मुंबई फॉर पीस ने 28 फ़रवरी 2026 को ‘लेक्चर्स दैट नीडेड टू हैपन’ श्रृंखला के अंतर्गत अपना पहला कार्यक्रम “प्रीत नगर” आयोजित किया।

करीब 350 विद्यार्थी, शिक्षाविद, फिल्म-निर्माता, अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ता पूरी एकाग्रता के साथ मौजूद थे, जब प्रख्यात अभिनेता एवं निर्देशक नसीरुद्दीन शाह ने उन्हें “प्रीत नगर” की साहित्यिक यात्रा के बारे में बताना शुरू किया। “प्रीत नगर” को उन्होंने प्रेम, सृजनशीलता और बौद्धिक जागरण के एक प्रतीकात्मक स्थल के रूप में प्रस्तुत किया, जहां प्रगतिशील उर्दू साहित्य की साझा सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में प्रेम, प्रतिरोध और काव्य का समागम झलकता है।
एक घंटे से अधिक समय तक चले अपने व्याख्यान–काव्य-पाठ में उन्होंने उर्दू भाषा की सौंदर्यात्मकता एवं अभिव्यक्तिगत संभावनाओं का परिचय कराया। इस अवसर पर उन्होंने फैज़ अहमद फैज़, मिर्ज़ा ग़ालिब, साहिर लुधियानवी, अल्लामा इक़बाल तथा इम्तियाज़ अली ताज जैसे बड़े साहित्यकारों की रचनाओं का पाठ किया। कथन, विश्लेषण और नाटकीय अभिव्यक्ति के माध्यम से उन्होंने उस दौर को फिर से याद कराया, जब साहित्य सामाजिक चिंतन और मानवीय मूल्यों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता था। साथ ही, उन्होंने ऐसी काव्य-धारा का सम्मान किया, जो प्रेम, अन्याय के प्रतिरोध, आशा और सामूहिक सपनों को आवाज देती है।
“द लेक्चर्स दैट नीडेड टू हैपन” शीर्षक व्याख्यान-श्रृंखला मुंबई फॉर पीस (Mumbai for Peace) की एक पहल है। इसका उद्देश्य उन महत्त्वपूर्ण व्याख्यानों एवं आयोजनों को मंच प्रदान करना है, जिन्हें राज्य अथवा गैर-सरकारी तत्वों के अनावश्यक एवं अलोकतांत्रिक हस्तक्षेप के कारण निरस्त कर दिया जाता है। “मुंबई फॉर पीस” चिंतित मुंबईवासियों द्वारा स्थापित एक नागरिक मंच है, जो महानगर के बहुलतावादी स्वरूप की रक्षा तथा सांप्रदायिक सौहार्द के संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध है।
“प्रीत नगर” नामक यह प्रस्तुति 1 फरवरी को मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली थी, लेकिन अंतिम क्षणों में बिना किसी स्पष्टीकरण के इसे रद्द कर दिया गया। इससे पहले भी एमएफपी ने अन्य संगठनों के सहयोग से फादर स्टैन स्वामी स्मृति व्याख्यान आयोजित करने का प्रयास किया था, जिसे फादर प्रेम ज़ाल्क्सो द्वारा संबोधित किया जाना था; लेकिन वह कार्यक्रम भी इसी तरह रद्द कर दिया गया।
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एक घंटे से अधिक समय तक चले अपने व्याख्यान–काव्य-पाठ में उन्होंने उर्दू भाषा की सौंदर्यात्मकता एवं अभिव्यक्तिगत संभावनाओं का परिचय कराया। इस अवसर पर उन्होंने फैज़ अहमद फैज़, मिर्ज़ा ग़ालिब, साहिर लुधियानवी, अल्लामा इक़बाल तथा इम्तियाज़ अली ताज जैसे बड़े साहित्यकारों की रचनाओं का पाठ किया। कथन, विश्लेषण और नाटकीय अभिव्यक्ति के माध्यम से उन्होंने उस दौर को फिर से याद कराया, जब साहित्य सामाजिक चिंतन और मानवीय मूल्यों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता था। साथ ही, उन्होंने ऐसी काव्य-धारा का सम्मान किया, जो प्रेम, अन्याय के प्रतिरोध, आशा और सामूहिक सपनों को आवाज देती है।
“द लेक्चर्स दैट नीडेड टू हैपन” शीर्षक व्याख्यान-श्रृंखला मुंबई फॉर पीस (Mumbai for Peace) की एक पहल है। इसका उद्देश्य उन महत्त्वपूर्ण व्याख्यानों एवं आयोजनों को मंच प्रदान करना है, जिन्हें राज्य अथवा गैर-सरकारी तत्वों के अनावश्यक एवं अलोकतांत्रिक हस्तक्षेप के कारण निरस्त कर दिया जाता है। “मुंबई फॉर पीस” चिंतित मुंबईवासियों द्वारा स्थापित एक नागरिक मंच है, जो महानगर के बहुलतावादी स्वरूप की रक्षा तथा सांप्रदायिक सौहार्द के संवर्धन के प्रति प्रतिबद्ध है।
“प्रीत नगर” नामक यह प्रस्तुति 1 फरवरी को मुंबई विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली थी, लेकिन अंतिम क्षणों में बिना किसी स्पष्टीकरण के इसे रद्द कर दिया गया। इससे पहले भी एमएफपी ने अन्य संगठनों के सहयोग से फादर स्टैन स्वामी स्मृति व्याख्यान आयोजित करने का प्रयास किया था, जिसे फादर प्रेम ज़ाल्क्सो द्वारा संबोधित किया जाना था; लेकिन वह कार्यक्रम भी इसी तरह रद्द कर दिया गया।
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