मुंबई के किंग्स सर्कल क्षेत्र में जलभराव की स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचीं मेयर रितु तावड़े के सामने ही बीएमसी का एक कर्मचारी खुले गड्ढे में गिर गया। इस घटना के बाद मानसून-पूर्व तैयारियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष ने इसे नगर निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार का परिणाम बताया है।

फोटो साभार: X/@TawdeRitu
मुंबई के किंग्स सर्कल क्षेत्र में बुधवार, 24 जून को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का एक कर्मचारी खुले गड्ढे में गिर गया। यह हादसा उस स्थान से महज कुछ मीटर की दूरी पर हुआ, जहां मेयर रितु तावड़े इलाके में बार-बार होने वाले जलभराव से निपटने के लिए किए गए इंतजामों का निरीक्षण कर रही थीं।
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, तावड़े किंग्स सर्कल स्थित महात्मा गांधी मार्केट के सामने अधिकारियों से बातचीत कर रही थीं, तभी बीएमसी का एक कर्मचारी फुटपाथ के बगल में बने खुले गड्ढे में गिर गया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड पर जमा पानी के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था। कर्मचारी कमर तक उसमें धंस गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह पूरी घटना मेयर रितु तावड़े की मौजूदगी में हुई। हादसे के बाद मेयर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई।
इसी दौरान महात्मा गांधी मार्केट के पास बने पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि क्षेत्र की सड़कें साफ हैं और पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था की गई है।
बाद में बीएमसी की ओर से जारी बयान में मेयर रितु तावड़े के हवाले से कहा गया, "मुंबई की दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि इस वर्ष मानसून-पूर्व तैयारियां प्रभावी ढंग से की गई हैं।"
हालांकि, उनके उपमहापौर संजय घाड़ी ने बुधवार शाम स्वीकार किया कि बीएमसी की तैयारियों में कुछ कमियां रह गई होंगी या कुछ मैनहोल खुले रह गए होंगे।
इस बीच, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को सौंपे गए एक ज्ञापन में घाड़ी ने बीएमसी कर्मचारी के खुले गड्ढे में गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए मुंबई के सभी मैनहोल का तत्काल सर्वेक्षण कराने और उन पर मजबूत तथा सुरक्षित जालियां लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और जलभराव वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मेयर रितु तावड़े ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि किंग्स सर्कल क्षेत्र में कचरा साफ करने के लिए मेंटेनेंस होल को अस्थायी रूप से खुला छोड़ा गया था। उन्होंने इस घटना के लिए बीएमसी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें मौके पर लगाए गए बैरिकेड्स पर अधिक ध्यान देना चाहिए था।
घटना के वीडियो और संबंधित फुटपाथ की तस्वीरों में 'हाई वोल्टेज एरिया' की चेतावनी वाले साइनबोर्ड भी दिखाई दे रहे हैं।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई उत्तर-पूर्व से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया पर मेयर रितु तावड़े को संबोधित करते हुए लिखा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बीएमसी की लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रतीक है।
तावड़े के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गायकवाड़ ने एक्स पर लिखा, "विपक्ष को सड़कों पर उतरकर काम करने की सलाह देने से पहले उस व्यक्ति को देखिए, जो आपके सामने ही गड्ढे में गिर गया। वह आपकी निष्क्रियता और भ्रष्टाचार से पैदा हुई खामियों का शिकार हुआ है।"
बीएमसी के अनुसार, इस वर्ष मुंबई में मानसून ने सामान्य समय से लगभग 12 दिन की देरी से 23 जून को दस्तक दी। बीते 24 घंटों के दौरान शहर में 225 से 250 मिमी तक बारिश दर्ज की गई।
