जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए पत्र लिखे जाने के बाद FIR दर्ज की गई। एसोसिएशन ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस मामले में दखल देने का आग्रह किया।

हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कश्मीरी शॉल बेचने वालों पर कथित हमलों की घटनाओं के बाद दोनों राज्यों में दो अलग-अलग FIR दर्ज की गई हैं।
द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश की घटना में बिलासपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) संदीप धवल ने बताया कि FIR जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के शॉल विक्रेता अब्दुल अहद खान की शिकायत पर दर्ज की गई है। उन्होंने कहा, “तीनों संदिग्धों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। आरोपियों और जिस मोटरसाइकिल पर वे सवार थे, उसका पता लगाने के लिए घुमारवीं मुख्य बाजार के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।”
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में विक्रेता को रोका गया और उस पर हमला किया गया, जिसके दौरान कथित तौर पर उसका सामान भी खराब कर दिया गया। आरोपी मास्क पहने हुए थे और मोटरसाइकिल पर आए थे। उनमें से केवल एक ने विक्रेता से पूछताछ की और उस पर हमला किया, जबकि बाकी लोग वहीं मौजूद थे। खान को लगी चोटें मामूली बताई गई हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है, और पारंपरिक व डिजिटल पुलिसिंग—दोनों तरीकों से जांच जारी है।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तत्काल हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखे जाने के बाद FIR दर्ज की गई। एसोसिएशन ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस मामले को उठाने का आग्रह किया।
हरियाणा पुलिस ने भी कैथल जिले में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर कथित हमले के मामले में FIR दर्ज की है। जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने कहा कि वह इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा की गई “तेज़ और निर्णायक कार्रवाई” का स्वागत करता है। एसोसिएशन के नेशनल कन्वीनर नासिर खुएहामी ने कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली से बात करने के बाद हमें बताया गया कि घटना के संबंध में तुरंत FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों का पता लगाने व उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।”
खुएहामी ने आगे कहा, “SP कैथल उपासना ने एसोसिएशन को बताया कि मामला कलायत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 299 और 353(1) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस टीमों को तुरंत रवाना किया गया है, कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है और उम्मीद है कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। मामला अभी जांच के अधीन है।”
एसोसिएशन ने आगे कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है और साफ तौर पर कहा है कि कश्मीरी व्यापारियों के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी और हिंसा के कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
खुएहामी ने जारी एक बयान में कहा, “मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और राज्य सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री सभी नागरिकों—जिसमें राज्य भर में अपनी आजीविका कमाने वाले कश्मीर घाटी के व्यापारी, मज़दूर और छात्र शामिल हैं—की सुरक्षा, सम्मान और आजीविका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।” JKSA ने यह भी बताया कि हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आई एक अन्य घटना की भी फिलहाल जांच चल रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने आश्वासन दिया है कि उस मामले में भी FIR दर्ज की जाएगी और गिरफ्तारियां की जाएंगी, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
JKSA ने दोहराया कि विभिन्न राज्यों में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं और व्यापारियों के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा की बार-बार होने वाली घटनाएं “बेहद चिंताजनक” हैं और इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त, समयबद्ध और निवारक कार्रवाई की मांग की।
