UP में 'मजदूरी मांगने पर उबलती गन्ने की चाशनी में धकेले जाने' से दलित व्यक्ति की मौत

Written by sabrang india | Published on: March 26, 2026
"उन्होंने मेरे बेटे को उबलते हुए गन्ने के रस में धकेल दिया, जिससे वह बुरी तरह जल गया। वे पहले उसे एक अस्पताल ले गए और हमें बाद में बताया। जिला अस्पताल से उसे एक सिविल अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन एक दिन के इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज करवा लिया गया और एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां बाद में उसका इलाज रोक दिया गया।"


प्रतिकात्मक तस्वीर, साभार ; स्टेट्समैन

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में एक 36 साल के दलित मजदूर की जलने से मौत हो गई। आरोप है कि जब उसने अपनी बकाया मजदूरी मांगी, तो उसे गन्ने की उबलती चाशनी के एक बड़े बर्तन में धकेल दिया गया। परिवार ने क्रशर के मालिक और दो अन्य लोगों पर पैसे देने से मना करने के बाद उसके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया है।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कुलदीप कुमार 11 मार्च की घटना में बुरी तरह जल गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। उसके पिता, खेम करम द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, कुलदीप पिछले पांच महीनों से साजिद खान के गन्ना क्रशर पर काम कर रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि 11 मार्च को शाम करीब 4:30 बजे कुलदीप ने अपने बकाया पैसों की मांग की, जिसके बाद साजिद खान ने राशिद खान और हामिद खान के साथ मिलकर उसे पैसे देने से मना कर दिया, उसे गालियां दीं और उसके साथ मारपीट की।

शिकायत में खेम करम ने आरोप लगाया, "उन्होंने मेरे बेटे को उबलते हुए गन्ने के रस में धकेल दिया, जिससे वह बुरी तरह जल गया। वे पहले उसे एक अस्पताल ले गए और हमें बाद में बताया। जिला अस्पताल से उसे एक सिविल अस्पताल में रेफर किया गया, लेकिन एक दिन के इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज करवा लिया गया और एक निजी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया, जहां बाद में उसका इलाज रोक दिया गया।" खीरी के ASP अमित कुमार राय ने टीओआई को बताया, "हमने दोनों पक्षों की बात सुनी है और पाया कि यह घटना 11 मार्च को हुई थी।

कुलदीप तब से अलग-अलग अस्पतालों में इलाज करवा रहा था और परिवार ने उसकी मौत के बाद ही शिकायत दर्ज करवाई। हम सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।" नीमगांव पुलिस स्टेशन में BNS की धाराओं 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 118 (खतरनाक तरीकों से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाना), 352 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना) और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एक FIR दर्ज की गई है।

मुख्य आरोपी साजिद खान के चचेरे भाई नासिर खान ने आरोपों से इनकार किया और कहा कि परिवार ने एक दुर्घटना को हमला बनाकर पेश किया है। उन्होंने अखबार को बताया, "यह एक दुर्घटना थी। कुलदीप गिर गया था; उसे किसी ने धकेला नहीं था। परिवार ने इस घटना को मनगढ़ंत बनाया है। FIR में जिन लोगों के नाम हैं, वे घटना वाली जगह पर मौजूद नहीं थे। हमने पीड़ित के इलाज का खर्च उठाया था और हमारे पास अस्पताल के बिल भी हैं।"

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