नागपुर। लोकसभा चुनाव से पहले पीएम मोदी ने देश में घूमघूम कर जो रैली की थी उसमें इतने वादे कर दिए थे कि जनता ने बिना सोचे समझे उन्हें देश का प्रधानमंत्री बना दिया। अब जबकि मोदी को पीएम बने तीन साल हो गए हैं तो जनता भी उनसे उसी वादे को पूरा करने की उम्मीद पाले थे जोकि पूरे नहीं किये जा सके हैं। इसी वजह से अब देश के हर कोने से उनका और उनके मंत्रियों का विरोध किया जाने लगा है। ऐसा ही कुछ हुआ पीएम मोदी के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ।

महाराष्ट्र में नगरपालिकाओं के चुनाव के लिए प्रचार हो रहे हैं, मंगलवार को यहां वोट डाले जाने हैं। वोटिंग से पहले सोमवार की शाम को नागपुर में अचानक उस समय हालात बेकाबू हो गए जब भीड़ नितिन गडकरी का घेराव कर उनका विरोध किया। नितिन गडकरी की कार का शहर के तन्दपेठ इलाके में घेराव किया गया।
यह घटना तब हुई जब गडकरी भाजपा की नागपुर इकाई के अध्यक्ष विकास कुम्भरे के साथ पार्टी के एक कार्यकर्ता से उसके आवास पर मिलने जा रहे थे। जब गडकरी अपनी कार के अंदर थे तो भीड़ में से लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों ने दावा किया कि वे कुछ मुद्दों को हल करने में नाकाम रहे हैं। भीड़ के विरोध के कारण गडकरी बड़ी मुश्किल से वहां से निकल सके।
खबर के अनुसार, नितिन गड़करी की गाड़ी जैसे ही नागपुर शहर के तन्दपेठ क्षेत्र में पहुंची तो लोग सड़क पर आ गए और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। नितिन गड़करी बीजेपी के नागपुर इकाई के अध्यक्ष विकास कुम्भरे के साथ किसी कार्यकर्ता से मिलने उसके घर जाने के लिए निकले थे।
क्षेत्र के लोगों को पहले ही पता चल गया था कि किसी बीजेपी नेता का काफिला यहां से गुजरने वाला है इसलिए वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। काफी मशक्कत के बाद नितिन गडकरी भीड़ से बच निकलने में कामयाब हुए। नारे लगा रहे लोगों ने कहा कि सरकार हमारी बात नहीं सुनती है। हमारे कई ऐसे मुद्दे हैं जिनपर सरकार कोई काम नहीं कर रही है। हमारी परेशानी सरकार को दिखाई नहीं देती।
वहीं इस घटना के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कांग्रस पार्टी का हाथ है और बीजेपी के विरोध में नारे लगाने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। बीजेपी ने कहा कि इस घटना को बहुत सोच समझकर कांग्रेस पार्टी ने अंजाम दिया है।
Courtesy: National Dastak

महाराष्ट्र में नगरपालिकाओं के चुनाव के लिए प्रचार हो रहे हैं, मंगलवार को यहां वोट डाले जाने हैं। वोटिंग से पहले सोमवार की शाम को नागपुर में अचानक उस समय हालात बेकाबू हो गए जब भीड़ नितिन गडकरी का घेराव कर उनका विरोध किया। नितिन गडकरी की कार का शहर के तन्दपेठ इलाके में घेराव किया गया।
यह घटना तब हुई जब गडकरी भाजपा की नागपुर इकाई के अध्यक्ष विकास कुम्भरे के साथ पार्टी के एक कार्यकर्ता से उसके आवास पर मिलने जा रहे थे। जब गडकरी अपनी कार के अंदर थे तो भीड़ में से लोगों ने उनके खिलाफ नारे लगाने शुरू कर दिए। लोगों ने दावा किया कि वे कुछ मुद्दों को हल करने में नाकाम रहे हैं। भीड़ के विरोध के कारण गडकरी बड़ी मुश्किल से वहां से निकल सके।
खबर के अनुसार, नितिन गड़करी की गाड़ी जैसे ही नागपुर शहर के तन्दपेठ क्षेत्र में पहुंची तो लोग सड़क पर आ गए और बीजेपी के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। नितिन गड़करी बीजेपी के नागपुर इकाई के अध्यक्ष विकास कुम्भरे के साथ किसी कार्यकर्ता से मिलने उसके घर जाने के लिए निकले थे।
क्षेत्र के लोगों को पहले ही पता चल गया था कि किसी बीजेपी नेता का काफिला यहां से गुजरने वाला है इसलिए वहां लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। काफी मशक्कत के बाद नितिन गडकरी भीड़ से बच निकलने में कामयाब हुए। नारे लगा रहे लोगों ने कहा कि सरकार हमारी बात नहीं सुनती है। हमारे कई ऐसे मुद्दे हैं जिनपर सरकार कोई काम नहीं कर रही है। हमारी परेशानी सरकार को दिखाई नहीं देती।
वहीं इस घटना के बाद बीजेपी ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कांग्रस पार्टी का हाथ है और बीजेपी के विरोध में नारे लगाने वाले कांग्रेस के कार्यकर्ता थे। बीजेपी ने कहा कि इस घटना को बहुत सोच समझकर कांग्रेस पार्टी ने अंजाम दिया है।
Courtesy: National Dastak