कैथल जिले के कलायत इलाके से कथित तौर पर सामने आए एक वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति हरियाणवी बोली में एक कंक्रीट बेंच पर बैठे विक्रेता से “वंदे मातरम” बोलने के लिए कहते हुए दिखाई देता है। वह व्यक्ति बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का ज़िक्र करता है और विक्रेता से तुरंत वहां से चले जाने को कहता है, साथ ही उसे आग लगाने की धमकी भी देता है।
SP (कैथल) उपासना ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने “स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत मामला दर्ज कर लिया।”
फतेहाबाद की घटना में एक अन्य वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति एक कश्मीरी विक्रेता को कॉलर से पकड़े हुए और उससे “भारत माता की जय” बोलने के लिए कहते हुए दिख रहा है। वीडियो में एक महिला भी हस्तक्षेप करने की कोशिश करती हुई और उस व्यक्ति से विक्रेता को छोड़ने की गुहार लगाती हुई दिखती है। फतेहाबाद के SP सिद्धांत जैन ने मीडिया को बताया कि विक्रेता और उस व्यक्ति—दोनों को पुलिस स्टेशन लाया गया और उस व्यक्ति को समझाइश दी गई। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने विक्रेता से 28 दिसंबर की घटना के संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज करने को कहा है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हुए हमले
ज्ञात हो कि पिछले साल दिसंबर में उत्तराखंड में कुछ ही दिनों के भीतर कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले के दो मामले सामने आए थे।
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो बयान में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने बताया था कि ताज़ा घटना सोमवार (22 दिसंबर) को काशीपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई।
मिश्रा ने बताया कि 24 दिसंबर को इंस्टाग्राम अकाउंट @ANKURSINGHBAJRANGDAL पर पोस्ट किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें कश्मीर के एक शॉल विक्रेता को काशीपुर के कुछ स्थानीय लोग पीटते और धमकाते हुए दिख रहे हैं।
पीड़ित की पहचान उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के निवासी बिलाल अहमद गनी के रूप में हुई थी। मिश्रा के अनुसार, अहमद काशीपुर में जाना-पहचाना चेहरा थे, क्योंकि वह पिछले नौ वर्षों से इस इलाके में कश्मीरी शॉल बेच रहे थे।
सोमवार को अहमद घर-घर जाकर कश्मीरी शॉल बेच रहे थे, तभी काशीपुर की मेन रोड पर मोटरसाइकिल सवार पांच-छह युवकों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया।
अपराधियों में से एक द्वारा बनाए गए दो मिनट के वीडियो में, करीब तीस वर्ष का एक युवक नीली स्वेटशर्ट और काली हाफ-जैकेट पहने हुए, भीड़भाड़ वाले इलाके के पास अहमद का दाहिना हाथ पकड़े हुए दिखाई देता है और उनसे ‘भारत माता की जय’ बोलने को कहता है।
जैसे ही वह व्यक्ति अहमद को धक्का देता है और थप्पड़ मारता है, कुछ महिलाओं सहित मोटरसाइकिल सवारों और पैदल चलने वालों की एक छोटी भीड़ घटनास्थल के आसपास जमा हो जाती है। अहमद मांग मानने से इनकार कर देते हैं और इसके बजाय ‘भारत की जय’ बोलने की पेशकश करते हैं।
अहमद को घटना रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति से विनम्रता से कैमरा बंद करने का अनुरोध करते हुए भी देखा जा सकता है। हालांकि, उनके जवाब से मुख्य आरोपी गुस्सा हो जाता है और चेतावनी देता है कि यदि उन्होंने ‘भारत माता की जय’ नहीं बोला तो उन्हें पीटा जाएगा।
“तुम किस देश में रहते हो? क्या तुम पाकिस्तान से हो? इन हरामियों को देखो। ये कश्मीर में रहते हैं। देखो, इन्होंने बांग्लादेश में क्या किया है,” वह कैमरे की ओर कहते हुए अहमद की कलाई मरोड़ता है और गालियों, थप्पड़ों व लातों की बौछार कर देता है, जिससे अहमद साफ तौर पर विचलित दिखाई देते हैं।
वीडियो में आरोपी अहमद को जमीन पर गिराते हुए दिखता है, जबकि कुछ अन्य लोग भी हमले में शामिल हो जाते हैं। “तुम वही खाते हो जो भारत तुम्हें देता है। तुम भारत में कारोबार करते हो और यहीं कमाते हो, लेकिन तुम ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलोगे?”
