यूपी : होली के दिन विवाद में मुस्लिम व्यक्ति की गोली मारकर हत्या

Written by sabrang india | Published on: March 9, 2026
होली के दिन अरविंद पांडेय के बेटे और आस मुहम्मद के बच्चों के बीच रंग को लेकर विवाद हुआ। इस विवाद के चलते दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया। रविवार को विवाद के दौरान लाइसेंसी असलहे से आस मुहम्मद को गोली मारी गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।



उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में करंडा थाना क्षेत्र के चाड़ीपुर गांव में होली के दिन हुई एक दुखद घटना के बाद बदले की कार्रवाई में 60 वर्षीय आस मुहम्मद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस मामले में पुलिस ने वर्तमान ग्राम प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपितों को भी हिरासत में ले लिया जाएगा।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, होली के दिन अरविंद पांडेय के बेटे और आस मुहम्मद के बच्चों के बीच रंग को लेकर विवाद हुआ था। इस विवाद के चलते दोनों पक्षों में तनाव बढ़ गया था। रविवार को विवाद के दौरान लाइसेंसी असलहे से आस मुहम्मद को गोली मारी गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने ग्राम प्रधान को हिरासत में लिया है। आरोप है कि वह भी इस विवाद में शामिल था। घटना वाले दिन दोनों पक्षों के बीच ईंट-पत्थरबाजी भी हुई थी, हालांकि बाद में किसी तरह मामला शांत कराकर समझौता करा दिया गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि होली का त्योहार आमतौर पर भाईचारे और खुशियों का प्रतीक होता है, लेकिन इस बार यह त्योहार एक दुखद घटना में बदल गया। आस मुहम्मद की हत्या से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान व गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। इस घटना के बाद गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन से सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाएं समाज में असुरक्षा का माहौल पैदा करती हैं। होली जैसे त्योहार के दौरान हुई यह हिंसा न सिर्फ पीड़ित परिवार के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए चिंता का विषय बन गई है।

पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जाएगी और दोषियों को सख्त सजा दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। घटना के बाद से गांव में पुलिस की गश्त भी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

आस मुहम्मद के परिवार में इस समय गहरा शोक का माहौल है। परिजनों का कहना है कि उन्हें न्याय की उम्मीद है और वे चाहते हैं कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

बता दें कि उत्तर प्रदेश में रायबरेली के बछरावां कस्बे के सब्जी मंडी मोहल्ले में रंग खेलने के दौरान दो समुदायों के बीच कहासुनी हो गई, जो देखते-ही-देखते हिंसक झड़प में बदल गई। डीजे बजाने को लेकर शुरू हुआ विवाद पथराव और चाकूबाजी तक पहुंच गया। इस घटना में तीन महिलाओं सहित 11 लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक दोपहर करीब डेढ़ बजे एक समुदाय के लोग टोली बनाकर डीजे की धुन पर नाचते-गाते हुए रंग खेल रहे थे। जब यह समूह सब्जी मंडी मोहल्ले में पहुंचा तो दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने डीजे बंद करने को कहा। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने छतों से ईंट-पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। विरोध होने पर कुछ हमलावर नीचे उतर आए और चाकू से हमला कर दिया।

इस दौरान महिलाओं के साथ अभद्रता की भी खबर सामने आई है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हमले में गुरप्रीत समेत कई लोग घायल हुए हैं।

बछरावां में हुए बवाल की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक रवि कुमार मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने स्थिति का निरीक्षण कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बछरावां निवासी कुलदीप की तहरीर पर पुलिस ने देर रात इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली। पीड़ित का आरोप है कि दूसरे समुदाय के कुछ लोगों ने सुनियोजित तरीके से चाकू, लोहे की रॉड और तलवार से हमला किया। साथ ही असलहे से फायरिंग की और घर जलाने की धमकी भी दी।

सीओ महराजगंज के अनुसार, बछरावां कस्बे के शीबू, साहिल, हसनू जागर के पूरे परिवार सहित कई दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं और एससी-एसटी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रामसजीवन, रामसुमिरन, संतोष, शीतला प्रसाद, मोनू, दुर्गेश, कुलदीप कुमार, बसंती, मंजू और लुइय्या घायल हो गए। सभी को सीएचसी ले जाया गया, जहां से मोनू और संतोष को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

उधर, होली के कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के रुद्रपुर में दो समुदायों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते-ही-देखते मामला मारपीट, पथराव और फायरिंग के आरोप तक पहुंच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हल्का बल प्रयोग कर हालात को काबू में किया। घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।

रुद्रपुर के भूतबंगला क्षेत्र में गुरुवार रात उस समय तनाव का माहौल बन गया जब होली खेलने के कार्यक्रम के दौरान दो समुदायों के लोगों के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि मोहल्ले में कुछ लोग होली का कार्यक्रम मना रहे थे। उसी दौरान एक विशेष समुदाय का युवक ई-रिक्शा लेकर वहां बार-बार चक्कर लगा रहा था। स्थानीय लोगों ने उसे ऐसा करने से मना किया, जिस पर युवक कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए वहां से चला गया।

आरोप है कि कुछ देर बाद वह युवक अपने कई साथियों के साथ दोबारा मौके पर पहुंचा और वहां मौजूद लोगों के साथ मारपीट करने लगा। देखते-ही-देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और विवाद बढ़कर हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडों का भी इस्तेमाल किया गया। कुछ लोगों ने फायरिंग होने का भी आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।

झड़प में दोनों पक्षों के आधा दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को तितर-बितर किया और घायलों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा, जहां उनका इलाज जारी है।

घटना के दौरान स्थानीय लोगों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है।

घटना के बाद एक पक्ष के लोग रम्पुरा चौकी पहुंचे और पुलिस को तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, एक पीड़ित महिला ने एक पुलिसकर्मी पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील हो गया।

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