फिलिस्तीनी बच्चों के समर्थन में पतंग उड़ाने का आयोजन अपराध नहीं’: कथित पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ मुंबई के कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

Written by sabrang india | Published on: October 1, 2026
फिलिस्तीनी बच्चों के लिए पतंग उड़ाने के कार्यक्रम के सिलसिले में पुलिस द्वारा एक्टिविस्ट हर्षदा के घर की तलाशी लिए जाने के बाद, ‘इंडियन पीपल इन सॉलिडैरिटी विद फिलिस्तीन’ के सदस्य आजाद मैदान में इकट्ठा हुए।



‘इंडियन पीपल इन सॉलिडैरिटी विद फिलिस्तीन’ (Indian People in Solidarity with Palestine) के सदस्यों ने मुंबई के आजाद मैदान में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि फिलिस्तीनी बच्चों के समर्थन में आयोजित पतंग उड़ाने के कार्यक्रम से जुड़े युवा कार्यकर्ताओं को पुलिस परेशान कर रही है।

यह विरोध प्रदर्शन 18 सितंबर को हर्षदा के घर की गैर-कानूनी तलाशी के बाद हुआ। हर्षदा 26 साल की छात्रा और इस ग्रुप की वॉलंटियर हैं। यह घटना 18 सितंबर को शुरू हुई और 19 सितंबर की सुबह तक चली। इससे पहले 15 सितंबर को गाजा के बच्चों के समर्थन में पतंग उड़ाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम ‘ग्लोबल गाजा काइट वीकेंड’ का हिस्सा था, जो एक अंतरराष्ट्रीय अभियान है। इसमें हिस्सा लेने वालों ने फिलिस्तीनी बच्चों की स्थिति की ओर ध्यान खींचने के लिए पतंगें उड़ाई थीं।

‘मिड-डे’ के अनुसार, हर्षदा ने आरोप लगाया कि तलाशी के दौरान उनके घर पर मौजूद ग्रुप के पांच सदस्यों को पुलिस की कार्रवाई के समय बाहर जाने से रोका गया। इस घटना ने फिलिस्तीन से जुड़े मुद्दों पर काम करने वाले युवा कार्यकर्ताओं के साथ किए जा रहे व्यवहार को लेकर इस ग्रुप के सदस्यों के मन में चिंता पैदा कर दी है।

आजाद मैदान में हुए विरोध प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने मांग की कि पतंग उड़ाने के कार्यक्रम और समर्थन से जुड़ी अन्य गतिविधियों के कारण उन्हें परेशान करना बंद किया जाए। मुंबई पुलिस द्वारा युवा महिला कार्यकर्ताओं को कथित तौर पर परेशान किए जाने के विरोध में ‘मुंबई 4 पीस’ की चयनिका शाह भी शामिल हुईं।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी गतिविधियों का मकसद फिलिस्तीनी बच्चों के प्रति एकजुटता दिखाना था। उन्होंने मांग की कि कार्यकर्ताओं को बिना किसी डर या धमकी के अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने की इजाजत दी जानी चाहिए।










 

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