हैंडपंप से पानी पीने पर दलित नाबालिग को पीटा और अपमानित किया गया

Written by sabrang india | Published on: May 19, 2026
हमलावरों ने उसके कपड़े उतरवा दिए, उसे अपमानित किया और बेरहमी से पीटा। उन्होंने एक जूते पर थूका और उसे चाटने पर मजबूर किया, फिर उसी जूते में पानी भरकर उससे पानी पिलाया। बाद में, उन्होंने हैंडपंप के आसपास गंगाजल छिड़ककर उसे “शुद्ध” किया।



कानपुर में दलित समुदाय के एक 16 वर्षीय लड़के को ऊंची जाति के लोगों ने एक सार्वजनिक हैंडपंप से पानी पीने और वहां रखी बाल्टी को छूने पर पीटा।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने उसके कपड़े उतरवा दिए, उसे अपमानित किया और बेरहमी से पीटा। उन्होंने एक जूते पर थूका और उसे चाटने पर मजबूर किया, फिर उसी जूते में पानी भरकर उससे पानी पिलाया। बाद में, उन्होंने हैंडपंप के आसपास गंगाजल छिड़ककर उसे “शुद्ध” किया। 2 मई को हुई इस घटना की FIR शनिवार को दर्ज की गई।

लड़के के पिता, जो उसे बचाने पहुंचे थे, उन्हें भी समूह ने पीटा। इस हमले में नाबालिग का हाथ टूट गया। उसे पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया और बाद में उर्सुला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत के आधार पर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

यह घटना सचेंडी थाना क्षेत्र के झाखरा-सांभरपुर गांव की है। पुलिस के अनुसार, 2 मई को झाखरा-सांभरपुर गांव के रहने वाले एक खेत मजदूर के 16 वर्षीय बेटे ने पास के एक हैंडपंप से पानी पीने की कोशिश की। जैसे ही उसने वहां रखी बाल्टी को छुआ, संजय, उसका भाई दीपक और उनके साथी सागर व पटिया, जो पहले से वहां मौजूद थे, ने उसे रोक लिया।

चारों ने उस पर जातिसूचक गालियां दीं और बाल्टी को “अपवित्र” करने का आरोप लगाया।

आरोपियों ने पहले लड़के को मुक्कों से पीटा और फिर लाठियों से बेरहमी से हमला किया। उसे लात-घूंसों से भी मारा गया। उन्होंने उसके कपड़े उतरवा दिए और उसे उस जूते को चाटने पर मजबूर किया, जिस पर उन्होंने थूका था। इसके बाद उसी जूते में पानी भरकर उससे पानी पिलाया गया।

जब नाबालिग के पिता मौके पर पहुंचे, तो आरोपियों ने उन पर भी हमला कर दिया। इस हमले में पिता की पसलियां टूट गईं, जबकि नाबालिग के हाथ में गंभीर चोट आई।

पुलिस ने संजय, दीपक, सागर और पटिया के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ACP पनकी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच के नतीजों व सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ज्ञात हो कि कुछ दिन पहले उत्तराखंड के हल्द्वानी में एक शादी समारोह के दौरान पानी के बर्तन से पानी पीने को लेकर हुए विवाद में दो दलित भाइयों पर कथित तौर पर हमला किया गया और उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों भाइयों में से एक ने शिकायत दर्ज कराई थी।

उमेश टम्टा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, उनके भाई शुभम और रिश्तेदार राकेश आर्य व अजय आर्य देवल मल्ला गांव में एक शादी में DJ सिस्टम चलाने गए थे। इसी दौरान राकेश आर्य पानी के बर्तन से पानी पीने गए, तभी कथित तौर पर दूल्हे के परिवार वालों ने उन्हें निशाना बनाया।

टम्टा ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया, “उन्होंने राकेश से पूछा कि वह वहां क्यों है और उसे थप्पड़ मार दिया। जब राकेश ने मेरे भाई को बताया कि परिवार वालों ने उसके साथ मारपीट की, तो शुभम उनसे बात करने के लिए घर गया। वहां मौजूद एक युवक को उसने थप्पड़ मार दिया, जिसके बाद उस युवक ने अपने चाचा और दोस्तों को बुला लिया और शुभम पर हमला शुरू कर दिया। इस दौरान जातिसूचक गालियां भी दी गईं।”

कथित तौर पर शुभम के चेहरे और शरीर पर लात-घूंसों से हमला किया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। जब टम्टा को घटना की जानकारी मिली, तो वह मौके पर पहुंचे, जहां कथित तौर पर उनके सिर पर किसी धारदार हथियार से हमला किया गया।

टम्टा ने आरोप लगाया, “मैंने उनसे पूछा कि वे मेरे भाई को क्यों पीट रहे थे। उन्होंने कहा कि शुभम ने उनके भाई को मारा था और फिर मेरे सिर पर रॉड से हमला कर दिया। जब मेरे सिर से खून बह रहा था, तभी एक अन्य व्यक्ति ने मेरा गला घोंटने की कोशिश की। मैं उनसे रुकने की गुहार लगा रहा था और मुझे लगा जैसे मैं अपनी आखिरी सांसें ले रहा हूं। तभी किसी ने बीच-बचाव कर उन्हें रोका। इस दौरान हमें जातिसूचक गालियां भी दी गईं।”

परिवार का दावा है कि टम्टा के सिर में गंभीर चोट आई है, जबकि उनके भाई की रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर हो गया है। दोनों को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिकायत में हत्या के प्रयास और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों और टम्टा के परिवार वालों ने पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

पुलिस के अनुसार, दूसरे पक्ष की ओर से भी एक जवाबी शिकायत मिली है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि इस घटना में उनकी मां घायल हुई हैं। काठगोदाम पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि BNSS की धारा 172 के तहत चार लोगों को हिरासत में लिया गया है।

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