जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने उत्तरी कश्मीर के सीमांत कुपवाड़ा जिले में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भारत में मुसलमानों को मारा जा रहा है और भीड़ पागल कुत्ते की तरह उनके पीछे दौड़ रही है. अब्दुल्ला ने कहा कि आज वो ताकतें हैं जो यहां अमन नहीं चाहती हैं क्योंकि उनका धंधा ही हमारे मरने से चलता है.

उन्होने कहा कि ‘हमने ऐसे भारत का सपना नहीं देखा था जहां मुसलमानों की मॉब लिंचिंग होती हो.’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भारत सभी धर्मों का देश है, चाहे यहां कोई हिंदू हो या मुस्लिम या सिख हो या ईसाई.’ उन्होने कहा कि ‘कुछ ताकतें अभी भी यहां हैं जो नहीं चाहतीं कि कश्मीर घाटी में शांति लौटे. ऐसे लोगों का काम ही हत्याएं करना है.’
आपको बता दें कि गुरुवार को संसद में लिंचिंग मामले पर केंद्र सरकार की तरफ से पहली बार सफाई दी. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा, “ मैं सरकार की तरफ से लिंचिंग की घटनाओं की भर्त्सना और आलोचना करता हूं. ये घटनाएं अफवाहों और संदेह के आधार पर होती हैं. लेकिन राज्य सरकारों की यह जिम्मेदारी है कि वो इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ शख्त और प्रभावी कार्रवाई करें. उन्होंने कहा पहले भी लिंचिंग होती रही है. केन्द्र सरकार की कोशिश भी जारी है लेकिन हिंसा रोकना राज्यों की जिम्मेदारी है. केंद्र ने राज्यों को कई बार निर्देश दिया है.
इसके बाद लिंचिंग मुद्दे पर राजनाथ सिंह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कांग्रेस सांसद लोकसभा से बाहर चले गए. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि मॉब लिंचिंग पर लोकसभा में गृहमंत्री का बयान किसी भी तरह से संतोषजनक नहीं है इसलिए हमने सदन से वॉक आउट किया. यह कोई पिंग-पॉन्ग का कोई खेल नहीं जहां राज्य और केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियां एक दूसरे पर फेंकती रहे.

उन्होने कहा कि ‘हमने ऐसे भारत का सपना नहीं देखा था जहां मुसलमानों की मॉब लिंचिंग होती हो.’ पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भारत सभी धर्मों का देश है, चाहे यहां कोई हिंदू हो या मुस्लिम या सिख हो या ईसाई.’ उन्होने कहा कि ‘कुछ ताकतें अभी भी यहां हैं जो नहीं चाहतीं कि कश्मीर घाटी में शांति लौटे. ऐसे लोगों का काम ही हत्याएं करना है.’
आपको बता दें कि गुरुवार को संसद में लिंचिंग मामले पर केंद्र सरकार की तरफ से पहली बार सफाई दी. केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने संसद में कहा, “ मैं सरकार की तरफ से लिंचिंग की घटनाओं की भर्त्सना और आलोचना करता हूं. ये घटनाएं अफवाहों और संदेह के आधार पर होती हैं. लेकिन राज्य सरकारों की यह जिम्मेदारी है कि वो इस प्रकार की घटनाओं के खिलाफ शख्त और प्रभावी कार्रवाई करें. उन्होंने कहा पहले भी लिंचिंग होती रही है. केन्द्र सरकार की कोशिश भी जारी है लेकिन हिंसा रोकना राज्यों की जिम्मेदारी है. केंद्र ने राज्यों को कई बार निर्देश दिया है.
इसके बाद लिंचिंग मुद्दे पर राजनाथ सिंह के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कांग्रेस सांसद लोकसभा से बाहर चले गए. कांग्रेस नेता शशि थरूर ने कहा कि मॉब लिंचिंग पर लोकसभा में गृहमंत्री का बयान किसी भी तरह से संतोषजनक नहीं है इसलिए हमने सदन से वॉक आउट किया. यह कोई पिंग-पॉन्ग का कोई खेल नहीं जहां राज्य और केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारियां एक दूसरे पर फेंकती रहे.