राजस्थान: विभिन्न मांगों को लेकर CPI(M) ने प्रदेश भर में ‘जन जत्था’ निकाला, केंद्र व राज्य सरकार पर अनदेखी का आरोप

Written by sabrang india | Published on: February 26, 2026
“जनता को प्रभावित कर रहे रोजमर्रा के जीवन से जुड़े गंभीर मुद्दों पर, जिनका केंद्र व राज्य सरकार बिल्कुल संज्ञान नहीं ले रही हैं, उन्हें सरकार की नजर में लाने और उनके समुचित समाधान के लिए पार्टी राज्य में जन जत्थे निकाल रही है। इन जत्थों को जनता का उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है।”



भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [CPI(M)] राजस्थान के जन संघर्ष जत्थे के तहत बुधवार को जयपुर की भट्टा बस्ती में एक जनसभा आयोजित की गई।

राजस्थान माकपा के राज्य सचिव किशन पारीक ने फेसबुक पर लिखे एक पोस्ट में कहा कि जनता को प्रभावित करने वाले रोजमर्रा के गंभीर मुद्दों पर राज्य और केंद्र सरकार संज्ञान नहीं ले रही हैं। इन मुद्दों को सरकार के समक्ष रखने और उनके समाधान की मांग को लेकर पार्टी राज्यभर में जन जत्थे निकाल रही है, जिन्हें जनता का उत्साहजनक समर्थन मिल रहा है।

उन्होंने विभिन्न मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन जन जत्थों और सभाओं में श्रमिकों पर थोपे गए नियोक्तापरक और श्रम-विरोधी कानूनों, बिजली विधेयक 2026, बीज विधेयक 2026, बैंक और बीमा जैसे सार्वजनिक संस्थानों की अनदेखी कर शत-प्रतिशत विदेशी निवेश को बढ़ावा देने, कृषि क्षेत्र तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम औद्योगिक इकाइयों की कीमत पर अमेरिकी बहुराष्ट्रीय कंपनियों के हित में हुई कथित आत्मघाती ट्रेड डील जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

पारीक ने आगे लिखा कि वर्ष 2002 में घड़साना के ऐतिहासिक किसान आंदोलन, जिसमें सात किसान शहीद हुए थे, की स्मृति में शुरू हुआ यह जत्था अब हनुमानगढ़ जिले में प्रवेश कर चुका है। इसकी अगुवाई पार्टी के वरिष्ठ किसान नेता एवं पोलित ब्यूरो सदस्य अमराराम, अखिल भारतीय किसान सभा के महासचिव वीजू कृष्णन और राजस्थान राज्य सचिव किशन पारीक कर रहे हैं। यह जत्था प्रत्येक जिले में एक दिन में दो सभाएं करेगा।

पार्टी राज्य सचिव कामरेड किशन पारीक ने बताया कि भादरा के पास डूंगराना में जनसभा के बाद यह जत्था 27 फरवरी 2026 को चूरू जिले में प्रवेश करेगा, जहां गांव-ढाणियों में संपर्क अभियान के साथ दो सभाएं आयोजित की जाएंगी। 28 फरवरी को डूंगरगढ़ (बीकानेर) में सभा होगी। इसके बाद 1 मार्च को कुचामन-डीडवाना जिले में सभा कर 4 मार्च को सीकर जिले में पहुंचकर सघन जनसंपर्क के बाद सभाओं को संबोधित किया जाएगा। इसके बाद 5 मार्च को झुंझुनूं जिले और 6 मार्च को नीम का थाना क्षेत्र में सभाएं होंगी, जबकि 7 मार्च को जत्था जयपुर जिले में पहुंचेगा।

वहीं दूसरा जत्था 12 से 17 मार्च के बीच आदिवासी क्षेत्र में गहन जनसंपर्क अभियान चलाएगा और विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं करेगा। यह 12 मार्च को उदयपुर से शुरू होगा और अलग-अलग जगहों पर सभाएं कर जनता के मुद्दों को उठाएगा। इस जन जत्थे का नेतृत्व पार्टी की वरिष्ठ केंद्रीय नेता वृंदा करात और राष्ट्रीय आदिवासी एका मंच के दुलीचंद करेंगे। जिन जिलों में ये दोनों जत्थे नहीं पहुंच पाएंगे, वहां जिला कमेटी तिथि निर्धारित कर सभाएं आयोजित करेगी, जिनमें केंद्रीय नेतृत्व की उपस्थिति रहेगी।

पार्टी के नेता ऋतांश आजाद ने कहा कि CPI(M) जयपुर जिला कमेटी ने यह तय किया है कि बुधवार से 23 मार्च तक मोदी सरकार की कथित कॉरपोरेट-परस्त और सांप्रदायिक नीतियों तथा जयपुर के स्थानीय मुद्दों को लेकर विभिन्न इलाकों में जनसभाएं आयोजित की जाएंगी। 7 मार्च को जब पार्टी का जत्था जयपुर पहुंचेगा, उस दिन इन मुद्दों को लेकर जिला कार्यालय और जोबनेर में प्रदर्शन किए जाएंगे।

इसी क्रम में भट्टा बस्ती के स्थानीय मुद्दों—जैसे साफ-सफाई की कमी, सीवर समस्या, पट्टों का अभाव, नशे की समस्या, मनरेगा को समाप्त करने और चार लेबर कोड्स लागू करने के विरोध—को लेकर सभा की गई। इस सभा में पार्टी की ओर से ऋतांश आजाद, मनीष कुमार, कंचन माहेश्वरी, तहजीबुन और शबनम ने अपने विचार रखे। साथ ही AIDWA की स्थानीय नेता जहांआरा, जीनत और DYFI के स्थानीय संयोजक तनवीर भी सभा में उपस्थित रहे।

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