बनियानी गांव में होली के दिन रंग खेलते समय दलित और राजपूत समुदाय के बीच बाइक हटाने को लेकर विवाद हुआ, जिसमें विक्रम नाम के युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।

रोहतक जिले के बनियानी गांव में होली के दिन विक्रम नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि गांव में भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा।
होली के दिन हुई इस हिंसक घटना ने अनुसूचित जाति समुदाय की बस्ती में दहशत फैला दी है। घटना के बाद लगभग दो दर्जन परिवारों ने अपने घरों में ताला लगा लिया और गांव छोड़कर कहीं चले गए।
एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति बस्ती में रहने वाले लोगों में इतनी दहशत है कि वे अपने घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि डर के कारण करीब आधा दर्जन छात्र-छात्राएं हरियाणा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षाएं भी नहीं दे सके, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ गया है।
दलित और राजपूत समुदाय में विवाद का कारण बना बाइक
दरअसल, होली के दिन रंग खेलते समय दलित समाज और राजपूत समाज के बीच बाइक हटाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद राजपूत समुदाय के विक्रम नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन अनुसूचित जाति समुदाय में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
दूसरी ओर, अनुसूचित जाति समुदाय के लोग बताते हैं कि होली के दिन घटना जरूर हुई थी, लेकिन इस मामले में सभी दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना जांच किसी भी युवक को उठाकर ले जाती है, जो पूरी तरह गलत है, और उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही।
समुदाय के लोगों का कहना है कि विवाद बाइक हटाने को लेकर नहीं था। उनके अनुसार मृतक शराब के नशे में एक महिला को गुलाल लगाने की कोशिश कर रहा था। महिला ने उसे धक्का दिया, जिसके बाद युवक की मौत हो गई।
एक महिला ने बताया कि उसका पति पिछले 9 दिनों से लापता है और उसे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें आशंका है कि उनके पति के साथ कोई अनहोनी हुई है। उन्होंने कहा कि अभी भी उनके लिए खतरा बना हुआ है।
पुलिस अधिकारी प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है और पुलिस निष्पक्ष तरीके से न्याय करेगी। उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के लोगों से बातचीत की गई है और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जा रहा है और किसी भी छात्र की परीक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
गौरतलब है कि होली के दिन हुई हिंसा का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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होली के दिन हुई इस हिंसक घटना ने अनुसूचित जाति समुदाय की बस्ती में दहशत फैला दी है। घटना के बाद लगभग दो दर्जन परिवारों ने अपने घरों में ताला लगा लिया और गांव छोड़कर कहीं चले गए।
एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित जाति बस्ती में रहने वाले लोगों में इतनी दहशत है कि वे अपने घरों से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि डर के कारण करीब आधा दर्जन छात्र-छात्राएं हरियाणा बोर्ड की दसवीं कक्षा की परीक्षाएं भी नहीं दे सके, जिससे उनका भविष्य संकट में पड़ गया है।
दलित और राजपूत समुदाय में विवाद का कारण बना बाइक
दरअसल, होली के दिन रंग खेलते समय दलित समाज और राजपूत समाज के बीच बाइक हटाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद राजपूत समुदाय के विक्रम नामक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, लेकिन अनुसूचित जाति समुदाय में अभी भी दहशत का माहौल बना हुआ है।
दूसरी ओर, अनुसूचित जाति समुदाय के लोग बताते हैं कि होली के दिन घटना जरूर हुई थी, लेकिन इस मामले में सभी दोषियों को कानून के तहत सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बिना जांच किसी भी युवक को उठाकर ले जाती है, जो पूरी तरह गलत है, और उनकी सुनवाई भी नहीं हो रही।
समुदाय के लोगों का कहना है कि विवाद बाइक हटाने को लेकर नहीं था। उनके अनुसार मृतक शराब के नशे में एक महिला को गुलाल लगाने की कोशिश कर रहा था। महिला ने उसे धक्का दिया, जिसके बाद युवक की मौत हो गई।
एक महिला ने बताया कि उसका पति पिछले 9 दिनों से लापता है और उसे उसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्हें आशंका है कि उनके पति के साथ कोई अनहोनी हुई है। उन्होंने कहा कि अभी भी उनके लिए खतरा बना हुआ है।
पुलिस अधिकारी प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को घबराने की जरूरत नहीं है और पुलिस निष्पक्ष तरीके से न्याय करेगी। उन्होंने बताया कि दोनों समुदायों के लोगों से बातचीत की गई है और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति को परेशान नहीं किया जा रहा है और किसी भी छात्र की परीक्षा प्रभावित नहीं होने दी जाएगी।
गौरतलब है कि होली के दिन हुई हिंसा का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दोनों समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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