नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में प्रदर्शन के बीच आज इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली करीब 60 याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन जजों की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। इस बेंच में जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत शामिल हैं। याचिका दाखिल करने वाले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश, इंडियन मुस्लिम लीम और असम में सत्तारुढ़ बीजेपी की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद शामिल हैं।

नागरिकता संशोधन कानून के अनुसार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार और 31 दिसम्बर 2014 तक भारत आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी नहीं बल्कि भारतीय नागरिक माना जाएगा। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नागरिकता देने के लिए धर्म को आधार बनाया गया है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा सकता। इस कानून को याचिकाकर्ता ने संविधान के खिलाफ बताया है।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में जामिया में हिंसा के बाद मंगलवार को सीलमपुर इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए। रात होते होते बृजपुरी में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई और पथराव, आगजनी केसा कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। उधर, पूर्वोत्तर के राज्यों अभी भी तनाव का माहौल है। बिल पास होने के बाद से वहां बवाल शुरू हो गया था। हालात को काबू में करने के लिए असम के 10 जिलो में इंटरनेट सेवा पर रोक के साथ कई जगहों पर कर्फ्यू लगाना पड़ा। अभी भी राज्य में हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए हैं।
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर इलाके में बवाल हुआ। जब सीलमपुर में हिंसा हुई, इसी दौरान एक मस्जिद से लोगों को शांति बनाए रखने और उन्हें अपने-अपने घरों को लौटने की अपील की गई। गौरतलब है कि सीलमपुर हिंसा में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि 7 लोगों को चोटें आई हैं। इस हिंसा में कुल 18 लोगों के घायल होने की खबर है। मामले में 5 लोग हिरासत में लिए गए।
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को लेकर बढ़ते विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि इस कानून के क्रियान्वयन से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने दिल्ली में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को लेकर कहा कि हिंसा रोकनी भी है और कठोरता से कदम भी नहीं उठाना… तो कैसे होगा? इसके बाद शाह ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर इस ‘‘कानून को लेकर झूठा प्रचार अभियान’’ में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह CAA को लेकर ‘‘झूठा’’ अभियान चला रहा है और हिंदू-मुसलमानों के बीच खाई पैदा कर रहा है।

नागरिकता संशोधन कानून के अनुसार, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक उत्पीड़न के शिकार और 31 दिसम्बर 2014 तक भारत आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदाय के लोगों को अवैध शरणार्थी नहीं बल्कि भारतीय नागरिक माना जाएगा। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि नागरिकता देने के लिए धर्म को आधार बनाया गया है, लेकिन ऐसा नहीं किया जा सकता। इस कानून को याचिकाकर्ता ने संविधान के खिलाफ बताया है।
नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ देश भर में जगह-जगह पर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में जामिया में हिंसा के बाद मंगलवार को सीलमपुर इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुए। रात होते होते बृजपुरी में भी प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई और पथराव, आगजनी केसा कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। उधर, पूर्वोत्तर के राज्यों अभी भी तनाव का माहौल है। बिल पास होने के बाद से वहां बवाल शुरू हो गया था। हालात को काबू में करने के लिए असम के 10 जिलो में इंटरनेट सेवा पर रोक के साथ कई जगहों पर कर्फ्यू लगाना पड़ा। अभी भी राज्य में हालात पूरी तरह से सामान्य नहीं हुए हैं।
बता दें कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ मंगलवार को दिल्ली के सीलमपुर इलाके में बवाल हुआ। जब सीलमपुर में हिंसा हुई, इसी दौरान एक मस्जिद से लोगों को शांति बनाए रखने और उन्हें अपने-अपने घरों को लौटने की अपील की गई। गौरतलब है कि सीलमपुर हिंसा में 11 पुलिसकर्मी घायल हो गए, जबकि 7 लोगों को चोटें आई हैं। इस हिंसा में कुल 18 लोगों के घायल होने की खबर है। मामले में 5 लोग हिरासत में लिए गए।
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम को लेकर बढ़ते विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक इंटरव्यू में कहा कि इस कानून के क्रियान्वयन से पीछे हटने का सवाल ही नहीं है। उन्होंने दिल्ली में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को लेकर कहा कि हिंसा रोकनी भी है और कठोरता से कदम भी नहीं उठाना… तो कैसे होगा? इसके बाद शाह ने कांग्रेस समेत विपक्षी दलों पर इस ‘‘कानून को लेकर झूठा प्रचार अभियान’’ में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह CAA को लेकर ‘‘झूठा’’ अभियान चला रहा है और हिंदू-मुसलमानों के बीच खाई पैदा कर रहा है।