उत्तर प्रदेश में ट्रेन में मदरसा छात्र के साथ मारपीट की गई। शराब पीने से मना करने पर हमला हुआ और उसका फोन व नकदी भी चोरी कर ली गई।

साभार : द ऑब्जर्वर पोस्ट
उत्तर प्रदेश में मेरठ से देवबंद जा रही ट्रेन में मुंतजिर नाम के एक मदरसा छात्र पर हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब शराब के नशे में धुत कुछ लोगों के एक समूह ने उसे शराब पीने के लिए कहा। मना करने पर मुंतजिर ने अपनी सीट बदल ली, लेकिन उस समूह ने उसका पीछा किया, उसे गालियां दीं और उस पर शारीरिक हमला किया। उसे खतौली स्टेशन पर उतरने के लिए मजबूर किया गया और आरोप है कि उसका फोन और नकदी चोरी हो गई।
सियासत के अनुसार, मुंतजिर दारुल उलूम देवबंद जा रहा था। उसने बताया कि शुरू में उसने समूह के शराब पीने को नजरअंदाज किया और दूसरे कोच में जाकर झगड़े से बचने की कोशिश की। उसकी कोशिशों के बावजूद समूह ने उसका पीछा करना जारी रखा और अपनी आक्रामकता बढ़ा दी।
रिपोर्ट में दी गई जानकारी से पता चलता है कि कई स्टेशनों के बाद उन लोगों ने मुंतजिर को फिर से ढूंढ लिया, उसे गालियां दीं और जब उसने अपनी सीट से हटने की कोशिश की तो उस पर हमला किया। छात्र को खतौली स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद उसे पता चला कि उसका फोन और नकदी गायब थी।
द क्विंट ने लिखा, मुंतजिर ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, “कुछ लोग शराब पी रहे थे और उन्होंने मुझे भी शराब पीने के लिए कहा। मैंने उन्हें नजरअंदाज किया और अपनी सीट बदल ली। कुछ स्टेशनों के बाद वे मुझे ढूंढते हुए आए और मुझे गालियां देने लगे। मैंने फिर से सीट से हटने की कोशिश की, और उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया।”
मुंतजिर ने झगड़े के दौरान अपनी पहचान बताने की कोशिश को याद करते हुए कहा, “मैं चोर नहीं हूं; मैं एक मदरसे में पढ़ाता हूं।”
रिपोर्ट में दी गई जानकारी से पता चलता है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इसी साल अप्रैल में बरेली रेलवे स्टेशन के पास एक मौलवी और मदरसा शिक्षक मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की पिटाई करने और चलती ट्रेन से नीचे फेंकने के बाद हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने उन्हें फोन किया था, डर जाहिर किया था और एक शिक्षक के तौर पर अपनी पहचान साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन आस-पास के लोगों से उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
इस मामले ने इलाके में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वाले छात्रों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, छात्र का आरोप है कि शराब के नशे में धुत 10-12 युवकों ने उसकी दाढ़ी पकड़कर अभद्रता की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंकने का प्रयास भी किया। कोच में मौजूद अन्य यात्रियों के हस्तक्षेप से छात्र की जान बच सकी। पीड़ित ने खतौली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
ट्रेन में खुलेआम शराब पी रहे थे युवक
सरधना क्षेत्र के देवली खेड़ा उर्फ जेनपुर गांव निवासी मोहम्मद मुंतजिर पुत्र क्यूम दारुल उलूम देवबंद में मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है। छात्र के मुताबिक शनिवार को वह मेरठ कैंट से देवबंद जाने वाली ट्रेन में सवार हुआ था। जिस कोच में वह बैठा था, उसमें करीब 10-12 युवक पहले से मौजूद थे। छात्र का आरोप है कि युवक ट्रेन में खुलेआम शराब पी रहे थे।
छात्र के साथ की अभद्रता
पुलिस में दी तहरीर के अनुसार ट्रेन जब दौराला और सकौती के बीच पहुंची तो युवकों ने छात्र के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि उसकी दाढ़ी पकड़कर उसे जबरन शराब पिलाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर युवकों ने उसके साथ मारपीट की। किसी तरह छात्र दूसरे कोच में जाने लगा, लेकिन आरोपियों ने उसे रोक लिया और उसका बैग भी छीन लिया।
ट्रेन से उतरने पर पुलिस को दी जानकारी
खतौली स्टेशन पहुंचने पर छात्र ट्रेन से उतरा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष इमरान कासमी भी समर्थकों के साथ स्टेशन पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
