तेजस्वी की जनसभा में उमड़ती भीड़ ने उड़ा रखे हैं एनडीए के होश

Written by sabrang india | Published on: October 21, 2020
पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए कुछ ही दिन शेष हैं, ऐसे में राजनेता बड़ी-बड़ी जनसभा कर रहे हैं। एक तरफ राजद नेता और महागठबंधन से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्व यादव की सभा में भारी भीड़ देखने को मिल रही है, वहीं दूसरी ओर जदयू और एनडीए खेमे की जनसभाओं में भीड़ इकट्ठा करना भी चुनौती बन रही है। 



तेजस्वी मंगलवार को भोजपुर जिले की अगिआंव विधानसभा में एक जनसभा को संबोधित करने पहुंचे, जहां उन्होंने महागठबंधन (भाकपा माले) के प्रत्याशी मनोज मंजिल के लिए वोट मांगे। सुबह के 11 बज रहे थे और चारों तरफ नारों की गूंज- इस बार तेज रफ्तार, तेजस्वी सरकार। सभा में भारी भीड़ देख तेजस्वी यादव गदगद नजर आए। लोगों से खचाखच भरा पूरा मैदान पार्टी के झंडों से रंगा नजर आ रहा था। सभा में आए लोगों का उत्साह भी देखते ही बन रहा था। मंच के सामने से हर युवा तेजस्वी को अपने मोबाइल में कैद करना चाहता था।




 
भीड़ से उत्साहित तेजस्वी ने मंगलवार को ट्वीट किया- महागठबंधन की सभाओं में उमड़ रहा जनसैलाब लोगों के लिए भीड़ हो सकती है, लेकिन मेरे लिए यह करोड़ों बिहारवासियों की आकांक्षाएं, सपने और उम्मीदें हैं, जिन्हें हमें पूरा करना है।

इसके साथ ही राजनीतिक पार्टियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि वो अगर अनुभवहीन और नौसिखिया हैं तो एनडीए के नेता बीस-बीस हेलिकॉप्टर से उनका पीछा क्यों कर रहे हैं ? इतना ही नहीं, तेजस्वी ने नीतीश कुमार पर भी हमला बोला और कहा कि वो शारीरिक और मानसिक रूप से थक गये हैं। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बीजेपी के नेता चुनावों में मुद्दे की बात क्यों नहीं करते?

तेजस्वी ने 10 लाख लोगों को सरकारी नौकरी देने के वादे पर नीतीश द्वारा सवाल उठाए जाने पर कहा कि वो बिहार को आगे नहीं बल्कि पीछे ले जाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि, नीति आयोग की रिपोर्ट जो कहती है, उसी के आधार पर हम योजना बना रहे हैं और दावा कर रहे हैं। तेजस्वी आज 12 चुनावी रैलियां करने वाले हैं।

तेजस्वी ने अनुभवहीन कहने पर कहा कि उनका अनुभव 50 साल के बराबर का है। उन्होंने कहा कि पांच साल के कार्यकाल में वो उप मुख्यमंत्री भी रहे और नेता विपक्ष भी। उन्होंने कहा, "1985 में नीतीश जी विधायक बनकर पहली बार आए थे लेकिन 1990 में वो केंद्र में मंत्री बन गए. उनके पास कौन सा अनुभव था? हम तो पांच साल में डिप्टी सीएम और नेता प्रतिपक्ष दोनों हो लिए पांच साल में।"

तेजस्वी ने कहा कि हम तो अकेले हैं लेकिन ये लोग मिले क्यों हैं। उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा पर भी हमला बोला और कहा कि वो बिहार को विशेष राज्य देने की बात तो छोड़िए विशेष पैकेज भी नहीं दिला पाए, उन्होंने पूछा कि पीएम मोदी के ऐलान के बाद भी पैकेज देने की बात क्यों नहीं करते? वो पटना यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी बनाने की बात क्यों नहीं करते? नड्डा जी बाढ़ से हुए नुकसान की बात क्यों नहीं करते? क्यों नहीं बाढ़ से हुए नुकसान के आंकलन के लिए कोई टीम भेजी?

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