प्रवर्तन निदेशालय ने खारिज की UP पुलिस की थ्योरी, कहा-भीम आर्मी-PFI में नहीं कोई संबंध

Written by sabrang india | Published on: October 9, 2020
नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को कहा कि भीम आर्मी और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बीच कोई संबंध नहीं है। साथ ही एजेंसी ने यूपी पुलिस की उस थ्योरी को भी बकवास बताया है जिसमें कहा गया था कि हाथरस दंगे के बाद हिंसा भड़काने के लिए 100 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग हुई। ईडी के इस दावे के बाद यूपी पुलिस के उस दावे पर सवाल खड़े हो गए हैं जिनमें हाथरस मामले की आड़ में दंगे करवाने के पीछे अंतरराष्ट्रीय प्लॉट होने की बात कही जा रही थी।



इससे पहले खबर आई थी कि हाथरस केस के आरोप में पुलिस और एसआईटी को कुछ अहम जानकारी मिली है। यह जानकारी हाथरस केस में विदेशी फंडिंग से जुड़ी है। पुलिस और एसआईटी को फंडिंग मामले में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया और भीम आर्मी के लिंक मिले हैं। यह जानकारी के बाद पुलिस और एसआईटी ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि सफदरजंग अस्पताल से लेकर पीड़िता के गांव तक भीम आर्मी के कार्यकर्ता मौजूद थे। ये कार्यकर्ता अपने को भीम आर्मी का न बताकर आम आदमी बता रहे थे। कहा जा रहा था कि अब ईडी इस मामले में भीम आर्मी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से पूछताछ कर सकती है। लेकिन ईडी ने यूपी पुलिस की थ्योरी को खारिज कर दिया है।

हाथरस पुलिस ने इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी है। इसमें जातीय दंगा भड़काने, राजद्रोह समेत अन्य धाराएं लगाई गई हैं। इसकी जानकारी अधिकारियों ने 5 अक्टूबर को दी थी। दो दिन पुलिस ने केरल के एक पत्रकार और तीन अन्य लोगों पर राजद्रोह का केस लगाया था। इनके PFI के साथ लिंक होने के बात कही गई थी। बीते सोमवार को इन चारों को मथुरा से गिरफ्तार किया गया था। ये सभी दिल्ली से हाथरस जा रहे थे।

इस बीच भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद लगातार यूपी सरकार की आलोचना करते रहे हैं। वो कहते रहे हैं यूपी पुलिस और सरकार झूठा नैरेटिव तैयार कर रही हैं।

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