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पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस घटना में विक्रेता को रोका गया और उस पर हमला किया गया, जिसके दौरान कथित तौर पर उसका सामान भी खराब कर दिया गया। आरोपी मास्क पहने हुए थे और मोटरसाइकिल पर आए थे। उनमें से केवल एक ने विक्रेता से पूछताछ की और उस पर हमला किया, जबकि बाकी लोग वहीं मौजूद थे। खान को लगी चोटें मामूली बताई गई हैं।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126(2), 115(2) और 324(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है, और पारंपरिक व डिजिटल पुलिसिंग—दोनों तरीकों से जांच जारी है।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को तत्काल हस्तक्षेप के लिए पत्र लिखे जाने के बाद FIR दर्ज की गई। एसोसिएशन ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी से भी इस मामले को उठाने का आग्रह किया।
हरियाणा पुलिस ने भी कैथल जिले में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर कथित हमले के मामले में FIR दर्ज की है। जिला पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने कहा कि वह इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा की गई “तेज़ और निर्णायक कार्रवाई” का स्वागत करता है। एसोसिएशन के नेशनल कन्वीनर नासिर खुएहामी ने कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार राजीव जेटली से बात करने के बाद हमें बताया गया कि घटना के संबंध में तुरंत FIR दर्ज कर ली गई है और आरोपियों का पता लगाने व उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।”
खुएहामी ने आगे कहा, “SP कैथल उपासना ने एसोसिएशन को बताया कि मामला कलायत पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 299 और 353(1) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस टीमों को तुरंत रवाना किया गया है, कई जगहों पर छापेमारी की जा रही है और उम्मीद है कि अपराधियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। मामला अभी जांच के अधीन है।”
एसोसिएशन ने आगे कहा कि “हरियाणा के मुख्यमंत्री ने इस घटना का गंभीरता से संज्ञान लिया है और साफ तौर पर कहा है कि कश्मीरी व्यापारियों के खिलाफ उत्पीड़न, धमकी और हिंसा के कृत्यों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
खुएहामी ने जारी एक बयान में कहा, “मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और राज्य सरकार न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री सभी नागरिकों—जिसमें राज्य भर में अपनी आजीविका कमाने वाले कश्मीर घाटी के व्यापारी, मज़दूर और छात्र शामिल हैं—की सुरक्षा, सम्मान और आजीविका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।” JKSA ने यह भी बताया कि हरियाणा के फतेहाबाद जिले से सामने आई एक अन्य घटना की भी फिलहाल जांच चल रही है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने आश्वासन दिया है कि उस मामले में भी FIR दर्ज की जाएगी और गिरफ्तारियां की जाएंगी, यह सुनिश्चित करते हुए कि किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
JKSA ने दोहराया कि विभिन्न राज्यों में कश्मीरी शॉल विक्रेताओं और व्यापारियों के खिलाफ उत्पीड़न और हिंसा की बार-बार होने वाली घटनाएं “बेहद चिंताजनक” हैं और इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त, समयबद्ध और निवारक कार्रवाई की मांग की।
कैथल जिले के कलायत इलाके से कथित तौर पर सामने आए एक वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति हरियाणवी बोली में एक कंक्रीट बेंच पर बैठे विक्रेता से “वंदे मातरम” बोलने के लिए कहते हुए दिखाई देता है। वह व्यक्ति बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का ज़िक्र करता है और विक्रेता से तुरंत वहां से चले जाने को कहता है, साथ ही उसे आग लगाने की धमकी भी देता है।
