मोदी सरकार के दौर में बंद हुए 200 से ज्यादा स्टार्टअप्स

Published on: December 28, 2016
नई दिल्ली। भारत में स्‍टार्टअप्‍स के बारे में एक कठोर सत्‍य सामने आया है। रिपोर्टस के मुताबिक इस साल देश में 212 स्टार्टअप्स बंद हो चुके हैं। यह स्‍टार्टअप्‍स ई-कॉमर्स, हेल्‍थ टेक्‍नोलॉजी, रोबोटिक्‍स, लॉजिस्टिक, बिजनेस इंटेलीजेंस और एनालिटिक्‍स, फूड टेक्‍नोलॉजी और ऑनलाइन रिक्रूटमेंट जैसे सेक्‍टर्स में कार्यरत थे। 

startups
 
स्‍टार्टअप्‍स के बंद होने के पीछे मुख्‍य वजह फंडिंग की कमी रही। जिस स्‍टार्टअप्‍स को इन्‍वेस्‍टमेंट मिला वह थोड़ा लंबे समय तक चला। बाकी सभी स्‍टार्टअप्‍स के लिए अंतिम पड़ाव जल्‍दी आ गया और वे अपनी लॉन्चिंग के 12 महीने के भीतर ही बंद हो गए। बंद हुए स्टार्टअप्स की यह संख्या पिछले साल से 50 फीसदी ज्यादा है।
 
बंद हुए स्‍टार्टअप्‍स की इस लिस्ट में सबसे बड़ी किराने की डिलिवरी स्टार्टअप 'पेपर टैप' का भी नाम शामिल है जिसने पिछले साल 'बिग बास्केट' को कड़ी टक्कर दी थी। निवेशकों से सबसे ज्यादा फंडिग जुटाने के बाद बंद होने वाले स्टार्टअप्स में यह टॉप पर है।
 
डेटा ऐनालिटिक्स फर्म Tracxn के अनुसार, पिछले साल करीब 140 स्टार्टअप्स बंद हुए थे। जबकि इस साल अब तक 212 स्टार्टअप्स बंद हो चुके हैं।

Courtesy: National Dastak
 

बाकी ख़बरें