बनारस: कलेक्ट्रेट व न्यायालय परिसर में धरना-प्रदर्शन पर रोक, उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई का आदेश

Written by sabrang india | Published on: June 22, 2026
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई व्यक्ति, संगठन अथवा राजनीतिक दल इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।



सुरक्षा और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर बनारस कलेक्ट्रेट प्रशासन ने एक आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत कलेक्ट्रेट कार्यालय और न्यायालय परिसर में किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, राजनीतिक गतिविधियों तथा ज्ञापन कार्यक्रमों के आयोजन पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन द्वारा जारी सूचना के अनुसार, कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर के भीतर किसी भी संगठन, राजनीतिक दल अथवा समूह को धरना-प्रदर्शन, नारेबाजी, राजनीतिक सभा या ज्ञापन सौंपने की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने इस पूरे क्षेत्र को ऐसी गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है।

चस्पा किए गए पोस्टर में लिखा गया है: "सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि कलेक्ट्रेट कार्यालय/न्यायालय परिसर क्षेत्र में किसी भी प्रकार का धरना-प्रदर्शन, राजनीतिक ज्ञापन, गतिविधि अथवा अन्य कार्यक्रम करना पूर्णतः अवैधानिक एवं निषिद्ध है। उक्त प्रकार की गतिविधियों हेतु शास्त्री पुल के निकट स्थित धरना-प्रदर्शन स्थल पूर्व से ही निर्धारित है। निर्देशों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित व्यक्ति अथवा संगठन के विरुद्ध सुसंगत विधिक कार्रवाई की जाएगी।"

पोस्टर के नीचे दाहिने कोने में "आज्ञा से, कलेक्ट्रेट प्रशासन" लिखा गया है।

नागरिक समाज ने जताई चिंता

इस मुद्दे को लेकर बनारस के नागरिक समाज की ओर से गत रविवार को एक ज़ूम बैठक आयोजित की गई, जिसमें उक्त सूचना साझा की गई। बैठक में कहा गया कि पिछले कुछ महीनों से बनारस में विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर बुलडोज़र चलाकर मकान, दुकान, मंदिर और मस्जिदों को हटाया जा रहा है।

प्रतिभागियों ने यह भी कहा कि हाल ही में नगर निगम ने एक आदेश पारित किया है, जिसके अनुसार नगर निगम क्षेत्र यानी शहर की सीमा के भीतर मांस और मछली की बिक्री नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि इस निर्णय का भी नागरिक समाज विरोध कर रहा है।

नागरिक समाज के प्रतिनिधियों के अनुसार, 22 जून को कचहरी परिसर में एक विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित था, लेकिन 19 जून को ही परिसर में जगह-जगह यह पोस्टर चस्पा कर दिया गया। उन्होंने बताया कि 30 जून को नागरिक समाज और विभिन्न राजनीतिक दलों की एक संयुक्त बैठक भी प्रस्तावित है तथा इस संबंध में एक पर्चा तैयार किया जा रहा है।

धरना-प्रदर्शन के लिए शास्त्री पुल के पास निर्धारित स्थल

इस घटनाक्रम को लेकर अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि आम नागरिकों और विभिन्न संगठनों को अपनी मांगें तथा समस्याएं रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराई गई है। धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रमों के लिए शास्त्री पुल के निकट स्थित निर्धारित धरना स्थल का उपयोग किया जा सकता है।

प्रशासन ने सभी संगठनों और नागरिकों से अपील की है कि वे अपने कार्यक्रम केवल निर्धारित स्थल पर ही आयोजित करें।

प्रशासनिक कार्यों में बाधा का हवाला

जारी नोटिस में कहा गया है कि कलेक्ट्रेट और न्यायालय परिसर में राजनीतिक गतिविधियों तथा धरना-प्रदर्शनों से कानून-व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि प्रशासनिक कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकें और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सख्त कार्रवाई की चेतावनी

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति, संगठन अथवा राजनीतिक दल इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध प्रचलित कानूनी प्रावधानों और संबंधित धाराओं के तहत सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्ट्रेट प्रशासन ने नागरिकों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों से निर्धारित नियमों का पालन करने तथा शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

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