केतन के परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों को पहले से घात लगाकर पकड़ लिया गया और एक कमरे में बंद कर दिया गया। इसके बाद पूरी रात उनके साथ डंडों, बेल्टों और अन्य वस्तुओं से मारपीट की गई। परिवार का दावा है कि केतन को विशेष रूप से निशाना बनाते हुए उसके साथ बेहद क्रूर व्यवहार किया गया।

साभार : द मूकनायक
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सवर्ण समुदाय की नाबालिग लड़की से दोस्ती के आरोप में 18 वर्षीय एक दलित छात्र की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान केतन लाल (18) के रूप में हुई है, जो प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव का निवासी था और कक्षा 12 का छात्र था। केतन के साथ गए उसके मित्र दिवाकर डिमरी (22) को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, केतन की पड़ोसी गांव खोलगढ़ की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती थी। दोनों पिछले लगभग छह महीनों से फोन पर संपर्क में थे। परिजनों का आरोप है कि लड़की के परिवार वाले इस संबंध से इसलिए नाराज थे क्योंकि केतन दलित समुदाय से था।
पुलिस को दी गई शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया है कि लड़की के परिजनों ने उस पर दबाव डालकर रविवार रात केतन को मिलने के लिए अपने गांव बुलाने को मजबूर किया।
रविवार देर रात लगभग 11:30 बजे केतन अपने मित्र दिवाकर के साथ मोटरसाइकिल से खोलगढ़ गांव पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि गांव पहुंचते ही दोनों युवकों को पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पूरी रात दोनों के साथ मारपीट की गई, जिसमें डंडों, बेल्टों और अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया।
परिवार का दावा है कि केतन को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। आरोप है कि उसे गंभीर शारीरिक यातनाएं दी गईं, जिनमें नाखून उखाड़ना, पैरों में कीलें ठोकना और गुप्तांगों पर गंभीर चोट पहुंचाना शामिल था।
परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने ही बाद में उन्हें फोन कर बुलाया और कहा कि वे लड़कों को वहां से ले जाएं। जब केतन के परिजन गांव पहुंचे, तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि मौत से पहले केतन ने अपने पिता को बताया था कि उसे एक पूर्व-नियोजित साजिश के तहत वहां बुलाया गया था।
उसे चौंद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दिवाकर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
केतन के पिता धनपाल लाल ने कहा, "सोमवार सुबह मेरे बेटे के फोन से एक कॉल आई। कॉल करने वाले यशवीर ने पूछा कि केतन कहां है। जब मैंने घर पर देखा तो वह वहां नहीं था। मैंने यह बात यशवीर को बताई, तो उसने कहा कि हमने उसे मार दिया है। बाद में जब मैंने वापस फोन किया, तो किसी ने जवाब नहीं दिया।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई और केतन को इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया कि उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि घटना के बाद लड़की के पिता ने केतन के पिता को फोन कर अपने बेटे को वहां से ले जाने के लिए कहा। सूचना मिलने पर धनपाल मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने केतन को गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ अवस्था में पाया। इसके बाद उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं, दिवाकर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है।
मंगलवार को टिहरी गढ़वाल जिला अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने केतन का पोस्टमॉर्टम किया। पुलिस का कहना है कि चोटों की प्रकृति और गंभीरता का सही आकलन करने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
केतन के गांव के पूर्व प्रधान दिनेश शाह ने कहा कि आरोपियों को कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं था।
उन्होंने कहा, "यदि लड़कों से कोई गलती हुई थी, तो लड़की के परिवार को उनके परिजनों या पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। उन्हें किसी युवक को पीट-पीटकर मार डालने का अधिकार किसने दिया?"
