SDM पर रिवॉल्वर तानने के मामले में BJP के पूर्व MLA कंवरलाल मीणा को 3 साल की जेल

Published on: December 15, 2020
झालावाड. जिले की एडीजे कोर्ट ने मनोहरथाना क्षेत्र से पूर्व में विधायक रहे बीजेपी नेता कंवरलाल मीणा को 3 साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई है. सूचना एवं रोजगार अधिकार अभियान, MKSS एवं PUCL ने अदालत के इस फैसले पर खुशी जताई है।



पूर्व विधायक पर अकलेरा उपखंड के तत्कालीन उपखंड अधिकारी रामनिवास मेहता पर रिवॉल्वर तानने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप था. एडीजे कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुये पूर्व विधायक को दोषी करार देकर सजा सुनाई है. अधिकारी पर रिवॉल्वर तानने का यह बहुचर्चित मामला करीब 15 साल पुराना है. फैसला आने के बाद विधायक को गिरफ्तार कर लिया गया है.

MKSS एवं PUCL ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि अकलेरा, झालवाड़, के पूर्व विधायक कंवरलाल मीणा को वसुंधरा राजे सरकार का पूरा समर्थन था। उन्हें अकलेरा के ADJ कोर्ट ने राजकार्य में बाधा डालने के तहत, धारा 353 IPC के अंतर्गत दो साल की कारवास की सज़ा दी है व जान से मारने के धमकी IPC sec 506 में तीन वर्ष की सजा दी गई। कंवरलाल मीणा पुलिस हिरासत में लिए जा चुके हैं।

यह मसला 3 फरवरी 2005 के पंचायती राज चुनाव को लेकर था। मीणा ने उप सरपंच के लिए हुए चुनाव के परिणाम को नहीं मानते हुए, उन्हें रदद् करने की मांग करते हुए उस समय के RAS अधिकारी रामनिवास मेहता (तत्कालीन sdm अकलेरा) की कनपटी पर रिवॉल्वर लगा कर चुनाव परिणाम को बदलने की धमकी दी थी। इस संदर्भ में कंवर लाल मीणा पर FIR दर्ज करवाई गई। जिसमें धारा 392,332,353,506 IPC व धारा 3 PDPP एक्ट के तहत मामला दर्ज हुआ था। लंबे समय तक चले मामले में 2018 में कवंर लाल मीणा को ACJM की मनोहरथाना की निचली अदालत से बरी कर दिया था। अब अपील कोर्ट से सजा हुई है। वर्तमान में राम निवास मेहता जॉइंट सेक्रेटरी गृह हैं। 

ज्ञातव्य है कि कंवर लाल मीणा पर इसके अलावा भी कई तरह के आपराधिक केस चल रहे हैं। 2016 में सुचना एवं रोज़गार अधिकार अभियान यात्रा द्वारा आयोजित संपूर्ण राजस्थन की जवाबदेही यात्रा पर तत्कालीन विधायक कँवर लाल मीना ने बुरी तरह अपने 40 गुंडों के साथ, लाठियों से हमला बोल दिया था और उनके कार्यकर्ता घायल हुए थे। दो साल के आन्दोलन के बाद कंवर लाल मीणा को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया था और हाथों हाथ ज़मानत दे दी गई थी। इस हमले के दो मामले दर्ज हुए थे और दोनों में आरोप पत्र दाखिल हुए। एक मामले की सुनवाई अब मार्च 2021 में हैं। दूसरा मसला अभी तारीखों में पड़ा हुआ है। 2018 में विधान सभा चुनाव के पूर्व में बतौर जनता के बीच अभियान चलाया गया और उसकी सफलता के तहत ही कँवर लाल मीणा को BJP द्वारा टिकट नहीं दिया गया।

MKSS एवं PUCL ने कहा कि हमें खुशी है कि न्याय की जीत हुई है। परंतु साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है की ऐसे अपराधी प्रवृत्ति के नेताओं को तुरंत सजा मिलनी चाहिए, जिससे न्याय का इंकबाल बुलंद हो और आम जनता में अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की ताकत बनी रहे। ऐसे अपराधियों को जनता को भी नकरना चाहिए। 

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