नोटबंदी को 8 लाख करोड़ का घोटाला बताते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि मौजूदा नोटबंदी 8 लाख करोड़ का घोटाला है और हर देशभक्त और ईमानदार इसका पूरी ताकत से विरोध कर रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि इसका समर्थन केवल बेईमान लोग कर रहे हैं।

Photo: Janta Ka Reporter
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था और कहा कि ‘जो खुद भ्रष्ट है वह भ्रष्टाचार मिटाने की बात कर देश की जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा था कि ऐसा स्वतंत्र भारत में पहली बार हो रहा है कि जब एक प्रधानमंत्री का नाम काले धन वालों की सूची में आ रहा हैं।
दिल्ली सरकार के प्रस्ताव में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से अनुरोध किया गया था कि वह केंद्र सरकार को नोटबंदी की कठोर पहल को तुरंत वापस लेने का निर्देश दें, क्योंकि धन्ना सेठों का कालाधन ठिकाने लगवाने के बाद दिखावे के लिए नोटबंदी कर देश के लोगों को नाहक परेशान किया जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने अपनेे ट्वीट में कहा था कि ‘नोटबंदी आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। बड़े लोगों से पैसे खाकर आम जनता को भूखे लाइन में खड़ा किया। मोदीजी ने देश के साथ धोखा किया है’
अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए केजरीवाल ने जो दस्तावेज प्रस्तुत किए वह आयकर अधिकारियों द्वारा कि गई छापेमारी जो क्रमशः 2013 और 2014 में आदित्य बिड़ला ग्रुप व सहारा समूह के कार्यालयों पर की गई थी। ये उन्हीं के मूल्याकंन की रिर्पोट थी। इस मुल्याकंन रिर्पोट के अनुसार, आदित्य बिड़ला ग्रुप ने कथित तौर पर मोदी को 25 करोड़ रूपये रिश्वत के रूप में भुगतान किया था।
Courtesy: Janta Ka Reporter

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इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा के विशेष सत्र में प्रधानमंत्री पर रिश्वतखोरी का आरोप लगाया था और कहा कि ‘जो खुद भ्रष्ट है वह भ्रष्टाचार मिटाने की बात कर देश की जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा था कि ऐसा स्वतंत्र भारत में पहली बार हो रहा है कि जब एक प्रधानमंत्री का नाम काले धन वालों की सूची में आ रहा हैं।

इसके अलावा उन्होंने अपनेे ट्वीट में कहा था कि ‘नोटबंदी आजाद भारत का सबसे बड़ा घोटाला है। बड़े लोगों से पैसे खाकर आम जनता को भूखे लाइन में खड़ा किया। मोदीजी ने देश के साथ धोखा किया है’
अपने आरोपों को पुष्ट करने के लिए केजरीवाल ने जो दस्तावेज प्रस्तुत किए वह आयकर अधिकारियों द्वारा कि गई छापेमारी जो क्रमशः 2013 और 2014 में आदित्य बिड़ला ग्रुप व सहारा समूह के कार्यालयों पर की गई थी। ये उन्हीं के मूल्याकंन की रिर्पोट थी। इस मुल्याकंन रिर्पोट के अनुसार, आदित्य बिड़ला ग्रुप ने कथित तौर पर मोदी को 25 करोड़ रूपये रिश्वत के रूप में भुगतान किया था।
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