हर सरपंच को सरकारी आदेश था, अटल अस्थि कलश यात्रा में भेजें 50-50 ग्रामीण

Written by Anuj Shrivastava | Published on: August 24, 2018
छत्तीसगढ़ में बस्तर क्षेत्र के मुख्य कार्यपालन आधिकारी द्वारा जारी किया गया एक आदेश पत्र इन दिनों सामने आया है. इस आदेशपत्र में बस्तर ज़िले की सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच व सचिवों को आदेशित किया गया था कि 23 अगस्त की अटल अस्थि कलश यात्रा में वे अपने-अपने क्षेत्र से 50-50 ग्रामीणों को लेकर आएं.

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सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल सत्ताधारी दल के द्वारा इस तरह किया जाना ठीक नहीं मालूम होता. ये जनता के लिए काम करने वाले सरकारी तंत्र का बेजा इस्तेमाल तो है ही, राजनैतिक स्वार्थ के लिए संवेदना और मानवीय मूल्यों का इस तरह छोटा हो जाना समाज के लिए भी नुकसान का सबब हो सकता है.

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पूर्व प्रधानमन्त्री अटल बिहारी बाजपेई की मृत्यु का शोक पूरे देश ने प्रकट किया फिर वो चाहे विपक्षी पार्टी का ही क्यों न हो. अपने प्रचार का कोई मौका न छोड़ने वाली मोदी सरकार ने पूरे देश में अटल अस्थि कलश यात्रा निकालने का निर्णय लिया. अपने ही नेता की मृत्यु का शोक मनाने में पार्टी कितनी गंभीर है ये अखबार में छपीं अस्थि कलश यात्रा के दौरान ठहाके मारने की तस्वीरें ख़ूब बयान कर रही हैं.

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इस यात्रा में छत्तीसगढ़ बीजेपी के कई बड़े नेता ठहाके मारते दिखाई दिए, अटल जी का अस्थि कलश इस तरह हांथो जा रहा था मनो वो किसी जीते हुए मैच की ट्रौफ़ी हो. खैर हंसना हसाना तो उनकी निजी समझ का मामला है.

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आपको बता दें कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक गांव में मुख्या चौराहे पर अटल चौक बनाने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है. इस अटल चौक के निर्माण का खर्च पंचायत ही वहन करेगी. एक अंदाज़े के अनुसार लगभग 8000 गावों में ये निर्माण कार्य हो भी चुका है.
 

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