SP (कैथल) उपासना ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने “स्वतः संज्ञान लेकर तुरंत मामला दर्ज कर लिया।”
फतेहाबाद की घटना में एक अन्य वीडियो सामने आया है, जिसमें एक व्यक्ति एक कश्मीरी विक्रेता को कॉलर से पकड़े हुए और उससे “भारत माता की जय” बोलने के लिए कहते हुए दिख रहा है। वीडियो में एक महिला भी हस्तक्षेप करने की कोशिश करती हुई और उस व्यक्ति से विक्रेता को छोड़ने की गुहार लगाती हुई दिखती है। फतेहाबाद के SP सिद्धांत जैन ने मीडिया को बताया कि विक्रेता और उस व्यक्ति—दोनों को पुलिस स्टेशन लाया गया और उस व्यक्ति को समझाइश दी गई। उन्होंने आगे बताया कि पुलिस ने विक्रेता से 28 दिसंबर की घटना के संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज करने को कहा है, जिसके बाद कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।
कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हुए हमले
ज्ञात हो कि पिछले साल दिसंबर में उत्तराखंड में कुछ ही दिनों के भीतर कश्मीरी शॉल विक्रेताओं पर हमले के दो मामले सामने आए थे।
द वायर की रिपोर्ट के अनुसार, एक वीडियो बयान में उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मणिकांत मिश्रा ने बताया था कि ताज़ा घटना सोमवार (22 दिसंबर) को काशीपुर पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई।
मिश्रा ने बताया कि 24 दिसंबर को इंस्टाग्राम अकाउंट @ANKURSINGHBAJRANGDAL पर पोस्ट किया गया एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ, जिसमें कश्मीर के एक शॉल विक्रेता को काशीपुर के कुछ स्थानीय लोग पीटते और धमकाते हुए दिख रहे हैं।
पीड़ित की पहचान उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के निवासी बिलाल अहमद गनी के रूप में हुई थी। मिश्रा के अनुसार, अहमद काशीपुर में जाना-पहचाना चेहरा थे, क्योंकि वह पिछले नौ वर्षों से इस इलाके में कश्मीरी शॉल बेच रहे थे।
सोमवार को अहमद घर-घर जाकर कश्मीरी शॉल बेच रहे थे, तभी काशीपुर की मेन रोड पर मोटरसाइकिल सवार पांच-छह युवकों के एक समूह ने उन्हें रोक लिया।
अपराधियों में से एक द्वारा बनाए गए दो मिनट के वीडियो में, करीब तीस वर्ष का एक युवक नीली स्वेटशर्ट और काली हाफ-जैकेट पहने हुए, भीड़भाड़ वाले इलाके के पास अहमद का दाहिना हाथ पकड़े हुए दिखाई देता है और उनसे ‘भारत माता की जय’ बोलने को कहता है।
जैसे ही वह व्यक्ति अहमद को धक्का देता है और थप्पड़ मारता है, कुछ महिलाओं सहित मोटरसाइकिल सवारों और पैदल चलने वालों की एक छोटी भीड़ घटनास्थल के आसपास जमा हो जाती है। अहमद मांग मानने से इनकार कर देते हैं और इसके बजाय ‘भारत की जय’ बोलने की पेशकश करते हैं।
अहमद को घटना रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति से विनम्रता से कैमरा बंद करने का अनुरोध करते हुए भी देखा जा सकता है। हालांकि, उनके जवाब से मुख्य आरोपी गुस्सा हो जाता है और चेतावनी देता है कि यदि उन्होंने ‘भारत माता की जय’ नहीं बोला तो उन्हें पीटा जाएगा।
“तुम किस देश में रहते हो? क्या तुम पाकिस्तान से हो? इन हरामियों को देखो। ये कश्मीर में रहते हैं। देखो, इन्होंने बांग्लादेश में क्या किया है,” वह कैमरे की ओर कहते हुए अहमद की कलाई मरोड़ता है और गालियों, थप्पड़ों व लातों की बौछार कर देता है, जिससे अहमद साफ तौर पर विचलित दिखाई देते हैं।
वीडियो में आरोपी अहमद को जमीन पर गिराते हुए दिखता है, जबकि कुछ अन्य लोग भी हमले में शामिल हो जाते हैं। “तुम वही खाते हो जो भारत तुम्हें देता है। तुम भारत में कारोबार करते हो और यहीं कमाते हो, लेकिन तुम ‘भारत माता की जय’ नहीं बोलोगे?”
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