जिस इंजीनियर को EVM की खामी बताने पर जेल भेजा गया, उसे मिला था अमेरिका का प्रतिष्ठित पुरस्कार

Published on: March 16, 2017
नई दिल्ली। हरि कृष्ण प्रसाद वेमुरु ने भारत में इस्तेमाल की जाने वाली ईवीएम पर रिसर्च करके यह सिद्ध किया था कि इन मशीनों में हेराफेरी करके चुनाव परिणामों को किसी एक पक्ष में किया जा सकता है। जिसके चलते प्रसाद को एक महीने जेल की सज़ा भुगतनी पड़ी थी। उन्ही हरि कृष्ण प्रसाद वेमुरु को उनकी रिसर्च के लिए सान फ्रांसिस्को की इलेक्ट्रानिक फ्रांटियर फाउंडेशन ने साल 2010 में अमेरिका का प्रतिष्ठित 'पायनियर अवार्ड' दिया था। हरि कृष्ण प्रसाद 'पायनियर अवार्ड' पाने वाले पहले भारतीय थे। 

EVM
 
सान फ्रांस्सिको इलेक्ट्रानिक फ्रांटियर फाउंडेशन (ईएफएफ) ने अपने बयान में कहा, हरि कृष्ण प्रसाद सिक्योरिटी रिसर्चर थे जिन्होंने भारत में इस्तेमाल होने वाली कागज रहित इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी को उजागर किया था। जिसके चलते उन्हें एक साल की सज़ा भुगतनी पड़ी।
 
प्रसाद ने ईवीएम में छेड़छाड़ की समीक्षा करते हुए चुनाव अधिकारियों को समझाया। लेकिन चुनाव अधिकारियों का कहना था कि, सरकार द्वारा बनाई गई ईवीएम मशीने परफेक्ट हैं और इनमें हेराफेरी नही की जा सकती। सरकार के इस आदेश को लोगों ने आंख बंद करके स्वीकार कर लिया। वहीं पसाद ने इन्हें परफेक्ट मानने से इंकार दिया। हरि कृष्ण प्रसाद और उनकी अंतरारष्ट्रीय टीम ने भारत में चुनाव नतीजों के बाद इन मशीनों में बड़े पैमाने पर खामियां ढुंढ़ निकालीं। 
 
वहीं हरि कृष्ण प्रसाद वेमुरु की इस उपलब्धि पर ईएफएफ की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि , प्रसाद अपने देश को एक पारदर्शी और प्रमाणित मतदान प्रणाली बनाने में मदद करें।

Courtesy: National Dastak

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