जिस मिडिल क्लास ने सिर-आंखों पर बिठाया, मोदी ने गिराई उसी पर गाज

Written by सबरंगइंडिया स्टाफ | Published on: May 20, 2017

जिस मिडिल क्लास ने नरेंद्र मोदी को सिर-आंखों पर बिठाया, उनकी सरकार अब उसी पर गाज गिराने जा रही है। इंडस्ट्री ने भी मोदी को पीएम बनाने के लिए दिल खोल  कर खर्चा किया। लेकिन सरकार के कदम उसके लिए लिए मुश्किलें पैदा करने लगी हैं।



जिस मिडिल क्लास ने नरेंद्र मोदी को सिर-आंखों पर बिठाया, उनकी सरकार अब उसी पर गाज गिराने जा रही है। इंडस्ट्री ने भी मोदी को पीएम बनाने के लिए दिल खोल कर कर खर्चा किया। लेकिन सरकार के कदम उसके लिए मुश्किलें पैदा करने लगी हैं। बड़ी हसरतें थी कि बीजेपी सरकार के आने के साथ ही उनका मुनाफा दिन-दुना रात चौगुना हो जाएगा। लेकिन उसे मायूसी हाथ लगी है।

मोदी सरकार ने जीएसटी स्ट्रक्चर के तहत वस्तुओं और सेवाओं पर इस तरह टैक्स लगाया है कि टीवी, एसी, फ्रिज, बैंकिंग, इंश्योरेंस, मोबाइल सेवाएं, हैंडसेट, सॉफ्ट ड्रिंक, घूमना-फिरना, होटलों में खाना-पीना और मनोरंजन जैसी मिडिल क्लास के इस्तेमाल की चीजें महंगी हो जाएंगीं।

इंडस्ट्री भी लागतें बढ़ने की आशंका से चिंतित है। भले ही सरकार कहे कि टैक्स अदायगी की एवज में मिलने वाले इनपुट टैक्स क्रेडिट से उनकी लागतें कम हो जाएंगीं। लेकिन इंडस्ट्री यह मानने को तैयार नहीं है।

जीएसटी की दरें इस तरह हैं कि एक तरफ तो यह मिडिल क्लास के लिए महंगाई बढ़ाएगी तो दूसरी ओर इंडस्ट्री के लिए भी लागतें बढ़ेंगी। लागतें बढ़ने का सीधा असर नौकरियों पर पड़ेगा। इंडस्ट्री इस मोर्चे पर कटौती कर अपनी लागत कम करना चाहेगी। बेरोजगारी के संकट से जूझ रहे सरकार के लिए यह दोहरी मार होगी।

पश्चिम बंगाल सरकार के वित्त मंत्री अमित मित्रा ने तो जीएसटी लागू करने की तैयारियों पर केंद्र से श्वेत-पत्र जारी करने की मांग कर डाली है। उनकी चिंता छोटे और मझोले उद्योग को लेकर है। मित्रा ने कहा है कि बड़ी कंपनियों की सप्लाई मैनेजमेंट छोटी कंपनियों पर टिकी है। अगर इंडस्ट्री में जीएसटी की तैयारी नहीं दिखती है तो इसे टाल देना चाहिए। मित्रा ने पूछा है कि क्या सरकार ने जीएसटी लागू करने की तैयारी के बारे में कोई स्टडी करवाई है। अगर करवाई है तो यह किसने की है, यह बताना चाहिए। पश्चिम बंगाल सरकार का कहना है कि जीएसटी लागू करने के तरीके में कई खामियां हैं।  मोदी सरकार बताए कि ये कैसे पूरी होंगी। वरना यह जीएसटी लागू करना का इरादा छोड़ दे।

जीएसटी की दरों ने मिडिल क्लास के लिए भी चिंता बढ़ा दी है। उसके इस्तेमाल की कई चीजें महंगी होने वाली है। अगर आप छोटी गाड़ी खरीदने जा रहे हैं तो जीएसटी लागू होने के बाद आपको ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, फ्लैट, एलईडी टीवी के दाम बढ़ सकते हैं। हाइब्रिड गाड़ियां भी महंगी हो सकती हैं। मोदी सरकार जीएसटी को लागू करने को बड़ी उपलब्धि के तौर पर प्रचारित कर रही है। 2019 के चुनाव में भी बीजेपी का यह एक बड़ा नारा होगा। लेकिन मिडिल क्लास और इंडस्ट्री को इसकी मार झेलनी होगी।
 
 

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