जम्मू-कश्मीर के बीजेपी विधायक रमेश अरोड़ा ने मोमो को ड्रग जैसा खतरनाक बताया है। उनका मानना है कि इस नशे जैसे खतरनाक चीज को तरुंत बंद कर देना चाहिए। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अरोड़ा ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि युवा बच्चे ड्रग की तरह मोमो के आदी हो रहे हैं। इससे उनकी सेहत खराब हो रही है, हमें इसे रोकना चाहिए। ज्ञात हो कि मोमो उत्तर भारत में काफी प्रचलित है। सभी इसे खाना पसंद करता है।

Jammu and Kashmir BJP MLC Ramesh Arora has termed momos both dangerous and addictive
वह इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि मोमो कारोबार में ज्यादातर बांग्लादेशी और वर्मा के लोग शामिल हैं। अरोड़ा ने भी जम्मू में इस विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य, डॉक्टरों और शिक्षाविदों के अलावा नगर निगम निगम के अधिकारियों, औषधि और खाद्य नियंत्रण विभाग और जिला प्रशासन ने हिस्सा लिया। मोमो में इस्तेमाल किए जाने वाले नमक एजिनोमोटो को लेकर अरोड़ा इसे नापसंद करते हैं। उनका कहना है कि यह न केवल हानिकारक है बल्कि खतरनाक भी है। वे कहते हैं कि मोमो जानलेवा है और ऐसे खतरनाक चीज को सभ्य समाज में बढ़ने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि एजिनोमोटो सेहत के लिए खतरनाक है।
हालांकि दुनिया भर में ओरिएंटल फुड के तौर पर एजिनोमोटो का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक यूएस में फुड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन इसे रेगुलेट करता है और पर्यवेक्षण करता है। तिब्बत, नेपाल, भूटान और भारत के सिक्किम और दार्जिलिंग से मोमो का प्रचलन शुरू हुआ। भारत में कई लोग मानते हैं कि भारतीय गुज़िया ने मोमो के लिए प्रेरणा बना। बहरहाल मोमो आज भारतीय लोगों में काफी प्रचलित है और इसको अब विभिन्न तरीकों से खाया जाता है।

Jammu and Kashmir BJP MLC Ramesh Arora has termed momos both dangerous and addictive
वह इस बात को लेकर भी चिंतित हैं कि मोमो कारोबार में ज्यादातर बांग्लादेशी और वर्मा के लोग शामिल हैं। अरोड़ा ने भी जम्मू में इस विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया जिसमें जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन के वरिष्ठ सदस्य, डॉक्टरों और शिक्षाविदों के अलावा नगर निगम निगम के अधिकारियों, औषधि और खाद्य नियंत्रण विभाग और जिला प्रशासन ने हिस्सा लिया। मोमो में इस्तेमाल किए जाने वाले नमक एजिनोमोटो को लेकर अरोड़ा इसे नापसंद करते हैं। उनका कहना है कि यह न केवल हानिकारक है बल्कि खतरनाक भी है। वे कहते हैं कि मोमो जानलेवा है और ऐसे खतरनाक चीज को सभ्य समाज में बढ़ने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि एजिनोमोटो सेहत के लिए खतरनाक है।
हालांकि दुनिया भर में ओरिएंटल फुड के तौर पर एजिनोमोटो का इस्तेमाल किया जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक यूएस में फुड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन इसे रेगुलेट करता है और पर्यवेक्षण करता है। तिब्बत, नेपाल, भूटान और भारत के सिक्किम और दार्जिलिंग से मोमो का प्रचलन शुरू हुआ। भारत में कई लोग मानते हैं कि भारतीय गुज़िया ने मोमो के लिए प्रेरणा बना। बहरहाल मोमो आज भारतीय लोगों में काफी प्रचलित है और इसको अब विभिन्न तरीकों से खाया जाता है।