अनुसार, युवक ने कमरे में रखे कंबल से फाड़ी गई एक पट्टी का इस्तेमाल किया था। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सिंह ने कहा कि SHO और सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया क्योंकि पुलिस स्टेशन में रहने के दौरान आरोपी पर नजर रखने की जिम्मेदारी उन्हीं की थी।

CO ने बताया कि यह दूसरी बार था जब युवक और लड़की कथित तौर पर घर से भागे थे। पिछली बार भी लड़की को बरामद किया गया था और उसने कहा था कि वह अपनी मर्जी से गई थी और युवक के साथ रहना चाहती थी। नाबालिग होने के कारण उसे उसके माता-पिता को सौंप दिया गया था। सिंह ने बताया कि इस बार, लड़की के मिलने के बाद, युवक पुलिस स्टेशन गया और दावा किया कि उन्होंने शादी कर ली है और पति-पत्नी की तरह रह रहे हैं।

हालांकि, युवक के परिवार का आरोप है कि लड़की के पिता के कहने पर पुलिस ने उसे प्रताड़ित किया और उसकी मौत को छिपाने के लिए फांसी का नाटक रचा गया। CO ने बताया कि परिवार की शिकायत के आधार पर पुलिसकर्मियों और लड़की के परिवार के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा, “जांच से उन पर लगे आरोपों की सच्चाई सामने आएगी।”

यह मामला BNS की धारा 103(1) (हत्या) और 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत, साथ ही SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत दर्ज किया गया है।

प्रतापगढ़ पुलिस ने कहा कि CCTV फुटेज और अन्य सबूत जुटा लिए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट ने मौत की मजिस्ट्रेट से जांच कराने की सिफारिश की है।

नगीना के सांसद और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने युवक के परिवार द्वारा आरोपी ठहराए गए लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में उच्च-स्तरीय व निष्पक्ष जांच की मांग की।

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