हालांकि, मौसम विभाग के 1991-2020 के औसत आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में मुंबई में सामान्यतः लगभग 526 मिमी वर्षा होती है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार से मुंबई में लगातार बारिश हो रही है, जिसके कारण शहर के कई हिस्सों में एक बार फिर जलभराव की समस्या देखने को मिल रही है।
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मुंबई के किंग्स सर्कल क्षेत्र में बुधवार, 24 जून को बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) का एक कर्मचारी खुले गड्ढे में गिर गया। यह हादसा उस स्थान से महज कुछ मीटर की दूरी पर हुआ, जहां मेयर रितु तावड़े इलाके में बार-बार होने वाले जलभराव से निपटने के लिए किए गए इंतजामों का निरीक्षण कर रही थीं।
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, तावड़े किंग्स सर्कल स्थित महात्मा गांधी मार्केट के सामने अधिकारियों से बातचीत कर रही थीं, तभी बीएमसी का एक कर्मचारी फुटपाथ के बगल में बने खुले गड्ढे में गिर गया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड पर जमा पानी के कारण गड्ढा दिखाई नहीं दे रहा था। कर्मचारी कमर तक उसमें धंस गया, जिसके बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला गया। यह पूरी घटना मेयर रितु तावड़े की मौजूदगी में हुई। हादसे के बाद मेयर ने मौके पर मौजूद अधिकारियों पर नाराजगी जताई और उन्हें फटकार लगाई।
इसी दौरान महात्मा गांधी मार्केट के पास बने पंपिंग स्टेशन का निरीक्षण करते हुए उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि क्षेत्र की सड़कें साफ हैं और पानी की निकासी के लिए प्रभावी व्यवस्था की गई है।
बाद में बीएमसी की ओर से जारी बयान में मेयर रितु तावड़े के हवाले से कहा गया, "मुंबई की दैनिक गतिविधियां सामान्य रूप से जारी हैं, जो इस बात का प्रमाण है कि इस वर्ष मानसून-पूर्व तैयारियां प्रभावी ढंग से की गई हैं।"
हालांकि, उनके उपमहापौर संजय घाड़ी ने बुधवार शाम स्वीकार किया कि बीएमसी की तैयारियों में कुछ कमियां रह गई होंगी या कुछ मैनहोल खुले रह गए होंगे।
इस बीच, बीएमसी आयुक्त अश्विनी भिड़े को सौंपे गए एक ज्ञापन में घाड़ी ने बीएमसी कर्मचारी के खुले गड्ढे में गिरने की घटना का उल्लेख करते हुए मुंबई के सभी मैनहोल का तत्काल सर्वेक्षण कराने और उन पर मजबूत तथा सुरक्षित जालियां लगाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि इस कार्य में विशेष रूप से स्कूलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों और जलभराव वाले इलाकों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
मेयर रितु तावड़े ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि किंग्स सर्कल क्षेत्र में कचरा साफ करने के लिए मेंटेनेंस होल को अस्थायी रूप से खुला छोड़ा गया था। उन्होंने इस घटना के लिए बीएमसी अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्हें मौके पर लगाए गए बैरिकेड्स पर अधिक ध्यान देना चाहिए था।
घटना के वीडियो और संबंधित फुटपाथ की तस्वीरों में 'हाई वोल्टेज एरिया' की चेतावनी वाले साइनबोर्ड भी दिखाई दे रहे हैं।
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मुंबई उत्तर-पूर्व से कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सोशल मीडिया पर मेयर रितु तावड़े को संबोधित करते हुए लिखा कि यह महज एक दुर्घटना नहीं, बल्कि बीएमसी की लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रतीक है।
तावड़े के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए गायकवाड़ ने एक्स पर लिखा, "विपक्ष को सड़कों पर उतरकर काम करने की सलाह देने से पहले उस व्यक्ति को देखिए, जो आपके सामने ही गड्ढे में गिर गया। वह आपकी निष्क्रियता और भ्रष्टाचार से पैदा हुई खामियों का शिकार हुआ है।"
बीएमसी के अनुसार, इस वर्ष मुंबई में मानसून ने सामान्य समय से लगभग 12 दिन की देरी से 23 जून को दस्तक दी। बीते 24 घंटों के दौरान शहर में 225 से 250 मिमी तक बारिश दर्ज की गई।
हालांकि, मौसम विभाग के 1991-2020 के औसत आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में मुंबई में सामान्यतः लगभग 526 मिमी वर्षा होती है।
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