UP: इफ़्तार के बाद मंदिर के पास नाले में बचा हुआ मांस फेंकने के आरोप में चार लोग गिरफ़्तार

Written by sabrang india | Published on: March 23, 2026
इस मामले में मंदिर का संचालन करने वाले आश्रम के प्रमुख ने शिकायत दर्ज कराई थी।



उत्तर प्रदेश के श्रावस्ती जिले में चार लोगों को एक आश्रम में मंदिर के पास बहने वाली एक धारा (स्ट्रीम) में कथित तौर पर बचा हुआ मांस फेंकने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मीडिया को यह जानकारी दी।

यह घटना सिरसिया इलाके में सोनपथरी आश्रम मंदिर के पास हुई।

सर्किल ऑफिसर सतीश कुमार शर्मा ने बताया कि गुरुवार को आश्रम के प्रमुख हरि शरणानंद ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि मंगलवार को मंदिर के पास बहने वाली ताज़े पानी की धारा के किनारे एक इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया गया था।

सर्किल ऑफिसर ने बताया कि इफ़्तार के दौरान मांस परोसा गया था। शर्मा के अनुसार, पार्टी के बाद आयोजकों ने कथित तौर पर बचा हुआ खाना उसी धारा में फेंक दिया, जिससे आश्रम के लोग खाना पकाने, पीने और मूर्तियों को धोने के लिए पानी लेते हैं।

शिकायतकर्ता ने दावा किया कि जब आश्रम के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई, तो इफ़्तार कार्यक्रम के आयोजकों ने उन्हें धमकियां दीं।

PTI की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायत के आधार पर सिरसिया पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता के तहत दुश्मनी और वैमनस्य को बढ़ावा देने से संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की गई।

समाचार एजेंसी के अनुसार, शर्मा ने बताया कि इस मामले में आरोपी चार लोगों—जमाल अहमद, इरफ़ान अहमद, इमरान अहमद और जहीर खान—को क़ानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनज़र शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया।

उन्होंने बताया कि ये चारों लोग हरदत्तनगर गिरंट पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महरू मूर्तिहा गांव के निवासी हैं।

इनकी गिरफ़्तारी वाराणसी में 14 मुसलमानों की गिरफ़्तारी के कुछ ही दिनों बाद हुई है। उन पर आरोप था कि उन्होंने गंगा नदी में एक नाव पर इफ़्तार पार्टी का आयोजन किया और चिकन बिरयानी खाई, जिससे हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं।

उन्हें 16 मार्च को तब गिरफ्तार किया गया, जब नाव पर पार्टी करते हुए उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।

शहर में भारतीय जनता पार्टी की युवा शाखा के प्रमुख रजत जायसवाल ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि इस घटना से हिंदुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अपनी शिकायत में जायसवाल ने यह भी आरोप लगाया था कि उन लोगों ने मांस का बचा हुआ हिस्सा गंगा नदी में फेंक दिया था।

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