आदिवासी
July 27, 2019
नई दिल्ली। आदिवासियों की जमीन के संबंध में 13 फरवरी 2019 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आदिवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता सुकालो गोंड और निवाडा राणा उच्चतम न्यायालय की शरण में पहुंची हैं। दोनों ने कोर्ट से लाखों आदिवासियों को बेदखली के फैसले से सुरक्षित करने की गुहार लगाई है। इन्होंने वाइल्डलाइफ फर्स्ट की अगुवाई में चल रहे मामले में हस्तक्षेप का आवेदन दिया है। दोनों ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार...
July 27, 2019
नई दिल्ली। 13 फरवरी 2019 को वनाश्रितों को लेकर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आदिवासियों और वनाश्रितों से जमीन छिनने का खतरा मंडरा रहा है। इस मामले को लेकर तमाम सामाजिक संगठन सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. 22 जुलाई को, भारत के कम से कम 15 राज्यों में लगभग तीन दर्जन स्थानों पर 25,000 से अधिक लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। लेकिन मीडिया ने इस लोकतांत्रिक विरोध का 'ब्लैक आउट' किया और कोई...
July 26, 2019
लखनऊ। सोनभद्र के घोरावल के उम्भा गांव की घटना के बाद अब वहां एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि अवैध रूप से कब्जाए जाने का मामला भी गरमा गया है। योगी सरकार ने पांच साल से शासन स्तर पर दबी तत्कालीन वन संरक्षक एके जैन की रिपोर्ट का परीक्षण करना शुरू कर दिया है।
सोनभद्र में एक लाख हेक्टेयर से ज्यादा वन भूमि पर अवैध रूप से नेता, अफसर और दबंग काबिज हैं। जिन अफसरों की यहां तैनाती हुई, उनमें से...
July 25, 2019
नई दिल्ली। फॉरेस्ट राइट्स एक्ट 2006 पर आए सुप्रीम कोर्ट के 13 फरवरी के फैसले से लाखों वनाश्रित आदिवासियों पर बेदखली के बादल मंडरा रहे हैं। इस फैसले के बाद एकसाथ विभिन्न संगठनों और लाखों आदिवासियों के विरोध के बाद सुप्रीम कोर्ट ने वन अधिकार अधिनियम से सम्बन्धित मामले को सुनना ज़रूरी समझा और उसपर बड़ी तत्परता के साथ उस आदेश पर रोक लगा दी इस मामले पर आदिवासी भारत महासभा ने वक्तव्य जारी किया है।...
July 24, 2019
नई दिल्ली। आदिवासियों की जमीन के संबंध में 13 फरवरी 2019 को आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आदिवासी मानवाधिकार कार्यकर्ता सुकालो गोंड और निवाडा राणा उच्चतम न्यायालय की शरण में पहुंची हैं। दोनों ने कोर्ट से लाखों आदिवासियों को बेदखली के फैसले से सुरक्षित करने की गुहार लगाई है। इन्होंने वाइल्डलाइफ फर्स्ट की अगुवाई में चल रहे मामले में हस्तक्षेप का आवेदन दिया है।
बता दें कि इस साल 13 फरवरी...
July 24, 2019
सुप्रीम कोर्ट में "वनाधिकार कानून" को लेकर आज पुनः सुनवाई होगी। यह मसला 20 लाख से अधिक आदिवासी व वन में निवासित लोगों के लिए अहम रहेगा। 13 फरवरी को वर्ड वाइल्ड लाइफ एनजीओ की एक याचिका द्वारा सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा गया कि आदिवासियों व वनवासियों को उस जल, जंगल व जमीन से निकाला जाये, यह वहां के जंगल व पशुओं के लिए नुकसानदायक हैं। इसी सुनवाई पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा करीब 20 लाख...
July 23, 2019
ऑल इंडिया यूनियन ऑफ फॉरेस्ट वर्किंग पीपल (AIUFWP) के सैकड़ों सदस्यों और टोंगिया वन गांव के वनवासियों ने 19 जुलाई को, हरिद्वार जिला मुख्यालय के विकास भवन में एक शांतिपूर्ण सभा का आयोजन किया।
इस सभा में हरिपुर टोंगिया, हज़ारा टोंगिया, तीरा टोंगिया, कमला नगर टोंगिया, पुरुषोत्तम नगर टोंगिया, भाटिया नगर टोंगिया के कई पुरुष और महिलाएँ शामिल हुए। वे दोपहर 1 बजे एकत्रित हुए और आदिवासियों व अन्य...
July 23, 2019
आदिवासियों के दमन, शोषण और अन्याय के खिलाफ सोमवार (22 जुलाई) को देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए। मध्य प्रदेश में नर्मदा बचाओ आन्दोलन के समर्थकों ने भी विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया। यह प्रदर्शन मुख्यतौर पर आदिवासी बहुल राज्यों सहित विभिन्न प्रदेशों में हुआ।
इस दौरान प्रदर्शन कारियों द्वारा विज्ञप्ति जारी कर कहा गया कि....
आदिवासी इस देश के एवं प्रदेश के मूल निवासी हैं। पीढ़ियों से हम अपने...
July 22, 2019
आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों पर लगातार हमलों व सरकार की उदासीनता के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ताओं और जन संगठनों ने एक मंच पर आकर देशभर में प्रदर्शन किए। झारखंड के कई जन सगंठनों के प्रतिनिधियों ने एकत्रित होकर खूंटी में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन और देशद्रोह कानून द्वारा दमन का विरोध किया. यह धरना झारखंड जनाधिकार महासभा के तत्वाधान में हुआ, जो कि सामाजिक कार्यकर्ताओं और जन...
July 22, 2019
दिल दहला देने वाले उभा नरसंहार काण्ड़ के बारे में आप जानते हैं। हम आपसे कहना चाहते हैं कि इसे महज कानून व्यवस्था का मामला न बनाइये। दरअसल यह घटना प्रदेश में भूमि सम्बंधों में बड़े बदलाव की मांग करती है। विपक्ष को जमीन के सवाल को हल करने के बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। भूमि आयोग का गठन व भूमि सुधार प्रदेश के लिए बेहद जरूरी है। आप जानते ही हैं कि प्रदेश में जमीन के सवाल के हल के लिए...