उन्होंने घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
टिहरी गढ़वाल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्वेता चौबे के अनुसार, लड़की का परिवार केतन और उनकी बेटी की दोस्ती से नाराज था। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता ने पहले केतन के पिता से मुलाकात कर अपने बेटे को उनकी बेटी से दूर रहने और उससे बातचीत न करने के लिए समझाने का आग्रह किया था।
एसएसपी ने कहा, "रविवार रात लड़की के पिता और उनके कुछ साथियों ने कथित तौर पर इस घटना को अंजाम दिया। सोमवार को मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लड़की के पिता यशबीर और दादा विद्यादत्त पंवार को गिरफ्तार कर लिया। चोटों की प्रकृति और मौत के सटीक कारणों के संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।"
इस बीच, युवक के परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
घटना के बाद केतन के गांव में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन घनसाली की उप-जिलाधिकारी मंजू राजपूत को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को न्याय तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
Related
पंजाब में फोन चोरी के आरोप में दलित युवकों को खेत में घसीटा गया, अर्धनग्न हालत में घुमाया गया
पंजाब के लुधियाना में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत, परिजनों का आरोप- ‘जानवरों की तरह छोड़ दिया गया’

साभार : द मूकनायक
उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक सवर्ण समुदाय की नाबालिग लड़की से दोस्ती के आरोप में 18 वर्षीय एक दलित छात्र की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान केतन लाल (18) के रूप में हुई है, जो प्रतापनगर ब्लॉक के देवल गांव का निवासी था और कक्षा 12 का छात्र था। केतन के साथ गए उसके मित्र दिवाकर डिमरी (22) को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।
द मूकनायक की रिपोर्ट के अनुसार, केतन की पड़ोसी गांव खोलगढ़ की एक नाबालिग लड़की से दोस्ती थी। दोनों पिछले लगभग छह महीनों से फोन पर संपर्क में थे। परिजनों का आरोप है कि लड़की के परिवार वाले इस संबंध से इसलिए नाराज थे क्योंकि केतन दलित समुदाय से था।
पुलिस को दी गई शिकायत में परिजनों ने आरोप लगाया है कि लड़की के परिजनों ने उस पर दबाव डालकर रविवार रात केतन को मिलने के लिए अपने गांव बुलाने को मजबूर किया।
रविवार देर रात लगभग 11:30 बजे केतन अपने मित्र दिवाकर के साथ मोटरसाइकिल से खोलगढ़ गांव पहुंचा था। परिजनों का आरोप है कि गांव पहुंचते ही दोनों युवकों को पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने पकड़ लिया और एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद पूरी रात दोनों के साथ मारपीट की गई, जिसमें डंडों, बेल्टों और अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल किया गया।
परिवार का दावा है कि केतन को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। आरोप है कि उसे गंभीर शारीरिक यातनाएं दी गईं, जिनमें नाखून उखाड़ना, पैरों में कीलें ठोकना और गुप्तांगों पर गंभीर चोट पहुंचाना शामिल था।
परिजनों के अनुसार, आरोपियों ने ही बाद में उन्हें फोन कर बुलाया और कहा कि वे लड़कों को वहां से ले जाएं। जब केतन के परिजन गांव पहुंचे, तब तक उसकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिवार का कहना है कि मौत से पहले केतन ने अपने पिता को बताया था कि उसे एक पूर्व-नियोजित साजिश के तहत वहां बुलाया गया था।
उसे चौंद स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, दिवाकर को गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया।
केतन के पिता धनपाल लाल ने कहा, "सोमवार सुबह मेरे बेटे के फोन से एक कॉल आई। कॉल करने वाले यशवीर ने पूछा कि केतन कहां है। जब मैंने घर पर देखा तो वह वहां नहीं था। मैंने यह बात यशवीर को बताई, तो उसने कहा कि हमने उसे मार दिया है। बाद में जब मैंने वापस फोन किया, तो किसी ने जवाब नहीं दिया।"
उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी घटना एक सुनियोजित साजिश के तहत अंजाम दी गई और केतन को इतनी बुरी तरह प्रताड़ित किया गया कि उसकी मौत हो गई।
आरोप है कि घटना के बाद लड़की के पिता ने केतन के पिता को फोन कर अपने बेटे को वहां से ले जाने के लिए कहा। सूचना मिलने पर धनपाल मौके पर पहुंचे, जहां उन्होंने केतन को गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ अवस्था में पाया। इसके बाद उसे तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन गंभीर चोटों के कारण डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
वहीं, दिवाकर के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है।
मंगलवार को टिहरी गढ़वाल जिला अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम ने केतन का पोस्टमॉर्टम किया। पुलिस का कहना है कि चोटों की प्रकृति और गंभीरता का सही आकलन करने के लिए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
केतन के गांव के पूर्व प्रधान दिनेश शाह ने कहा कि आरोपियों को कानून अपने हाथ में लेने का कोई अधिकार नहीं था।
उन्होंने कहा, "यदि लड़कों से कोई गलती हुई थी, तो लड़की के परिवार को उनके परिजनों या पुलिस को इसकी सूचना देनी चाहिए थी। उन्हें किसी युवक को पीट-पीटकर मार डालने का अधिकार किसने दिया?"
उन्होंने घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
टिहरी गढ़वाल की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्वेता चौबे के अनुसार, लड़की का परिवार केतन और उनकी बेटी की दोस्ती से नाराज था। उन्होंने बताया कि लड़की के पिता ने पहले केतन के पिता से मुलाकात कर अपने बेटे को उनकी बेटी से दूर रहने और उससे बातचीत न करने के लिए समझाने का आग्रह किया था।
एसएसपी ने कहा, "रविवार रात लड़की के पिता और उनके कुछ साथियों ने कथित तौर पर इस घटना को अंजाम दिया। सोमवार को मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लड़की के पिता यशबीर और दादा विद्यादत्त पंवार को गिरफ्तार कर लिया। चोटों की प्रकृति और मौत के सटीक कारणों के संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।"
इस बीच, युवक के परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया है।
घटना के बाद केतन के गांव में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन घनसाली की उप-जिलाधिकारी मंजू राजपूत को सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, पीड़ित परिवार को न्याय तथा उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
Related
पंजाब में फोन चोरी के आरोप में दलित युवकों को खेत में घसीटा गया, अर्धनग्न हालत में घुमाया गया
पंजाब के लुधियाना में सीवेज टैंक की सफाई के दौरान तीन मजदूरों की मौत, परिजनों का आरोप- ‘जानवरों की तरह छोड़ दिया गया’