लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बेरोजगारी को लेकर प्रदेश की योगी सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होने कहा कि यूपी में बेरोजगारी आत्महत्या की बड़ी वजह बनी है, लेकिन भाजपा बिहार चुनाव में व्यस्त है। उसकी बेरोजगारी की समस्या के निपटने में कोई दिलचस्पी नहीं है।

सपा नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है, 'यूपी में आज बेरोज़गारी आत्महत्याओं के रूप में एक भयावह समस्या बन गयी है। कोरोना के सच को झुठलाकर चुनाव में व्यस्त हो गयी भाजपा बेरोज़गारी और भुखमरी को जब समस्या ही नहीं मान रही है तो समाधान क्या करेगी। बिहार चुनाव आते ही कुछ दिनों बाद तो प्रदेश के 'स्टार प्रचारक'भी उड़ चलेंगे।'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सरकार से बेरोजगार प्रवासियों को रोजगार देने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा है। मायावती ने एक ट्वीट में कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण प्रवासियों के खिलाफ मामलों को वापस लेने के लिए समय पर और सराहनीय कदम उठाने का आदेश दिया, बेरोजगार प्रवासियों ने नियमों का पालन नहीं किया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।'
उन्होंने कहा, 'अपने गृह राज्य में प्रवासियों को नौकरी प्रदान करने का सुप्रीम कोर्ट आदेश भी स्वागत योग्य है। इस संबंध में सरकारें उन्हें नौकरी देने में गंभीर और संवेदनशील होनी चाहिए और बिना किसी देरी के प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। यह बसपा की मांग है।'
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय जनता पार्टी की ओर से वर्चुअल रैलियों की शुरुआत की गई है। अब तक अमित शाह बिहार-ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। लॉकडाउन के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रवासी मजदूर अपने घरों को वापस लौट चुके हैं। इनमें काफी संख्या में मजदूर यूपी के ही हैं, जो वापस आए हैं। ऐसे में इनके सामने अब रोजगार का संकट है।

सपा नेता अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है, 'यूपी में आज बेरोज़गारी आत्महत्याओं के रूप में एक भयावह समस्या बन गयी है। कोरोना के सच को झुठलाकर चुनाव में व्यस्त हो गयी भाजपा बेरोज़गारी और भुखमरी को जब समस्या ही नहीं मान रही है तो समाधान क्या करेगी। बिहार चुनाव आते ही कुछ दिनों बाद तो प्रदेश के 'स्टार प्रचारक'भी उड़ चलेंगे।'
बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सरकार से बेरोजगार प्रवासियों को रोजगार देने के लिए ठोस प्रयास करने को कहा है। मायावती ने एक ट्वीट में कहा, 'सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के कारण प्रवासियों के खिलाफ मामलों को वापस लेने के लिए समय पर और सराहनीय कदम उठाने का आदेश दिया, बेरोजगार प्रवासियों ने नियमों का पालन नहीं किया और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई।'
उन्होंने कहा, 'अपने गृह राज्य में प्रवासियों को नौकरी प्रदान करने का सुप्रीम कोर्ट आदेश भी स्वागत योग्य है। इस संबंध में सरकारें उन्हें नौकरी देने में गंभीर और संवेदनशील होनी चाहिए और बिना किसी देरी के प्रक्रिया शुरू करनी चाहिए। यह बसपा की मांग है।'
बता दें कि पिछले कुछ दिनों में भारतीय जनता पार्टी की ओर से वर्चुअल रैलियों की शुरुआत की गई है। अब तक अमित शाह बिहार-ओडिशा और पश्चिम बंगाल में सभाओं को संबोधित कर चुके हैं। लॉकडाउन के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रवासी मजदूर अपने घरों को वापस लौट चुके हैं। इनमें काफी संख्या में मजदूर यूपी के ही हैं, जो वापस आए हैं। ऐसे में इनके सामने अब रोजगार का संकट है।