आदिवासी
March 29, 2022
मंगलवार को वनाधिकार कानून का मुद्दा लोकसभा में गूंजा। सहारनपुर सांसद हाजी फजलुर्रहमान ने मामला उठाते हुए कहा कि वनाधिकार कानून 2006 बनने के 16 साल बाद भी वन गुर्जरों और टोंगिया ग्रामीणों को उनके हक-हकूक नहीं मिल सके हैं। यह सब भी तब, जब वनों पर निर्भर दलित आदिवासियों और घुमंतू समुदायों (वन गुर्जरों) को ऐतिहासिक अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए भारतीय संसद ने 15 दिसंबर 2006 को सर्वसम्मति से यह (...
March 29, 2022
झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की आड़ में दलित आदिवासी युवकों पर पुलिसिया उत्पीड़न कहर बनकर टूट रहा है। झारखंड के गिरिडीह जिले के आदिवासी युवक भगवान दास किस्कू पर पुलिसिया अत्याचार का मामला सुर्खियों में था ही, कि नया मामला सामने आ गया। भगवान दास किस्कू विस्थापन विरोधी जन विकास आंदोलन से जुड़े थे। वे पारसनाथ धर्मगढ़ रक्षा समिति, शहीद सुंदर मरांडी स्मारक समिति व झारखंड जन संघर्ष मोर्चा से भी जुड़े...
March 26, 2022
23 मार्च (शहीद दिवस) के मौके पर अखिल भारतीय वन-जन श्रमजीवी यूनियन ने नागरिक अधिकार मंच आदि जन-संगठनों के साथ मिलकर सहारनपुर, सोनभद्र और चित्रकूट में कार्यक्रम आयोजित कर, आजादी और शहादत का साझा जश्न मनाया। सहारनपुर में नागरिक अधिकार मंच के बैनर तले आयोजित गोष्ठी में शहीद भगत सिंह के विचारों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया तो सोनभद्र व चित्रकूट में आदिवासी और वनाश्रित समुदाय के लोगों ने जल, जंगल...
March 19, 2022
संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार को राज्यसभा में जनजातीय मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा हुई। वन अधिकार क़ानून 2006 के बावजूद आदिवासियों को सामुदायिक हक नहीं मिलने आदि के सवालों के जवाब में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने विपक्ष को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आदिवासियों के मामलों में संवेदना प्रकट करने से कुछ नहीं होगा बल्कि संवेदनशील होना होगा। यही नहीं, केंद्रीय कानून व न्याय मंत्री किरेन रिजिजू तो...
March 16, 2022
2011 के देशद्रोह मामले में बरी होने के बाद सोरी को अब उनके खिलाफ मामलों में बरी कर दिया गया है।
आदिवासी कार्यकर्ता सोनी सोरी को बरी होने में एक दशक से अधिक समय हो गया है। आखिरकार उन्हें छत्तीसगढ़ की पिछली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शासन में उनके खिलाफ दर्ज सभी मामलों से बरी कर दिया गया है।
"क्या वे 12 साल मुझे वापस कर सकते हैं?" दंतेवाड़ा की एक विशेष अदालत...
March 7, 2022
ब्रिटिश सरकार के शिकंजे से जो आदिवासी समाज मुक्त रहा उसे आजादी के बाद व्यवस्था ने जकङ लिया और आजीविका का आधार तथा सम्मान से जीने का अधिकार छिन जाने से उत्पन्न असंतोष ने आदिवासी इलाकों को अशांत बना दिया। जबकि संविधान के पांचवी अनुसूची वाले राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों में शासन और प्रशासन पर नियंत्रण की बात कही गई है। मतलब इन क्षेत्रों में आम सामन्य कानून लागू नहीं होंगे और स्वशासन के लिए ग्राम सभा...
February 25, 2022
चिंतित नागरिकों ने एक ओपन लेटर लिखकर इंगित किया है कि नया प्रावधान वित्तीय सहायता के लाभार्थियों को लूट लेगा
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केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय प्रवासी छात्रवृत्ति (एनओएस) के लिए अपने नए दिशानिर्देशों के साथ अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्रों को चौंका दिया, जो संस्कृति, विरासत, इतिहास और सामाजिक अध्ययन कार्यक्रम के...
February 4, 2022
पुलिस ने झारखंड के आदिवासी कार्यकर्ता को सीआरपीसी कानूनों और अनुच्छेद 22 का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए दो दिन के लिए जेल में रखा
अधिकार संगठन ह्यूमन राइट्स डिफेंडर्स अलर्ट (एचआरडीए) ने 29 जनवरी, 2022 को झारखंड पुलिस द्वारा आदिवासी मूलवासी विकास मंच के कार्यकर्ता बलदेव मुर्मू के दो दिन के लंबे अपहरण और अवैध हिरासत की जांच की मांग की। मुर्मू के परिवार ने हिरासत में यातना की चिंता में...
January 14, 2022
झारखंड के सिमडेगा में एक 60 साल की आदिवासी महिला को उसके पड़ोसियों ने आग के हवाले कर दिया। आरोपियों ने महिला पर जादू-टोने का आरोप लगाते हुए मॉब लिंचिंग की इस घटना को अंजाम दिया।
परिजनों ने महिला को आनन-फानन में शहर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उसे रांची रिम्स रेफर कर दिया गया। महिला की हालत गंभीर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, महिला का शरीर करीब 30 फीसदी तक जल...
January 14, 2022
ये एक सदी पहले के आंकड़े नहीं हैं, बल्कि पिछले एक साल के हैं; दलितों और आदिवासियों के खिलाफ घृणा अपराध आज भी जारी हैं!
एक तरफ सांप्रदायिक हिंसा, तो दूसरी तरफ भारत के दलितों (उत्पीड़ित जातियों) और आदिवासियों के खिलाफ घृणा अपराध 2021 में भी जारी रहे। आज तक के दौर में भी ये अपराध कैसे प्रचलित हैं, इस पर प्रकाश डालने के लिए, CJP ने पहले इन शर्मनाक हमलों की एक सूची बनाई थी। अब, हम एक...