‘वोटर लिस्ट के बहाने बुलाया, रातभर पीटा’: BJP विधायक पर दलित मंडल अध्यक्ष को बंधक बनाने का आरोप

Written by sabrang india | Published on: September 15, 2026
BJP विधायक गजेंद्र दराल पर मंडल अध्यक्ष से मारपीट का आरोप; FIR के लिए पीड़ित परिवार थाने के चक्कर लगा रहा है।


फोटो साभार : द मूकनायक

राजधानी दिल्ली से एक बेहद शर्मनाक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के कंझावला में बीजेपी के एक मंडल अध्यक्ष ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर उन्हें बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने का गंभीर आरोप लगाया है। यह आरोप मुंडका से बीजेपी विधायक गजेंद्र दराल और उनके साथियों पर लगाया गया है।

पीड़ित की पहचान वार्ड नंबर 25, कंझावला के बीजेपी मंडल अध्यक्ष सुनील के रूप में हुई है। आरोप है कि गुरुवार रात करीब 8:30 बजे विधायक गजेंद्र दराल ने सुनील को रानीखेड़ा स्थित बीजेपी कार्यालय, यानी दीपक माथुर के ऑफिस में, एक जरूरी बैठक का हवाला देकर बुलाया था। बताया जा रहा है कि विधायक ने सुनील से 42 बूथों की वोटर लिस्ट लेकर तुरंत कार्यालय पहुंचने को कहा था।

सुनील के मुताबिक, जब वह पूरी जिम्मेदारी के साथ वहां पहुंचे, तो कुछ ही मिनट बाद वोटर लिस्ट को लेकर बातचीत बंद कर दी गई। इसके बाद अमित माथुर नाम के एक व्यक्ति को फोन कर वहां बुलाया गया। सुनील का आरोप है कि कार्यालय में पहले से मौजूद दीपक माथुर, विधायक और उनके अन्य साथियों ने कथित तौर पर साजिश के तहत कार्यालय को अंदर से बंद कर दिया। आरोप यह भी है कि इस दौरान वहां लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद कर दिए गए।

इसके बाद सुनील के साथ कथित तौर पर मारपीट का सिलसिला शुरू हुआ। उनके भाई विजय का आरोप है कि सुनील को निर्वस्त्र कर पूरी रात पाइप, डंडों और बेल्ट से बुरी तरह पीटा गया। विजय के मुताबिक, मारपीट में सुनील के शरीर पर गंभीर चोटें आईं और कई जगह उनकी त्वचा तक उधड़ गई। आरोप है कि इस दौरान सुनील को गालियां दी गईं और जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया।

शुक्रवार सुबह वहां से किसी तरह बाहर आने के बाद सुनील ने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने साथ हुई घटना के बारे में बताया। वीडियो में उन्होंने अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाते हुए कहा कि उनके साथ हुए कथित दुर्व्यवहार से उन्हें शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक रूप से भी गहरी चोट पहुंची है। सुनील ने पार्टी के अन्य कार्यकर्ताओं को भी सावधान करते हुए कहा कि भविष्य में वे रात के समय किसी बड़े पदाधिकारी के पास बिना किसी को बताए अकेले न जाएं।

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन के रवैये पर भी सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित सुनील का कहना है कि वह मेडिकल रिपोर्ट लेकर थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। सुनील का आरोप है कि इसके बजाय विधायक के कुछ लोग लगातार उनके घर पहुंचकर समझौते के लिए दबाव बना रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं।

इस पूरे मामले ने सत्ताधारी दल के भीतर की स्थिति और दिल्ली की कानून-व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग करते हुए आरोपी विधायक गजेंद्र दराल और कथित मारपीट में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में तत्काल एफआईआर दर्ज करने और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।

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