कुछ असामाजिक तत्वों ने कर्नाटक के बीदर जिले के बसवकल्याण में दो मुस्लिम शिक्षकों पर हमला कर दिया, जिसके बाद समुदाय द्वारा व्यापक विरोध-प्रदर्शन किया गया।

कर्नाटक के बीदर जिले के बसवकल्याण में मंगलवार रात दो मुस्लिम शिक्षकों पर कथित तौर पर हमला हुआ, जिससे सांप्रदायिक तनाव फैल गया। हमले के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हजारों लोग बसवकल्याण पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए। 3 मार्च को देर रात हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद कथित तौर पर टकराव हुआ, जिसके बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया। हिंदुस्तान टाइम्स ने इस रिपोर्ट को प्रकाशित किया।
पुलिस ने कहा कि मोहम्मद आरिफ (25) और सैयद इमरान (31) पर कथित तौर पर तब हमला किया गया जब वे टहलने निकले थे। डिप्टी पुलिस सुपरिटेंडेंट मदोलप्पा ने कहा कि हमले के सिलसिले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। मदोलप्पा ने कहा, “आरोपी कथित तौर पर शराब के नशे में थे।”
दुर्भाग्य से, ये खबरें फिलहाल केवल पुलिस स्रोतों पर आधारित हैं। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कहा कि घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया, क्योंकि मुस्लिम समुदाय ने आरोप लगाया कि यह एक लक्षित हमला था। उन्होंने मामले में दर्ज शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि छह से सात हमलावरों ने जान से मारने की धमकी दी और आरिफ तथा इमरान पर पत्थरों से हमला किया, जिससे उनके सिर में चोटें आईं।
इसके अलावा अखबार ने यह भी बताया कि पुलिस के अनुसार जब प्रदर्शनकारी स्टेशन के बाहर जमा हुए तो तनाव बढ़ गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुख्तार पटेल समेत पुलिसकर्मियों पर हमला किया और पत्थर फेंके। मदोलप्पा ने कहा, “पुलिस स्टेशन को घेरने की कोशिश करने, पटेल और अन्य पुलिसकर्मियों पर हमला करने और पत्थर फेंकने के आरोप में मुस्लिम समुदाय के 49 लोगों के खिलाफ एक और केस दर्ज किया गया है।”
हालांकि इसके बाद हालात काबू में आ गए, लेकिन मुस्लिम शिक्षकों पर हुए हमले और हमलावरों के मकसद को लेकर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। इस बारे में अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
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पुलिस ने कहा कि मोहम्मद आरिफ (25) और सैयद इमरान (31) पर कथित तौर पर तब हमला किया गया जब वे टहलने निकले थे। डिप्टी पुलिस सुपरिटेंडेंट मदोलप्पा ने कहा कि हमले के सिलसिले में पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। मदोलप्पा ने कहा, “आरोपी कथित तौर पर शराब के नशे में थे।”
दुर्भाग्य से, ये खबरें फिलहाल केवल पुलिस स्रोतों पर आधारित हैं। एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने कहा कि घटना ने सांप्रदायिक रंग ले लिया, क्योंकि मुस्लिम समुदाय ने आरोप लगाया कि यह एक लक्षित हमला था। उन्होंने मामले में दर्ज शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि छह से सात हमलावरों ने जान से मारने की धमकी दी और आरिफ तथा इमरान पर पत्थरों से हमला किया, जिससे उनके सिर में चोटें आईं।
इसके अलावा अखबार ने यह भी बताया कि पुलिस के अनुसार जब प्रदर्शनकारी स्टेशन के बाहर जमा हुए तो तनाव बढ़ गया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर मुख्तार पटेल समेत पुलिसकर्मियों पर हमला किया और पत्थर फेंके। मदोलप्पा ने कहा, “पुलिस स्टेशन को घेरने की कोशिश करने, पटेल और अन्य पुलिसकर्मियों पर हमला करने और पत्थर फेंकने के आरोप में मुस्लिम समुदाय के 49 लोगों के खिलाफ एक और केस दर्ज किया गया है।”
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