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साभार : द ऑब्जर्वर पोस्ट
उत्तर प्रदेश में मेरठ से देवबंद जा रही ट्रेन में मुंतजिर नाम के एक मदरसा छात्र पर हमला किया गया। यह घटना तब हुई जब शराब के नशे में धुत कुछ लोगों के एक समूह ने उसे शराब पीने के लिए कहा। मना करने पर मुंतजिर ने अपनी सीट बदल ली, लेकिन उस समूह ने उसका पीछा किया, उसे गालियां दीं और उस पर शारीरिक हमला किया। उसे खतौली स्टेशन पर उतरने के लिए मजबूर किया गया और आरोप है कि उसका फोन और नकदी चोरी हो गई।
सियासत के अनुसार, मुंतजिर दारुल उलूम देवबंद जा रहा था। उसने बताया कि शुरू में उसने समूह के शराब पीने को नजरअंदाज किया और दूसरे कोच में जाकर झगड़े से बचने की कोशिश की। उसकी कोशिशों के बावजूद समूह ने उसका पीछा करना जारी रखा और अपनी आक्रामकता बढ़ा दी।
रिपोर्ट में दी गई जानकारी से पता चलता है कि कई स्टेशनों के बाद उन लोगों ने मुंतजिर को फिर से ढूंढ लिया, उसे गालियां दीं और जब उसने अपनी सीट से हटने की कोशिश की तो उस पर हमला किया। छात्र को खतौली स्टेशन पर ट्रेन से उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा, जिसके बाद उसे पता चला कि उसका फोन और नकदी गायब थी।
द क्विंट ने लिखा, मुंतजिर ने घटना के बारे में बताते हुए कहा, “कुछ लोग शराब पी रहे थे और उन्होंने मुझे भी शराब पीने के लिए कहा। मैंने उन्हें नजरअंदाज किया और अपनी सीट बदल ली। कुछ स्टेशनों के बाद वे मुझे ढूंढते हुए आए और मुझे गालियां देने लगे। मैंने फिर से सीट से हटने की कोशिश की, और उन्होंने मुझे पीटना शुरू कर दिया।”
मुंतजिर ने झगड़े के दौरान अपनी पहचान बताने की कोशिश को याद करते हुए कहा, “मैं चोर नहीं हूं; मैं एक मदरसे में पढ़ाता हूं।”
रिपोर्ट में दी गई जानकारी से पता चलता है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। इसी साल अप्रैल में बरेली रेलवे स्टेशन के पास एक मौलवी और मदरसा शिक्षक मौलाना तौसीफ रजा मजहरी की पिटाई करने और चलती ट्रेन से नीचे फेंकने के बाद हत्या कर दी गई थी। उनकी पत्नी ने बताया कि घटना के दौरान उन्होंने उन्हें फोन किया था, डर जाहिर किया था और एक शिक्षक के तौर पर अपनी पहचान साबित करने की कोशिश की थी, लेकिन आस-पास के लोगों से उन्हें कोई मदद नहीं मिली।
इस मामले ने इलाके में सार्वजनिक परिवहन से यात्रा करने वाले छात्रों और धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
एनबीटी की रिपोर्ट के अनुसार, छात्र का आरोप है कि शराब के नशे में धुत 10-12 युवकों ने उसकी दाढ़ी पकड़कर अभद्रता की और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की। आरोपियों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंकने का प्रयास भी किया। कोच में मौजूद अन्य यात्रियों के हस्तक्षेप से छात्र की जान बच सकी। पीड़ित ने खतौली पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
ट्रेन में खुलेआम शराब पी रहे थे युवक
सरधना क्षेत्र के देवली खेड़ा उर्फ जेनपुर गांव निवासी मोहम्मद मुंतजिर पुत्र क्यूम दारुल उलूम देवबंद में मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है। छात्र के मुताबिक शनिवार को वह मेरठ कैंट से देवबंद जाने वाली ट्रेन में सवार हुआ था। जिस कोच में वह बैठा था, उसमें करीब 10-12 युवक पहले से मौजूद थे। छात्र का आरोप है कि युवक ट्रेन में खुलेआम शराब पी रहे थे।
छात्र के साथ की अभद्रता
पुलिस में दी तहरीर के अनुसार ट्रेन जब दौराला और सकौती के बीच पहुंची तो युवकों ने छात्र के साथ अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि उसकी दाढ़ी पकड़कर उसे जबरन शराब पिलाने की कोशिश की गई। विरोध करने पर युवकों ने उसके साथ मारपीट की। किसी तरह छात्र दूसरे कोच में जाने लगा, लेकिन आरोपियों ने उसे रोक लिया और उसका बैग भी छीन लिया।
ट्रेन से उतरने पर पुलिस को दी जानकारी
खतौली स्टेशन पहुंचने पर छात्र ट्रेन से उतरा और पुलिस को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष इमरान कासमी भी समर्थकों के साथ स्टेशन पहुंचे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।
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