लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना की स्थिति बद से बदतर और बेकाबू हो चली है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के रेकॉर्ड 15 हजार से ज्यादा मामले प्रदेश में दर्ज किए गए हैं। राजधानी लखनऊ में हालात ज्यादा गंभीर हैं। यहां रोज 4 हज़ार से ज्यादा कोरोना मरीज आ रहे तो कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा भी हर दिन रेकॉर्ड तोड़ रहा है। श्मशान घाटों पर शवों के अंतिम संस्कार के लिए लंबी लाइनें लगी हैं। विद्युत शवदाह गृहों में मशीनों की हालत खराब है। यहां तक कि शवों को जलाने के लिए 8 से 10 घंटों की वेटिंग चल रही है।

राजधानी में कोरोना महामारी के कहर को लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश द्वारा डॉक्टरों से बातचीत के दौरान की गई टिप्पणी के वायरल हुए वीडियो से भी समझा जा सकता है। दरअसल, रविवार को एक अस्पताल का निरीक्षण करने गए डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश, डॉक्टरों से बातचीत के दौरान यह कहते साफ-साफ सुने जा सकते हैं कि कुछ भी करो हालात नियंत्रित करो क्योंकि लोग अब सड़कों पर मर रहे हैं।
वह (डीएम) इंतजामातों को लेकर अपने सहयोगियों व डॉक्टरों से बात करते हुए कहते हैं कि इन्हें (डॉक्टर्स को) जो चाहिए वो दीजिए, आईसीयू बेड्स बढाइये। आइसोलेशन में डालिए या जो करना है कीजिए। आप एक्सपर्ट हैं। कुछ करिए क्योंकि लोग अब रोड पर मर रहे हैं।
वीडियो साभार- एनबीटी
डीएम का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीएम किसी अस्पताल में कोरोना को लेकर इंतजामों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान डॉक्टरों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग अब सड़कों पर मर रहे हैं। डीएम की यह बात पूरी तरह से गलत भी नहीं है। कोरोना से मौत को लेकर राजधानी के हालात काफी घातक स्थिति में पहुंच चुके हैं।
रविवार को उत्तर प्रदेश में 15 हज़ार से भी ज्यादा नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। साथ ही 67 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 4444 नए मरीज मिले हैं और 31 मौत हुई हैं। अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढक़र 71,241 हो गई है।
हालांकि, अब तक कुल रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या छह लाख से ज्यादा है तो वहीं 85 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। बता दें कि एक दिन पहले शनिवार (10 अप्रैल) को प्रदेश में 12787 मरीज मिले थे। इसके पहले शुक्रवार (9 अप्रैल) को 9695 व गुरुवार (8 अप्रैल) को 8490 कोरोना मरीज मिले थे। लगातार कोरोना मरीजों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है।
वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को 30 अप्रैल तक के लिए बंद किए जाने का निर्देश जारी कर दिया है। रविवार को टीम 11 के साथ कोविड समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि स्कूलों के साथ कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। हालांकि इस अवधि के दौरान स्कूल पूर्व निर्धारित परीक्षाएं करा सकते हैं।
दूसरी ओर, शमशान घाटों पर लंबी लाइनें लगी हैं। 8-8 घंटे की वेटिंग चल रही हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार को दो श्मशान स्थलों पर अंतिम संस्कार के लिए 105 शव पहुंचे। इनमें काफी संख्या में संक्रमितों के शव भी बताए जा रहे हैं। शवों की संख्या बढ़ने से दिन भर दूर-दूर से आए लोगों को दाह संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। खास तौर पर विद्युत शवदाह गृह में लंबी लाइन थी। यहां रोजाना रात दो-दो बजे तक अंतिम संस्कार हो रहा था। आलम यह है कि प्रशासन ने संक्रमित शवों को विद्युत शवदाह गृह के अलावा लकड़ी से भी जलाने का काम शुरू कर दिया है।

राजधानी में कोरोना महामारी के कहर को लखनऊ के डीएम अभिषेक प्रकाश द्वारा डॉक्टरों से बातचीत के दौरान की गई टिप्पणी के वायरल हुए वीडियो से भी समझा जा सकता है। दरअसल, रविवार को एक अस्पताल का निरीक्षण करने गए डीएम लखनऊ अभिषेक प्रकाश, डॉक्टरों से बातचीत के दौरान यह कहते साफ-साफ सुने जा सकते हैं कि कुछ भी करो हालात नियंत्रित करो क्योंकि लोग अब सड़कों पर मर रहे हैं।
वह (डीएम) इंतजामातों को लेकर अपने सहयोगियों व डॉक्टरों से बात करते हुए कहते हैं कि इन्हें (डॉक्टर्स को) जो चाहिए वो दीजिए, आईसीयू बेड्स बढाइये। आइसोलेशन में डालिए या जो करना है कीजिए। आप एक्सपर्ट हैं। कुछ करिए क्योंकि लोग अब रोड पर मर रहे हैं।
वीडियो साभार- एनबीटी
डीएम का यह वीडियो खूब वायरल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीएम किसी अस्पताल में कोरोना को लेकर इंतजामों का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान डॉक्टरों से बातचीत में उन्होंने कहा कि लोग अब सड़कों पर मर रहे हैं। डीएम की यह बात पूरी तरह से गलत भी नहीं है। कोरोना से मौत को लेकर राजधानी के हालात काफी घातक स्थिति में पहुंच चुके हैं।
रविवार को उत्तर प्रदेश में 15 हज़ार से भी ज्यादा नए कोरोना पॉजिटिव मरीज मिले हैं। साथ ही 67 संक्रमित मरीजों की मौत हो गई है। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 4444 नए मरीज मिले हैं और 31 मौत हुई हैं। अब एक्टिव मरीजों की संख्या बढक़र 71,241 हो गई है।
हालांकि, अब तक कुल रिकवर होने वाले मरीजों की संख्या छह लाख से ज्यादा है तो वहीं 85 लाख से ज्यादा लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। बता दें कि एक दिन पहले शनिवार (10 अप्रैल) को प्रदेश में 12787 मरीज मिले थे। इसके पहले शुक्रवार (9 अप्रैल) को 9695 व गुरुवार (8 अप्रैल) को 8490 कोरोना मरीज मिले थे। लगातार कोरोना मरीजों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही है।
वहीं, कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कक्षा एक से 12 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को 30 अप्रैल तक के लिए बंद किए जाने का निर्देश जारी कर दिया है। रविवार को टीम 11 के साथ कोविड समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि स्कूलों के साथ कोचिंग संस्थान भी बंद रहेंगे। हालांकि इस अवधि के दौरान स्कूल पूर्व निर्धारित परीक्षाएं करा सकते हैं।
दूसरी ओर, शमशान घाटों पर लंबी लाइनें लगी हैं। 8-8 घंटे की वेटिंग चल रही हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार को दो श्मशान स्थलों पर अंतिम संस्कार के लिए 105 शव पहुंचे। इनमें काफी संख्या में संक्रमितों के शव भी बताए जा रहे हैं। शवों की संख्या बढ़ने से दिन भर दूर-दूर से आए लोगों को दाह संस्कार के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। खास तौर पर विद्युत शवदाह गृह में लंबी लाइन थी। यहां रोजाना रात दो-दो बजे तक अंतिम संस्कार हो रहा था। आलम यह है कि प्रशासन ने संक्रमित शवों को विद्युत शवदाह गृह के अलावा लकड़ी से भी जलाने का काम शुरू कर दिया है।