मंगलवार को छत्तीसगढ के कचहरी चौक स्थित कृष्णा कॉलेक्स में वर्तमान परिदृश्य और मीडिया की जिम्मेदारी विषय पर परिचर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान वरिष्ठ पत्रकार ओम थानवी ने कार्यक्रम में अपने विचार रखे। पुलवामा हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बने हालात पर थानवी ने कहा कि भारतीय मीडिया ने युद्ध जैसा माहौल बनाया है। हमें समझना होगा कि युद्ध बच्चों का खेल नहीं है और न ही युद्ध से कश्मीर या आतंकवाद का हल होगा। पाकिस्तान की हुकूमत में बुराई है, वहां के लोगों में बुराई नहीं है, पाकिस्तान के नेताओं पर फौज सवार है और हमारे यहां फौज पर सफेदनुमा टोपी।

बिना जांच के चलाई खबर
बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुई भारतीय मीडिया ने बिना जांचे लिख दिया कि 350 आतंकी मारे गए, देश ने बदला ले लिया। सरकार ने अभी तक नहीं कहा कि 350 आतंकी मारे हैं और न ही सेना ने कहा की 350 आतंकी मारे गए। गनीमत है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसकी पुष्टि कर बता दिया, वरना 350 का आकंड़ा 450 भी हो सकता था। 40 साल के पत्रकारिता के इतिहास में पहली बार देखने में आया कि मीडिया ने बिना जांच किए इतनी बड़ी खबर चलाई। मीडिया के कई ऐसे नाम हैं जो सवाल करने वालों को सरकार के साथ मिलकर गद्दार घोषित कर देते हैं।
लोग स्वयं करते हैं बखान
थानवी कहते हैं कि इंदिरा ने कभी नहीं कहा, इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा। यह बात तो उनके चमचों द्वारा कही गई थी। लेकिन आज के समय में तो लोग स्वयं ही अपना बखान करने में लग रहते हैं। खालिस्तान का जिक्र करते हुए थानवी ने कहा, वहां के हालात कश्मीर से भी खराब थे लेकिन समाधान हो गया। कश्मीर का भी हल है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार और वरिष्ठ पत्रकार रुचिर गर्ग, नृपेंद्र शर्मा, आशीष तिवारी सहित पत्रकारिता से जुड़े अन्य व्यक्ति भी परिचर्चा में मौजूद रहे।

बिना जांच के चलाई खबर
बालाकोट में एयर स्ट्राइक हुई भारतीय मीडिया ने बिना जांचे लिख दिया कि 350 आतंकी मारे गए, देश ने बदला ले लिया। सरकार ने अभी तक नहीं कहा कि 350 आतंकी मारे हैं और न ही सेना ने कहा की 350 आतंकी मारे गए। गनीमत है कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने इसकी पुष्टि कर बता दिया, वरना 350 का आकंड़ा 450 भी हो सकता था। 40 साल के पत्रकारिता के इतिहास में पहली बार देखने में आया कि मीडिया ने बिना जांच किए इतनी बड़ी खबर चलाई। मीडिया के कई ऐसे नाम हैं जो सवाल करने वालों को सरकार के साथ मिलकर गद्दार घोषित कर देते हैं।
लोग स्वयं करते हैं बखान
थानवी कहते हैं कि इंदिरा ने कभी नहीं कहा, इंदिरा इज इंडिया, इंडिया इज इंदिरा। यह बात तो उनके चमचों द्वारा कही गई थी। लेकिन आज के समय में तो लोग स्वयं ही अपना बखान करने में लग रहते हैं। खालिस्तान का जिक्र करते हुए थानवी ने कहा, वहां के हालात कश्मीर से भी खराब थे लेकिन समाधान हो गया। कश्मीर का भी हल है। मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार और वरिष्ठ पत्रकार रुचिर गर्ग, नृपेंद्र शर्मा, आशीष तिवारी सहित पत्रकारिता से जुड़े अन्य व्यक्ति भी परिचर्चा में मौजूद रहे।