7 दिन में जवाब न दिया तो मोदीजी को यूपी की गोद से उतरना पड़ेगा, नोटिस जारी

Published on: February 20, 2017
लखनऊ। खुद को यूपी का गोद लिया बेटा बताए जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार चर्चाओं में बने हुए हैं। तमाम नेताओं और सोशल मीडिया पर खासी किरकिरी के बाद अब उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने शनिवार को पीएम नरेंद्र मोदी को नोटिस भेजा है। इसमें पूछा गया है पीएम आयोग को बताएं की उनको किसने गोद लिया है? इस सवाल का जवाब उन्हें सात दिन में देना होगा। आयोग ने कहा है की अगर वह इस सवाल का जवाब नहीं दे पाएं तो यूपी की जनता से माफ़ी मांगें।





 
दरअसल आयोग ने पीएम मोदी के उस बयान को संज्ञान में लिया है जिसमें उन्होंने कहा था की उत्तर प्रदेश की जनता ने उनको गोद लिया है यह बयान पीएम मोदी ने 16 फरवरी को बाराबंकी में जनसभा में कही थी।
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पत्रिका के अनुसार, उत्तर प्रदेश बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य नाहिद लारी खान ने बताया की नोटिस पीएम मोदी जी को भेज दिया गया है। इस नोटिस के जरिये उनसे पूछा गया है की उनको गोद यूपी में किसने लिया है? वह आयोग को गोद लेने वाला कारा संस्था का सर्टिफिकेट दिखाएं। अगर उन्होंने सात दिन में जवाब आयोग को नहीं दिया तो उनका अडॉप्शन निरस्त कर दिया जाएगा।
 
नाहिद लारी खान का कहना है की उन्होंने पीएम बनने के लिए संविधान की रक्षा के लिए शपथ ली थी। मगर उन्होंने गोद लेने जैसे जुमले बोल कर गरीब और अनाथ बच्चों का मज़ाक उड़ाया है। उन्होंने बताया की आज हज़ारों अनाथ बच्चे माता-पिता की गोद के लिए तरस रहे हैं और कई निसंतान अभिभावक अपनी कोख भरने के लिए कारा की लाइन में लगे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री जी का यह बयान बेहद दुखद है।

 

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