नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के साथ कथित छेड़छाड़ का मुद्दा उठाया है। न्होंने कहा कि हम एमसीडी चुनाव पेपर बैलेट पर कराने की मांग करते हैं।

अगर पेपर बैलट पर चुनाव कराने के लिए चुनाव को पोस्टपोन करना पड़े तो किया जाना चाहिए। चुनाव पेपर बैलेट पेपर से होना चाहिए इसके अलावा कोई चारा नहीं है।
साथ ही अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि जो मशीन भिंड में पकड़ी गई है इसकी सारी जानकारी चुनाव आयोग सार्वजनिक करें। उन्होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी के जरिए चैलेंज दिया है कि आप कहते हैं कि आपकी ईवीएम को कोई रीड और री-राइट नहीं कर सकता। आप हमें 72 घंटे के लिए मशीन दे दें हम बता देंगे इसमें क्या-क्या हुआ है।राजौरी गार्डन में भी VVPAT मशीन यूपी से मंगाई जा रही है। अरविंद केजरीवाल ने मांग की बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराए जाएं।
केजरीवाल के मुताबिक, भिंड में पकड़ी गई ईवीएम मशीन टेम्पर्ड थी। उनका कहना है, "भिंड भेजी गई ईवीएम मशीन का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के चुनाव में हुआ था। मुझे पता चला है कि चुनाव आयोग ने ये मान लिया गया है। जबकि कानून कहता है कि मशीनों को आप 45 दिन तक हटा नहीं सकते।"
केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, "चुनाव आयोग पर सवाल खड़े होते हैं। चुनाव आयोग सॉफ्टवेयर का नाम बताए। हमने चिट्टी लिखी है कि हमारे पास सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट हैं जो आपको बता देंगे कि इसमें सॉफ्टवेयर कौन सा है। सॉफ्टवेयर में बग भी डाल दिया गया है।"
(संपादनः आदित्य साहू)
Courtesy: National Dastak

अगर पेपर बैलट पर चुनाव कराने के लिए चुनाव को पोस्टपोन करना पड़े तो किया जाना चाहिए। चुनाव पेपर बैलेट पेपर से होना चाहिए इसके अलावा कोई चारा नहीं है।
साथ ही अरविंद केजरीवाल ने मांग की है कि जो मशीन भिंड में पकड़ी गई है इसकी सारी जानकारी चुनाव आयोग सार्वजनिक करें। उन्होंने चुनाव आयोग को चिट्ठी के जरिए चैलेंज दिया है कि आप कहते हैं कि आपकी ईवीएम को कोई रीड और री-राइट नहीं कर सकता। आप हमें 72 घंटे के लिए मशीन दे दें हम बता देंगे इसमें क्या-क्या हुआ है।राजौरी गार्डन में भी VVPAT मशीन यूपी से मंगाई जा रही है। अरविंद केजरीवाल ने मांग की बैलेट पेपर के जरिए चुनाव कराए जाएं।
केजरीवाल के मुताबिक, भिंड में पकड़ी गई ईवीएम मशीन टेम्पर्ड थी। उनका कहना है, "भिंड भेजी गई ईवीएम मशीन का इस्तेमाल उत्तर प्रदेश के चुनाव में हुआ था। मुझे पता चला है कि चुनाव आयोग ने ये मान लिया गया है। जबकि कानून कहता है कि मशीनों को आप 45 दिन तक हटा नहीं सकते।"
केजरीवाल ने चुनाव आयोग पर निशाना साधते हुए कहा, "चुनाव आयोग पर सवाल खड़े होते हैं। चुनाव आयोग सॉफ्टवेयर का नाम बताए। हमने चिट्टी लिखी है कि हमारे पास सॉफ्टवेयर एक्सपर्ट हैं जो आपको बता देंगे कि इसमें सॉफ्टवेयर कौन सा है। सॉफ्टवेयर में बग भी डाल दिया गया है।"
(संपादनः आदित्य साहू)
Courtesy: National Dastak